Russia: रूस से एक बड़ी खबर सामने आई है। यूरोपियन देशो पर शिकंजा कसने के लिए रूस ने एक बड़ा कदम उठाया है। आपको बता दे कि हाल ही में रूस ने बेलारूस के पुर्वी हिस्से पर एक परमाणु क्षमता वाले हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया है। जिसके बाद अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशो में हलचल मच गई है। वही बात अगर रूस के परीक्षण की करें तो ये सीधे तौर पर पश्चिमी देशो के लिए एक संदेश है कि अगर पश्चिमी देशो का हस्तक्षेप बढ़ेगा तो रूस पीछे नही हटेगा। वहीं अब इसपर दुनिया भर में हलचल तेज़ हो गई है। आइए एक नज़र डालते है पूरी खबर पर। अधिक जानकारी के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े।
Russia: जाने क्या है मिसाइल की खासियत
रूस ने बेलारूस के पूर्वी हिस्से में स्थित एक पुराने एयरबेस पर परमाणु क्षमता से लैस हाइपरसोनिक ओरेशनिक मिसाइलें तैनात करने की तैयारी शुरू कर दी है। अमेरिकी रिसर्चर द्वारा जारी की गई सैटेलाइट तस्वीरों में साफ़ दिख रहा है कि इस पूर्व एयरबेस पर तेज़ी से नए सैन्य ढ़ाँचे तैयार किए जा रहे है, जहाँ छिपे हुए लॉन्च पैड, कैमोफ्लाज शेल्टर और हाई-सिक्योरिटी ज़ोन तैयार किए गए हैं। जानकारों की माने तो, ओरेशनिक मिसाइलें हाइपरसोनिक स्पीड पर उड़ान भरने में सक्षम हैं, और अगर ये बेलारूस से लॉन्च होती हैं, तो यूरोप के बड़े हिस्से उसकी रेंज में आ सकते हैं।
जाने क्यो ये परीक्षण चर्चा में
हालांकि, माना जा रहा है कि Russia की यह तैनाती सैन्य ज़रूरत से ज़्यादा एक राजनीतिक संदेश है। यूक्रेन को मिल रहे लगातार NATO देशों का समर्थन और न्यूक्लियर वेपन कंट्रोल समझौते यानि कि न्यू स्टार की समाप्ति से पहले रूस अपनी न्यूक्लियर DITRANCE नीति को और आक्रामक तरीके से दिखाना चाहता है। यानी रूस यह साफ़ कर रहा है कि अगर पश्चिमी देश दबाव बढ़ाते हैं, तो मॉस्को के पास परमाणु ताक़त का विकल्प हमेशा मौजूद है। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ़ यूरोप की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं, बल्कि आने वाले समय में रूस-नाटो टकराव के और गहराने के संकेत भी दे दिए हैं।

संबंधित पोस्ट
India AI Impact Summit 2026: UN प्रमुख ने भारत को बताया मेजबानी के लिए उपयुक्त स्थान
India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर ओवैसी का हमला
India: दुनिया की अगली सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति?