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  • बच्चों की सुरक्षा में बड़ा कदम कर्नाटक, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कोल्ड्रिफ सिरप पर प्रतिबंध

    बच्चों की सुरक्षा में बड़ा कदम कर्नाटक, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कोल्ड्रिफ सिरप पर प्रतिबंध

    देश में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर खबर सामने आई है। कर्नाटक, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कोल्ड्रिफ दवा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन तीन राज्यों के साथ अब कुल आठ राज्य ऐसे हो गए हैं, जिन्होंने इस कफ सिरप पर प्रतिबंध लगाया है। यह कदम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और इससे होने वाली मौतों को रोकने के लिए उठाया गया है।

    कोल्ड्रिफ सिरप से जुड़ी घटनाएँ
    हाल ही में इस सिरप के कारण कई बच्चों की मौतें हुई हैं, जिससे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने तत्काल कदम उठाने का निर्णय लिया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिरप बच्चों के लिए खतरनाक है और इसके सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों और औषधि नियंत्रण अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई।

    सरकार की आपातकालीन बैठक और निर्णय
    इस बैठक का उद्देश्य देशभर में दवा की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बच्चों के स्वास्थ्य को जोखिम से बचाना था। बैठक में विशेषज्ञों और अधिकारियों ने यह तय किया कि कोल्ड्रिफ दवा पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए। यह निर्णय बच्चों की जान बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसे पूरे देश में समान रूप से लागू किया जाएगा।

    अभिभावकों के लिए चेतावनी
    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे इस सिरप का उपयोग तुरंत बंद करें। अपने बच्चों को केवल सुरक्षित और प्रमाणित दवाएँ ही दें। माता-पिता को सलाह दी जा रही है कि वे किसी भी संदेहास्पद दवा का प्रयोग न करें और अपने बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। यह कदम बच्चों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है।

    देशभर में लागू होने वाला प्रतिबंध
    कोल्ड्रिफ दवा पर यह प्रतिबंध केवल कुछ राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय पूरे देश में समान रूप से लागू किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी बच्चे की जान खतरे में न पड़े और सभी परिवार सुरक्षित रहें। स्वास्थ्य अधिकारियों को भी सतर्क रहने और इस दवा की बिक्री तथा उपयोग पर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।

  • देशभर में सक्रिय मॉनसून, दिल्ली-NCR में येलो अलर्ट और तेज बारिश की चेतावनी

    देशभर में सक्रिय मॉनसून, दिल्ली-NCR में येलो अलर्ट और तेज बारिश की चेतावनी

    देशभर में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से सक्रिय हो गया है और लगभग पूरे भारत को कवर कर चुका है। दिल्ली-NCR में भी मॉनसून ने आधिकारिक रूप से दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने यहां येलो अलर्ट जारी किया है, जिसका अर्थ है कि मौसम में अचानक बदलाव हो सकता है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।

    दिल्ली में 5 जुलाई तक रहेगा बारिश और नमी का दौर

    मौसम विभाग के मुताबिक, 30 जून से 5 जुलाई तक दिल्ली-NCR में मौसम नमी से भरा रहेगा और बादल छाए रहेंगे। 1 और 2 जुलाई को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है जबकि 3 से 5 जुलाई के बीच गरज के साथ तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। इस दौरान अधिकतम तापमान 32–34°C और न्यूनतम तापमान 25–27°C के बीच रह सकता है।

    उत्तर भारत में तेज बारिश का पूर्वानुमान

    उत्तर भारत के हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अगले 6 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी है। 30 जून और 1 जुलाई को उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश की संभावना है। पंजाब, हरियाणा और हिमाचल में 30 जून को भी भारी बारिश हो सकती है।

    झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ में बारिश का जोर

    पूर्वी भारत में झारखंड, बिहार और ओडिशा समेत छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में 30 जून से 6 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कई स्थानों पर 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में 1 और 4 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

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    दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भी भारी वर्षा का अनुमान

    दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में अगले 7 दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में 2 और 3 जुलाई को तथा 6 जुलाई को बहुत भारी बारिश की चेतावनी है।

    प्रमुख शहरों का मौसम अनुमान

    शहरअधिकतम °Cन्यूनतम °Cमौसम की स्थिति
    दिल्ली3427बादल, गरज-चमक, हल्की से मध्यम बारिश
    मुंबई3027लगातार बारिश, बादल
    कोलकाता3328बादल, दोपहर बाद बारिश
    बेंगलुरु2921ठंडक, हल्की बारिश, बादल
    चेन्नई3728उमस, हल्के बादल, धूप
  • बेंगलुरु में दिल दहला देने वाला मर्डर केस, प्रेमिका को 17 बार चाकू मारकर की हत्या

    बेंगलुरु में दिल दहला देने वाला मर्डर केस, प्रेमिका को 17 बार चाकू मारकर की हत्या

    बेंगलुरु की एक शांत सी शाम उस वक्त चीखों में बदल गई जब IT सेक्टर से जुड़े एक युवा ने अपनी प्रेमिका की बेरहमी से हत्या कर दी। मामला केवल एक मर्डर का नहीं, बल्कि आधुनिक रिश्तों, भरोसे और मानसिक असंतुलन की भयावह तस्वीर बनकर सामने आया है।

    33 वर्षीय महिला हरीनी, जो शादीशुदा थीं और दो बच्चों की मां भी, अपनी प्रेमी यशस (25 वर्ष) के साथ शहर के पोर्न प्रज्ञा लेआउट के एक OYO होटल में ठहरी थीं। जहां किसी बात पर बहस के बाद यशस ने उन्हें चाकू से 17 बार वार कर मौत के घाट उतार दिया। ये मर्डर ना सिर्फ क्रूरता की हदें पार करता है, बल्कि यह भी बताता है कि रिश्तों में जब कड़वाहट जहरीली हो जाए, तो अंजाम कितना खतरनाक हो सकता है।

    प्यार या पागलपन? — होटल के कमरे में कत्ल, आरोपी फरार

    इस खौफनाक मर्डर केस की शुरुआत एक आम होटल बुकिंग से हुई थी। दोनों प्रेमी-पत्नी की तरह होटल में रुके। लेकिन दो दिन बाद जब कमरे का दरवाज़ा नहीं खुला और कोई जवाब नहीं मिला, तो स्टाफ को शक हुआ। जब दरवाज़ा खोला गया तो सामने था – हरीनी का खून से सना शव।

    पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, हत्या शुक्रवार की रात को हुई, लेकिन उसका खुलासा दो दिन बाद रविवार को हुआ। आरोपी यशस मर्डर के बाद होटल से फरार हो गया। पुलिस ने सुब्रमण्यपुरा थाने में केस दर्ज कर लिया है और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के ज़रिए यशस की तलाश की जा रही है।

    हरीनी की हत्या जिस बेरहमी से हुई, उसने बेंगलुरु के नागरिकों को हिला कर रख दिया। 17 बार चाकू मारने की क्रूरता ने यह भी सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह हत्या अचानक हुई या पूरी योजना के साथ अंजाम दी गई?

    रिश्तों में असंतुलन या मानसिक दबाव? – समाज के लिए चेतावनी

    इस केस के सामने आने के बाद समाज में कई सवाल उठ रहे हैं:

    • क्या यह एकतरफा प्रेम का परिणाम था?
    • क्या आरोपी को हरीनी के शादीशुदा होने से आपत्ति थी?
    • क्या मानसिक असंतुलन और असफल संबंधों के बीच इंसान इतना अंधा हो सकता है?

    हरीनी की शादी और बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच इस रिश्ते का होना कई सामाजिक और नैतिक प्रश्न खड़े करता है। साथ ही, इस केस ने यह भी साफ कर दिया कि निजी संबंधों में तनाव और असंतुलन कैसे जानलेवा रूप ले सकते हैं।

    समाज को अब ज़रूरत है रिश्तों की समझ को लेकर ज्यादा सतर्कता और संवेदनशीलता दिखाने की। केवल “प्रेम” कहकर रिश्तों को जस्टीफाई नहीं किया जा सकता, जब तक उसमें भरोसा, सम्मान और संतुलन ना हो।

  • बेंगलुरु भगदड़ कांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, RCB अधिकारी समेत 4 आरोपी गिरफ्तार

    बेंगलुरु भगदड़ कांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, RCB अधिकारी समेत 4 आरोपी गिरफ्तार

    बेंगलुरु भगदड़ मामले में अब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए RCB (रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर) के एक अधिकारी सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।ये घटना उस वक्त हुई थी जब भारी भीड़ के बीच एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान स्थिति बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई।

    क्या है मामला?

    कुछ दिन पहले बेंगलुरु में एक बड़े ब्रांड प्रमोशन इवेंट का आयोजन किया गया था।  जिसमें भारी संख्या में लोग पहुंचे थे।इवेंट में भीड़ नियंत्रण के इंतज़ाम बेहद कमजोर थे और इसी कारण देखते ही देखते अफरा-तफरी मच गई।इस भगदड़ में कई लोग घायल हो गए थे और प्रशासन को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा।

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    RCB अधिकारी पर क्यों गिरी गाज?

    पुलिस जांच में सामने आया कि इवेंट की आयोजन प्रक्रिया में RCB से जुड़े एक अधिकारी की भूमिका संदिग्ध रही।उन पर प्रशासन से बिना उचित अनुमति के कार्यक्रम कराने, भीड़ नियंत्रण में लापरवाही बरतने और आपदा प्रबंधन मानकों का उल्लंघन करने जैसे गंभीर आरोप हैं।

    गिरफ्तार हुए चारों आरोपी कौन?

    पुलिस ने इस मामले में जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें  एक RCB अधिकारी, दो इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी के प्रतिनिधि, और एक स्थानीय आयोजक शामिल है।इन सभी से पूछताछ जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

     सोशल मीडिया पर भी छाया मामला

    घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें भगदड़ और बदइंतज़ामी की झलक साफ़ देखी जा सकती है।लोगों ने आयोजकों की गैर-जिम्मेदाराना हरकतों पर नाराज़गी जताई है।बेंगलुरु जैसे बड़े शहर में इस तरह की घटना ने फिर से ये सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पब्लिक से जुड़े आयोजनों में सुरक्षा और प्लानिंग को लेकर हम अब भी लापरवाह हैं?फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई और कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं।

  • भारत में कोविड-19 मामलों में वृद्धि: स्वास्थ्य मंत्रालय सतर्क

    भारत में कोविड-19 मामलों में वृद्धि: स्वास्थ्य मंत्रालय सतर्क

    स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोविड-19 के सक्रिय मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मंगलवार को सक्रिय मामलों की संख्या 4,000 के पार पहुंच गई, जो तीन दिन पहले 3,000 के स्तर पर थी। पिछले 24 घंटों में 65 नए मामले दर्ज किए गए, जिनमें केरल (1,416), महाराष्ट्र (494), और गुजरात (397) में सबसे अधिक मामले सामने आए। दिल्ली (393), पश्चिम बंगाल (372), कर्नाटक (311), तमिलनाडु (215), और उत्तर प्रदेश (138) में भी तिहरे अंकों में नए मामले दर्ज हुए। इस अवधि में 512 मरीज ठीक हुए या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई।

    कोविड-19 से होने वाली मौतें

    पिछले 24 घंटों में कोविड-19 से पांच मौतें हुईं। केरल में एक 80 वर्षीय पुरुष की मृत्यु हुई, जो गंभीर निमोनिया, तीव्र श्वसन संकट सिंड्रोम, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, और कोरोनरी धमनी रोग से पीड़ित थे। महाराष्ट्र में दो मौतें हुईं, जिनमें एक 70 वर्षीय और एक 73 वर्षीय महिला शामिल थीं, जो मधुमेह और उच्च रक्तचाप से ग्रस्त थीं। तमिलनाडु में एक 69 वर्षीय महिला की मृत्यु हुई, जो टाइप 2 डायबिटीज और पार्किंसंस रोग से पीड़ित थीं। पश्चिम बंगाल में 43 वर्षीय एक महिला की मृत्यु तीव्र कोरोनरी सिंड्रोम, सेप्टिक शॉक, और तीव्र किडनी इंजरी के कारण हुई।

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    राज्यों में कोविड-19 की स्थिति

    केरल, महाराष्ट्र, और गुजरात के अलावा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु, और उत्तर प्रदेश में भी कोविड-19 मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। शनिवार को सक्रिय मामले 3,395 थे, जो सोमवार को बढ़कर 3,961 हो गए, और मंगलवार को 4,000 के पार पहुंच गए। केरल में सबसे अधिक मामले हैं, इसके बाद महाराष्ट्र और दिल्ली का स्थान है। ठंड का मौसम और त्योहारी सीजन इस वृद्धि के प्रमुख कारण हो सकते हैं।

    स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को सतर्क रहने और कोविड-उपयुक्त व्यवहार अपनाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना, और टीकाकरण इस स्थिति से निपटने के लिए महत्वपूर्ण हैं। नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे सावधानी बरतें और स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का पालन करें। मंत्रालय ने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

    आगे की राह

    कोविड-19 की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए टीकाकरण और जागरूकता अभियान तेज किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि सावधानी नहीं बरती गई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं और उपचार शुरू करें।

  • भारत में कोविड-19 मामलों में वृद्धि: ताजा अपडेट और सावधानियां

    भारत में कोविड-19 मामलों में वृद्धि: ताजा अपडेट और सावधानियां

    भारत में कोविड-19 के मामलों में हालिया वृद्धि ने स्वास्थ्य अधिकारियों और जनता का ध्यान आकर्षित किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 31 मई 2025 तक देश में सक्रिय कोविड-19 मामलों की संख्या 3,395 हो गई है। पिछले 24 घंटों में चार मौतें दर्ज की गईं, जो दिल्ली, केरल, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश से थीं। इस दौरान 1,435 मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी दी गई, जो यह दर्शाता है कि उपचार सुविधाएं प्रभावी ढंग से काम कर रही हैं। केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां सक्रिय मामले सबसे ज्यादा हैं।

    महाराष्ट्र और कर्नाटक में स्थिति
    महाराष्ट्र में 467 सक्रिय मामलों के बीच, शनिवार को 68 नए मामले सामने आए। दूसरी ओर, कर्नाटक में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से शांत और सतर्क रहने की अपील की है। राज्य में साल की शुरुआत से अब तक सात कोविड-19 मरीजों की मौत हो चुकी है, जिनमें से छह को अन्य गंभीर बीमारियां थीं। बेंगलुरु में एक 63 वर्षीय व्यक्ति, जो पूरी तरह टीकाकृत था, की कोविड-19 और अन्य सह-रुग्णताओं (जैसे फुफ्फुसीय टीबी और कैंसर) के कारण मृत्यु हो गई। कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, क्योंकि जून में स्कूल खुलने वाले हैं। स्कूलों से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सावधानी बरतने को कहा गया है।

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    दिल्ली में कोविड-19 से मृत्यु
    दिल्ली में शनिवार को कोविड-19 से एक 60 वर्षीय महिला की मृत्यु दर्ज की गई। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, महिला तीव्र आंत्र रुकावट से पीड़ित थी, और कोविड-19 का पता आकस्मिक रूप से चला। यह हाल की वृद्धि के बाद दिल्ली में पहली कोविड-संबंधित मृत्यु थी।

    ओडिशा में नए मामले
    ओडिशा में दो नए कोविड-19 मामले सामने आए, जिसके बाद राज्य में कुल मामले सात हो गए। स्वास्थ्य सचिव अश्वथी एस ने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है और लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की।

    स्वास्थ्य विभाग की सलाह और सावधानियां
    कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने, शारीरिक दूरी बनाए रखने और स्वच्छता का पालन करने की सलाह दी है। विभाग ने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य में पर्याप्त परीक्षण और उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं। लोगों से जिम्मेदार व्यवहार अपनाने और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ सहयोग करने का आग्रह किया गया है।

  • मौसम अलर्ट: भारी बारिश, आंधी और लू की चेतावनी

    मौसम अलर्ट: भारी बारिश, आंधी और लू की चेतावनी

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 से 22 मई 2025 के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाएं, आंधी, बिजली गिरने और लू की चेतावनी जारी की है। मौसम का मिजाज इस समय दो हिस्सों में बंटा हुआ है। जहां दक्षिण भारत में लगातार बारिश हो रही है, वहीं उत्तर भारत में गर्मी और लू का प्रकोप जारी है।

    दक्षिण भारत में भारी बारिश की चेतावनी

    IMD के अनुसार, 17 से 22 मई के बीच केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और आंतरिक कर्नाटक में तेज बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, 19 और 20 मई को कर्नाटक में और 20 मई को लक्षद्वीप में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 17 मई को, जबकि रायलसीमा में 19 और 20 मई को भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव जैसी स्थिति से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में वर्षा का अनुमान

    पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 17 से 21 मई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। त्रिपुरा में 17 और 18 मई को तेज वर्षा हो सकती है। इसके साथ ही, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 17 से 20 मई तक और गंगीय पश्चिम बंगाल व बिहार में 18 मई को भारी बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों में भूस्खलन और नदी के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए सतर्कता बरतने की जरूरत है।

    आंधी-तूफान और तेज हवाओं का खतरा

    IMD ने कोंकण और गोवा में 19 से 21 मई के दौरान 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है, जो 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। मध्य महाराष्ट्र में 20 और 21 मई को तेज आंधी और भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में पेड़ गिरने, बिजली लाइनों को नुकसान और यातायात बाधित होने की आशंका है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

    उत्तर भारत में लू का प्रकोप

    उत्तर भारत के जम्मू-कश्मीर, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान और उत्तरी मध्य प्रदेश में 17 से 22 मई के बीच लू चलने की संभावना है। बिहार और ओडिशा में 16 और 17 मई को गर्म और आर्द्र मौसम बना रह सकता है। गर्मी से बचने के लिए लोगों को अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

    सावधानी और तैयारी जरूरी

    देश में मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए आम जनता को सतर्क रहने की जरूरत है। दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और आंधी-तूफान से बचाव के लिए घरों की मरम्मत, नालियों की सफाई और आपातकालीन किट तैयार रखें। उत्तर भारत में लू से बचने के लिए हाइड्रेशन और ठंडे स्थानों पर रहने को प्राथमिकता दें। IMD द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखें।