Mahakal Temple Stampede
Mahakal Temple Stampede: उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए लगी कतार में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास बैरिकेडिंग के अंदर डीपी के समीप करंट फैलने की अफवाह के बाद श्रद्धालुओं में अचानक भगदड़ मच गई। इस दौरान कई श्रद्धालु घायल हो गए। घटना के बाद घायलों को इलाज के लिए चरक अस्पताल ले जाया गया। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और कुछ समय बाद दर्शन व्यवस्था फिर से सुचारू कर दी गई।
बैरिकेड से टकराने और दबने से श्रद्धालुओं को चोट
भगदड़ के दौरान कई श्रद्धालुओं को चोटें आई हैं। हरिश्चंद्र नाम के श्रद्धालु के पैरों में बैरिकेड से टकराने के कारण गंभीर चोट आई। घायलों में उज्जैन के अलावा ग्वालियर, गंजबासौदा, दरभंगा और गुजरात के श्रद्धालु भी शामिल बताए गए हैं। घायलों का चरक अस्पताल में उपचार जारी है। प्रशासन ने घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। फिलहाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना ने महाकाल मंदिर में भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित ने बताई भगदड़ की पूरी कहानी
घटना में घायल सागर ने बताया कि वह रात करीब 1 बजे श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए कतार में लगा था। कई घंटे का सफर तय करके उज्जैन पहुंचने के बाद उसे करीब दो घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा। आरती के समय श्रद्धालुओं को रोक दिया गया था। इसके बाद अचानक गेट खोले गए और भीड़ आगे बढ़ने लगी। इसी दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पीड़ित के मुताबिक टेंट और बैरिकेडिंग भी गिर गई, जिसके नीचे उसके दोनों पैर फंस गए। काफी मशक्कत के बाद वह एक पैर निकाल पाया, जबकि दूसरे पैर में गंभीर चोट आई।
मदद मिलने में देरी का आरोप
घायल सागर की मां मीनू ने आरोप लगाया कि भगदड़ के बाद उनके बेटे को तत्काल मदद नहीं मिली। सागर के मुताबिक वह करीब आधे घंटे तक सड़क पर पड़ा रहा और पुलिसकर्मियों से मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली। बाद में एक बाहरी व्यक्ति ने उसकी मदद की और उसे हरसिद्धि मंदिर के पास बने हेल्थ कैंप तक पहुंचाया। इसके करीब आधे घंटे बाद एंबुलेंस आई और उसे अस्पताल ले जाया गया। पीड़ित परिवार ने मंदिर की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
VIP दर्शन को लेकर भी उठे सवाल
घटना के बाद श्रद्धालुओं ने महाकाल मंदिर की दर्शन व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। पीड़ित ने दावा किया कि VIP दर्शन के लिए अलग व्यवस्था की जा रही थी, जबकि सामान्य श्रद्धालुओं को लंबी कतार में घंटों इंतजार करना पड़ रहा था। उसका कहना है कि सामान्य दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को कई घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा। हालांकि, करंट फैलने की अफवाह की वास्तविकता और भगदड़ के कारणों की आधिकारिक जांच अभी जरूरी है। पुलिस-प्रशासन ने स्थिति संभाल ली है और फिलहाल दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है।