कांडला से उड़ान और अचानक हादसा
मुंबई एयरपोर्ट पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कांडला से उड़ान भरते ही स्पाइसजेट के बॉम्बार्डियर Q400 विमान का एक पहिया हवा में गिर गया। विमान में 75 यात्री सवार थे। यह घटना कांडला एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने तुरंत नोटिस की और पायलट को इसकी जानकारी दी। जैसे ही यह खबर मुंबई एयरपोर्ट तक पहुंची, वहां पर फुल इमरजेंसी घोषित कर दी गई।
मुंबई एयरपोर्ट पर अलर्ट
मुंबई एयरपोर्ट पर इस घटना के बाद सुरक्षा के सारे इंतज़ाम बढ़ा दिए गए। रनवे पर फायर टेंडर्स और रेस्क्यू टीम पूरी तरह अलर्ट पर खड़ी कर दी गईं। यात्रियों के बीच डर और दहशत का माहौल था, लेकिन पायलट ने पूरे संयम और अनुभव के साथ विमान को उड़ान में बनाए रखा। यात्रियों ने भी इस दौरान धैर्य बनाए रखा और सभी की नज़रें सुरक्षित लैंडिंग पर टिकी रहीं।
सुरक्षित लैंडिंग और राहत
कुछ देर की टेंशन के बाद आखिरकार विमान ने मुंबई एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कर ली। सभी 75 यात्री सकुशल बाहर निकले। हादसे के तुरंत बाद यात्रियों को एयरपोर्ट स्टाफ की मदद से बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे हादसे में किसी को भी चोट नहीं लगी। विमान के ग्राउंड होने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली और पायलट व क्रू मेंबर्स की सूझबूझ की सराहना की।
DGCA की जांच और विशेषज्ञों की राय
घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने विमान को तुरंत ग्राउंड कर दिया और जांच शुरू कर दी है। DGCA के पूर्व अधिकारियों का कहना है कि यह घटना बेहद गंभीर है। अगर विमान का दूसरा पहिया भी निकल जाता तो यह स्थिति खतरनाक हो सकती थी और बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एयरलाइंस पर लगातार तकनीकी खामियों और रखरखाव की लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए विमान की नियमित और सख्त जांच ज़रूरी है। साथ ही पायलटों और तकनीकी स्टाफ को ऐसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए लगातार प्रशिक्षित करना होगा।

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