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  • Delhi: कुत्ता हुआ हमलावर! 6 साल के बच्चे के कटे कान

    Delhi: कुत्ता हुआ हमलावर! 6 साल के बच्चे के कटे कान

    Delhi: दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आई है। पश्चिमी दिल्ली के प्रेम नगर ईलाके में एक कुत्ते ने बच्चे पर हमला कर दिया है। खबर है कि कुत्ते द्वारा इस हमले में बच्चे का दाहिना कान कट गया। जिसके बाद पूरे इलाके और आस पड़ोस में हड़कंप मच गया। बता दे कि सोसाइटी में रहने वाले अल्य लोगों ने इस हमलावर कुत्ते की पहले भी उसके मालिक से शिकायत की थी। आइए एक नज़र डालते है पूरी खबर पर। पूरी जानाकारी के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े।

    Delhi: जाने क्या है पूरा मामला

    जानकारी के लिए बता दे कि मामला रविवार करीब शाम 5 बजे का जब, पड़ोस में रहने वाले राजेश पाल के पिटबुल ने छह साल के मासूम बच्चे पर अचानक हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे के चेहरे पर पकड़ बनाई और उसे घसीटते हुए गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिसमें उसका दाहिना कान तक क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं हमले के बाद मासूम को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहाँ उसका इलाज चल रहा है।

    पुलिस ने लिया ये एक्शन

    वहीं Delhi से इस खबर के सामने आते ही लोगों के बीच आक्रोश बढ़ गया है। लोग पेट लवर्स को लापरवाही ना करने की हिदायत दे रहे है। साथ ही ये खबर पूरे सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई है। वहीं बात अगर इस घटना की करे तो, इसी बीच पुलिस ने कुत्ते के मालिक राजेश पाल को लापरवाही से खतरनाक जानवर रखने और आसपास के लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। अब देखना ये होगा कि इस मामले में अब आगे क्या एक्शन लिया जाता है।

  • Delhi: दिल्ली में मिलेगा 5 रूपय में खाना, Rekha Gupta ने दिया बड़ा तोहफा!

    Delhi: दिल्ली में मिलेगा 5 रूपय में खाना, Rekha Gupta ने दिया बड़ा तोहफा!

    Delhi: दिल्ली में नए सरकार यानी कि बीजेपी सरकार के गठन के लगभग एक साल पूरे होने जा रहे है। वही चुनाव के दौरान किए गए कई वादों को पूरा किया गया। अब इसी बीच दिल्ली की Rekha Gupta सरकार ने सबसे महत्वपूर्ण वादों में से एक पर मुहर लगा दी है। जानकारी के लिए बता दे कि अब दिल्ली में सिर्फ 5 रूपय में भर पेट खाना दिया जाएगा। आइए जानते है क्या है पूरी खबर। पूरी जानकारी के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़े।

    Rekha Gupta: गुणवत्ता का रखा जा रहा पूरा ध्यान

    जानकारी के लिए बता दे कि Delhi की रेखा गुप्ता सरकान ने नई कैंटीन की शुरुआत की है। बता दे कि दिल्ली की संजय बस्ती में अब मजदूरों और गरीब परिवारों को सिर्फ ₹5 में भरपेट खाना मिल रहा है। यहां खुले नए कैंटीन में दाल, चावल रोटी और सब्ज़ी दिन में दो बार परोसी जा रही है। इस कैंटीन से हर रोज़ लगभग 1000 लोगों का पेट भरा जा रहा है। वहीं इसके अलावा भोजन की गुषवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। बात अगर साफ़-सफ़ाई और गुणवत्ता की करें तो निगरानी के लिए यहां सीसीटीवी कैमरे, डिजिटल टोकन सिस्टम और एफएसएसएआई (FSSAI) मानकों के अनुसार भोजन तैयार किया जा रहा है।

    Delhi: इतनी लागत में शुरू हुई मुहीम

    दिल्ली सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस मुहीम का लोगो ने दिल से स्वागत किया है। इसके अलावा कैंटीन में भोजन लेने आई एक महिला ने कहा, “5 रूपय में पूरा खाना मिल रहा है, इससे बड़ा सहारा हमें क्या चाहिए? घर में कभी गैस नहीं होती, कभी सब्ज़ी महंगी होती है, यहाँ आसानी से पेट भर जाता है। 100 रूपय करोड़ की लागत से शुरू की गई इस परियोजना को Rekha Gupta सरकार फ़िलहाल चुनावी वादे से आगे बढ़ाते हुए एक सामाजिक पहल के रूप में पेश कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं पहले भी अलग नामों से चल चुकी हैं, लेकिन इस बार तकनीकी निगरानी और साफ़-सफ़ाई को प्राथमिकता दी गई है, जो इसे और प्रभावी बना सकता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • दिल्ली कार ब्लास्ट: NIA को मिला उमर का फोन, स्लीपर सेल और सीरियल ब्लास्ट की खतरनाक साजिश बेनकाब!

    दिल्ली कार ब्लास्ट: NIA को मिला उमर का फोन, स्लीपर सेल और सीरियल ब्लास्ट की खतरनाक साजिश बेनकाब!

    10 नवंबर 2025 की शाम दिल्ली के लाल किले के पास उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक चलती कार में जोरदार धमाका हुआ। इस भयावह आतंकी हमले में 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में कार सवार कुख्यात आतंकी डॉ. उमर नबी भी शामिल था। घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने तुरंत मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया। अब जांच ने रफ्तार पकड़ ली है और हर दिन नए-नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।

    आतंकी उमर का फोन बना अहम सबूत

    NIA की टीम को घटनास्थल के आसपास से आतंकी डॉ. उमर नबी का मोबाइल फोन बरामद हुआ है। फॉरेंसिक जांच में इस फोन से जो डेटा निकला है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। पता चला है कि उमर नबी लंबे समय से युवाओं को ब्रेनवॉश कर रहा था। उसने सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए कई लोगों को कट्टरपंथ की राह पर ढकेल दिया था। सबसे खतरनाक खुलासा यह है कि वह देश के विभिन्न हिस्सों में स्लीपर सेल तैयार कर रहा था, जिन्हें एक साथ सक्रिय कर दिल्ली, मुम्बई, बेंगलुरु सहित कई बड़े शहरों में सीरियल ब्लास्ट करने की योजना थी। फोन में मौजूद चैट, ऑडियो क्लिप और वीडियो इस खतरनाक साजिश की तस्दीक कर रहे हैं।

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    नूंह में छापों का दौर जारी

    जांच के दौरान पता चला कि डॉ. उमर नबी हरियाणा के नूंह जिले में लंबे समय तक छिपा रहा था। NIA और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने नूंह की हिदायत कॉलोनी स्थित उस मकान पर देर रात तक छापेमारी की, जहां आतंकी कई दिन ठहरा था। मकान मालिक और पड़ोसियों से पूछताछ की गई। साथ ही इलाके के सभी डायग्नोस्टिक सेंटर्स, मेडिकल स्टोर और दुकानों के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि उमर ने नूंह को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाया था और यहीं से पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करता था।

    आगे और बड़े खुलासे संभव

    फिलहाल NIA की टीमें दिन-रात एक करके जांच में जुटी हैं। आतंकी उमर के कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद कई संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। यह मामला सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है बल्कि देशव्यापी आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है।

    राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह जांच बेहद अहम है। NIA की तेज रफ्तार से उम्मीद है कि जल्द ही पूरी साजिश का पर्दाफाश हो जाएगा और दोषियों को कठोर सजा मिलेगी। देशवासी सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

  • दिल्ली विस्फोट: अमित शाह का कड़ा संकल्प, दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा!

    दिल्ली विस्फोट: अमित शाह का कड़ा संकल्प, दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा!

    10 नवंबर की शाम करीब 6:52 बजे दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के निकट एक हुंडई i-20 कार में भयानक विस्फोट हुआ। इस कायरतापूर्ण हमले में 13 निर्दोष लोगों की दुखद मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास खड़ी कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। यह घटना राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। विस्फोट स्थल पर मलबे और क्षतिग्रस्त वाहनों का दृश्य दिल दहला देने वाला था, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया।

    गृह मंत्री का सख्त रुख

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस हमले की कड़ी निंदा की और स्पष्ट संदेश दिया कि जिम्मेदारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। गुजरात के मेहसाणा जिले के बोरियावी गांव में एक कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “विस्फोट करने वाले और इसके पीछे के सभी लोगों को कानून के शिकंजे में लाकर कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सजा दुनिया को संदेश देगी कि भारत में ऐसे हमलों की सोचने की हिम्मत भी कोई न करे। शाह ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और केंद्र सरकार की पूर्ण प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया।

    त्वरित कार्रवाई और जांच

    विस्फोट के तुरंत बाद अमित शाह ने घटनास्थल का दौरा किया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में ऊर्जा का संचार हुआ। अगले दिन उन्होंने दो महत्वपूर्ण सुरक्षा समीक्षा बैठकें आयोजित कीं, जिसमें गृह सचिव, आईबी प्रमुख, दिल्ली पुलिस आयुक्त और एनआईए महानिदेशक जैसे शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। सरकार ने मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है, जो इसे आतंकवादी हमला मानने का स्पष्ट संकेत है। शाह ने कहा कि जांच एजेंसियां घटना की तह तक जाएंगी और दोषियों को कठोरतम दंड दिलाया जाएगा।

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    आतंकवाद विरोधी संकल्प

    गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद विरोधी संकल्प को दोहराते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में विश्व ने भारत की मजबूत नीति को स्वीकार किया है। यह घटना न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश की सुरक्षा के लिए चुनौती है। केंद्र सरकार हर स्तर पर सतर्क है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उन्नत तकनीक व खुफिया तंत्र को मजबूत कर रही है। यह हमला भारत की एकता पर प्रहार है, लेकिन राष्ट्र की दृढ़ता इसे विफल बनाएगी।

  • दिल्ली लाल किला ब्लास्ट: फिदायीन हमले की आशंका, फरीदाबाद मॉड्यूल से कनेक्शन; 9 मरे, 20+ घायल

    दिल्ली लाल किला ब्लास्ट: फिदायीन हमले की आशंका, फरीदाबाद मॉड्यूल से कनेक्शन; 9 मरे, 20+ घायल

    दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के निकट सोमवार (10 नवंबर 2025) शाम करीब 6:52 बजे हुंडई i20 कार में हुए भीषण धमाके ने पूरे देश को हिला दिया। खुफिया सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को शक है कि यह एक फिदायीन (आत्मघाती) हमला हो सकता है। Media रिपोर्ट्स के हवाले से बताया गया कि विस्फोट फरीदाबाद के हाल ही में पकड़े गए संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा है। इस मॉड्यूल का मुख्य आरोपी डॉक्टर मुजम्मिल शकील की गिरफ्तारी के बाद उसका साथी डॉक्टर मोहम्मद उमर घबरा गया और जानबूझकर विस्फोटक को उड़ा दिया। धमाके में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक घायल हुए। आसपास की 10 से ज्यादा गाड़ियां जलकर खाक हो गईं, मेट्रो स्टेशन के शीशे टूटे और सड़क की लाइटें बुझ गईं। चश्मदीदों ने आग की लपटों को कई फीट ऊंचा बताते हुए दहशत का माहौल वर्णित किया।

    डॉ. मोहम्मद उमर की भूमिका और आत्मघाती साजिश

    खुफिया एजेंसियों का मानना है कि डॉ. मोहम्मद उमर कार में मौजूद था और विस्फोट के दौरान ही उसकी मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज में धमाके से कुछ घंटे पहले उसे उसी कार में अकेले देखा गया। उमर फरीदाबाद मॉड्यूल का अहम सदस्य था, जो पिछले कई महीनों से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ उत्तर भारत में टेरर फंडिंग और हथियार तस्करी के कई केस दर्ज हैं। गिरफ्तारी के डर से उसने दो साथियों के साथ मिलकर यह साजिश रची। कार में डिटोनेटर लगाकर विस्फोट किया गया, जो भीड़भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाने के लिए प्लान किया गया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उमर ने मुजम्मिल शकील की गिरफ्तारी के बाद मॉड्यूल के भंडाफोड़ को रोकने के लिए यह कदम उठाया।

    विस्फोटक का प्रकार: ANFO या नाइट्रेट्स का इस्तेमाल

    एनएसजी और फोरेंसिक टीमों ने मौके से विस्फोटक अवशेष बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इसमें अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑयल (ANFO) या नाइट्रेट्स, TNT जैसे पदार्थों का उपयोग हुआ, जो औद्योगिक ब्लास्ट में आम हैं। यह धमाका फरीदाबाद ऑपरेशन से ठीक घंटों बाद हुआ, जहां पुलिस ने 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट और 2,500 किलो विस्फोटक केमिकल जब्त किए थे। यह मॉड्यूल प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ा था और दिल्ली में बड़े हमलों की साजिश रच रहा था। कार में मिली जली हुई लाश का डीएनए टेस्ट होगा ताकि पुष्टि हो सके कि वह उमर की ही है।

    कार का कनेक्शन: पुलवामा से फरीदाबाद तक का चेन

    जांच में सामने आया कि कार जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी तारिक के नाम पर रजिस्टर्ड थी, जिसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। तारिक का फरीदाबाद मॉड्यूल से संभावित लिंक जांचा जा रहा है। रिकॉर्ड्स से पता चला कि i20 पहले मोहम्मद सलमान से नादिम को, फिर फरीदाबाद के सेकंड-हैंड डीलर ‘रॉयल कार जोन’ को बिकी, और अंत में तारिक से उमर को पहुंची। यह ट्रांजेक्शन पहचान छिपाने के लिए किए गए लगते हैं। दिल्ली पुलिस ने UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) और विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।

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    सरकारी प्रतिक्रिया और हाई अलर्ट

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने NIA प्रमुख से बात की और NSG, NIA, दिल्ली स्पेशल सेल को निर्देश दिए। दिल्ली की सीमाएं सील, मेट्रो स्टेशन बंद और पूरे एनसीआर में हाई अलर्ट। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोषियों को सजा दिलाने का वादा किया। X पर वायरल वीडियो में धमाके की तीव्रता दिखाई दे रही है, जहां 100 मीटर दूर लोग हिल गए। घायलों को LNJP अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज जारी है।

    आगे की जांच और सुरक्षा उपाय

    NIA ने मामला अपने हाथ में ले लिया है। फोरेंसिक रिपोर्ट से विस्फोटक की पुष्टि और मॉड्यूल के अन्य सदस्यों की तलाश तेज। यह घटना राजधानी की सुरक्षा पर सवाल उठाती है। नागरिकों से अपील: संदिग्ध देखें तो 112 डायल करें। हम लगातार अपडेट ला रहे हैं।

  • दिल्ली: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास भयावह कार विस्फोट, 10 मरे, 26 घायल; अमित शाह मौके पर

    दिल्ली: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास भयावह कार विस्फोट, 10 मरे, 26 घायल; अमित शाह मौके पर

    विस्फोट की भयावहता और तत्काल प्रभाव

    दिल्ली की धड़कन कहे जाने वाले लाल किला क्षेत्र में सोमवार (10 नवंबर 2025) शाम ठीक 6 बजकर 52 मिनट पर एक हुंडई i20 कार में भीषण धमाका हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। कार सुभाष मार्ग पर रेड लाइट पर रुकी थी, जब अचानक उसके पिछले हिस्से से जोरदार विस्फोट हुआ। आग की लपटें दर्जनों फीट ऊंची उठीं और आसपास खड़ी 10 से अधिक गाड़ियां – ऑटो, टैक्सी और निजी वाहन – पलभर में जलकर खाक हो गईं। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 और निकटवर्ती लाल मंदिर के शीशे चटककर बिखर गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके की गूंज चांदनी चौक तक सुनाई दी और धुएं का काला गुबार पूरे क्षेत्र को ढक लिया। अफरा-तफरी में लोग इधर-उधर भागे, दुकानें बंद हो गईं और यातायात ठप पड़ गया।

    हताहतों की दर्दनाक संख्या

    प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भयानक हादसे में कम से कम 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 26 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। मृतकों में राहगीर, दुकानदार और वाहन चालक शामिल हैं। घायलों को तुरंत लोक नायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल ले जाया गया, जहां कई की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। अस्पताल में जले हुए घाव, शॉक और श्वास संबंधी समस्याओं का इलाज चल रहा है। दिल्ली आपदा प्रबंधन ने अतिरिक्त एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम तैनात की है।

    यह भी पढ़ें : दिल्ली: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार विस्फोट, 10 की मौत, 20 घायल; AK-47 खोखा बरामद

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की त्वरित कार्रवाई

    घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले LNJP अस्पताल में घायलों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा की। इसके बाद वे धमाकास्थल पर पहुंचे, जहां दिल्ली पुलिस कमिश्नर के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। शाह ने NIA, NSG और फोरेंसिक टीमों को तत्काल निर्देश दिए कि विस्फोट के हर पहलू की गहन जांच हो। मौके से बरामद 7.62 एमएम AK-47 खोखा ने आतंकी साजिश की आशंका को और गहरा दिया है।

    शीर्ष नेतृत्व की संवेदना

    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा:“दिल्ली में हुए विस्फोट से गहरा दुख पहुंचा। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। एजेंसियां पूरी तत्परता से जांच में जुटी हैं।”
    • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने भी शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
    • अमित शाह ने ट्वीट किया:“शब्दों में बयान नहीं कर सकता कि जिन्होंने अपनों को खोया, उनके दर्द को। मेरी गहरी संवेदना। जांच एजेंसियां दिन-रात काम कर रही हैं।”

    सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल और हाई अलर्ट

    यह घटना देश की राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। लाल किला जैसे प्रतीकात्मक और उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में इस तरह का विस्फोट कैसे हो गया?

    • दिल्ली की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं।
    • हजारों पुलिसकर्मी, NSG कमांडो और डॉग स्क्वायड तैनात।
    • ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी एनालिसिस और वाहन चेकिंग तेज।
    • दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा और मुंबई में हाई अलर्ट

    आगे की जांच और अपील

    NIA ने मामला अपने हाथ में ले लिया है। फोरेंसिक रिपोर्ट में विस्फोटक की प्रकृति (RDX, C4 या गैस?) और AK-47 खोखे की भूमिका स्पष्ट होगी। सरकार ने अभी इसे आतंकी हमला घोषित नहीं किया, लेकिन सभी संकेत सोची-समझी साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं।

    नागरिकों से अपील:

    • संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखे तो तुरंत 112 डायल करें।
    • अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
  • दिल्ली: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार विस्फोट, 10 की मौत, 20 घायल; AK-47 खोखा बरामद

    दिल्ली: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार विस्फोट, 10 की मौत, 20 घायल; AK-47 खोखा बरामद

    घटना का विस्फोटक विवरण

    दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मेट्रो स्टेशन के निकट सोमवार (10 नवंबर 2025) शाम करीब 6 बजकर 55 मिनट पर एक हुंडई i20 कार में भीषण धमाका हुआ। कार धीमी रफ्तार से चल रही थी और सुभाष मार्ग पर रेड लाइट पर रुकी हुई थी, जब अचानक उसके पिछले हिस्से में जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की तीव्रता इतनी थी कि आग की लपटें जमीन से कई फीट ऊंची उठीं और आसपास खड़ी 10 से अधिक गाड़ियां – जिसमें ऑटो रिक्शा, टैक्सी और निजी कारें शामिल थीं – पूरी तरह जलकर राख हो गईं। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 की शीशे की खिड़कियां चटक गईं और टुकड़े बिखर गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धुएं का काला गुबार पूरे इलाके को ढक लिया और धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।

    हताहतों की स्थिति और चिकित्सा सहायता

    प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, इस भयावह हादसे में कम से कम 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में राहगीर, दुकानदार और वाहन चालक शामिल हैं। घायलों को तत्काल लोक नायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल ले जाया गया, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि जले हुए घाव, शॉक और श्वास संबंधी समस्याओं का इलाज चल रहा है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अतिरिक्त एम्बुलेंस और चिकित्सा टीमें तैनात की हैं।

    संदिग्ध सबूत: AK-47 का खोखा बरामद

    मौके से एक महत्वपूर्ण सुराग मिला है – एक 7.62 एमएम कैलिबर का बुलेट खोखा। फोरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह खोखा AK-47 असॉल्ट राइफल का है, जो आमतौर पर आतंकी संगठनों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि गोली धमाके से पहले फायर की गई थी या विस्फोट के दौरान निकली। यह खोज घटना को दुर्घटना से आतंकी साजिश की ओर मोड़ रही है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक लैब टीमें अवशेषों का गहन विश्लेषण कर रही हैं, जिसमें विस्फोटक पदार्थ की पहचान (RDX, C4 या गैस सिलेंडर) शामिल है।

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    जांच एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के प्रमुख से सीधे बातचीत कर पूरी स्थिति की जानकारी ली और उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए। NSG की बम निरोधक दस्ता, NIA की आतंकवाद निरोधी इकाई, दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर इलाके को सील कर चुकी हैं। ड्रोन और सीसीटीवी फुटेज की मदद से संदिग्धों की तलाश की जा रही है। दिल्ली की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं, वाहनों की सघन चेकिंग हो रही है और प्रवेश-निकास पर बैरिकेडिंग लगा दी गई है।

    हाई अलर्ट और राजनीतिक प्रतिक्रिया

    पूरे दिल्ली-एनसीआर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मेट्रो सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित हुईं और यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। सरकार ने अभी तक इसे आधिकारिक रूप से आतंकी हमला घोषित नहीं किया है, लेकिन शुरुआती संकेत – AK-47 खोखा, लक्षित स्थान (लाल किला जैसे प्रतीकात्मक स्थल) और विस्फोट की प्रकृति – सोची-समझी साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को अलर्ट जारी कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने को कहा है।

    आगे की सतर्कता और अपडेट

    यह घटना दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है, खासकर पर्यटन सीजन में। नागरिकों से अनुरोध है कि संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति देखें तो तुरंत 112 पर सूचित करें। हमारी टीम लगातार अपडेट पर नजर रखे हुए है। जैसे ही NIA या फोरेंसिक रिपोर्ट आएगी, आपको तत्काल सूचित किया जाएगा। दिल्लीवासियों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की जाती है।

  • दिल्ली: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में जोरदार विस्फोट, 9 मरे, 25 घायल

    दिल्ली: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में जोरदार विस्फोट, 9 मरे, 25 घायल

    दिल्ली के व्यस्त इलाके में सोमवार शाम करीब 6 बजकर 52 मिनट पर लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के निकट सुभाष मार्ग पर एक हुंडई i20 कार में अचानक जोरदार धमाका हो गया। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़ी कई वाहन, जिसमें ऑटो रिक्शा और अन्य कारें शामिल थीं, पूरी तरह जलकर राख हो गए। धमाके की गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जबकि मेट्रो स्टेशन की खिड़कियां और निकटवर्ती इमारतों के शीशे चटक गए या टूट गए। यह हादसा पुरानी दिल्ली के हृदय स्थल पर हुआ, जहां रोजाना हजारों यात्री और पर्यटक आते-जाते हैं।

    हताहत और राहत कार्य

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस भयावह घटना में कम से कम 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 से 25 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत लोक नायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। मृतकों में स्थानीय दुकानदार, राहगीर और वाहन चालक शामिल हैं। धमाके के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लोग भागते नजर आए और धुएं का गुबार पूरे इलाके को ढक गया।

    जांच एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई

    सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की विशेष इकाइयां, दमकल विभाग की सात गाड़ियां, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया और जांच शुरू कर दी गई। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि विस्फोट कार के अंदर हुआ, संभवतः गैस सिलेंडर या किसी विस्फोटक पदार्थ से। हालांकि, आतंकी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फोरेंसिक विशेषज्ञ अवशेषों का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि विस्फोट के सटीक कारण का पता लगाया जा सके।

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    सरकारी प्रतिक्रिया और हाई अलर्ट

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सभी जांच एजेंसियां दुर्घटना या साजिश की पड़ताल में जुटी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई और अधिकारियों से निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मुंबई में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। मेट्रो सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित हुईं और यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया।

    आगे की अपडेट

    यह घटना दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, खासकर ऐतिहासिक स्थलों के निकट। हमारी टीम लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही कोई नई जानकारी आएगी, आपको तुरंत सूचित किया जाएगा। नागरिकों से अनुरोध है कि संदिग्ध गतिविधि देखें तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

  • आवारा कुत्तों का आतंक खत्म: सुप्रीम कोर्ट का 8 हफ्ते में सफाया आदेश!

    आवारा कुत्तों का आतंक खत्म: सुप्रीम कोर्ट का 8 हफ्ते में सफाया आदेश!

    सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख: सार्वजनिक स्थलों से तत्काल हटाव

    देश में बढ़ते आवारा कुत्तों के खतरे पर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। तीन जजों की पीठ — जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया — ने स्वयं संज्ञान लेते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) सहित सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सख्त निर्देश दिए हैं। स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे जैसे सार्वजनिक स्थलों से आवारा कुत्तों को तत्काल हटाकर डॉग शेल्टर होम में शिफ्ट किया जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन्हें दोबारा उसी जगह नहीं छोड़ा जाएगा। पूरी प्रक्रिया अधिकतम 8 हफ्तों में पूरी होनी चाहिए। यह फैसला दिल्ली में रेबीज से मौतों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है, जहां बच्चों और मरीजों पर हमले बढ़ गए हैं। कोर्ट ने इसे “गंभीर खतरा” माना और त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया।

    फेंसिंग और नोडल अधिकारी: पुनरावृत्ति रोकने की रणनीति

    सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ हटाने तक सीमित नहीं रहकर रोकथाम पर भी फोकस किया। सार्वजनिक स्थलों पर कुत्तों की वापसी रोकने के लिए मजबूत बाड़ (फेंसिंग) लगाई जाए। हर जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त हो, जो इसकी निगरानी करे। कोर्ट ने कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। यह कदम स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और अस्पतालों में मरीजों के इलाज को बाधित होने से बचाएगा। पिछले साल देशभर में 70 लाख से ज्यादा कुत्ते काटने की घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें सैकड़ों मौतें रेबीज से हुईं। कोर्ट ने इसे “जन स्वास्थ्य संकट” करार दिया। MCD और अन्य निकायों को बजट आवंटन और संसाधन जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।

    संयुक्त पेट्रोलिंग और हेल्पलाइन: सड़कों पर भी नियंत्रण

    आवारा कुत्तों का खतरा सिर्फ सार्वजनिक स्थलों तक नहीं, सड़कों और राजमार्गों पर भी है। सुप्रीम कोर्ट ने हर राज्य में संयुक्त पेट्रोलिंग टीम गठित करने का आदेश दिया, जिसमें पशु कल्याण विभाग, पुलिस और नगर निकाय शामिल हों। ये टीमें आवारा कुत्तों व मवेशियों को पकड़कर शेल्टर होम भेजेंगी। हाईवे अथॉरिटी को गश्ती दल तैनात करने और 24×7 हेल्पलाइन नंबर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। लोग कॉल करके सूचना दे सकेंगे। कोर्ट ने कहा कि यह व्यवस्था स्थायी होनी चाहिए। पिछले मामलों में पेट्रोलिंग की कमी से समस्या बढ़ी थी। अब यह मॉडल पूरे देश में लागू होगा, जो दुर्घटनाओं और हमलों को कम करेगा।

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    मुख्य सचिवों की जवाबदेही: हलफनामा और सख्त अनुपालन

    सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को व्यक्तिगत जिम्मेदारी सौंपी है। वे सुनिश्चित करें कि 8 हफ्तों में काम पूरा हो और विस्तृत हलफनामा दाखिल करें। इसमें कार्रवाई, शेल्टर होम की क्षमता, स्टेरलाइजेशन प्रोग्राम और बजट का ब्योरा हो। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अनुपालन न करने पर अवमानना कार्रवाई होगी। यह कदम नौकरशाही की सुस्ती पर लगाम कसेगा। पशु अधिकार कार्यकर्ता स्टेरलाइजेशन पर जोर दे रहे हैं, लेकिन कोर्ट ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी। शेल्टर होम में कुत्तों का टीकाकरण और देखभाल अनिवार्य होगी। यह आदेश ABC (Animal Birth Control) नियमों को मजबूत करेगा।

    जन सुरक्षा की बड़ी जीत: उम्मीद और चुनौतियाँ

    सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। स्कूलों में बच्चे, अस्पतालों में मरीज और सड़कों पर राहगीर अब सुरक्षित महसूस करेंगे। लेकिन चुनौतियां भी हैं — शेल्टर होम की कमी, फंडिंग और जागरूकता। कोर्ट ने स्थानीय निकायों को NGO के साथ मिलकर काम करने को कहा है। स्टेरलाइजेशन और टीकाकरण लंबे समय में समस्या की जड़ खत्म करेंगे। यह आदेश पशु कल्याण और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन बनाता है। अब राज्यों की इच्छाशक्ति पर निर्भर है कि 8 हफ्तों में धरातल पर बदलाव दिखे। देशवासियों को उम्मीद है कि यह फैसला आवारा कुत्तों के आतंक का अंत होगा।

  • दिल्ली में अंबेडकर का अपमान: AAP का बीजेपी पर तीखा प्रहार, स्कूल नाम बदलने का विरोध

    दिल्ली में अंबेडकर का अपमान: AAP का बीजेपी पर तीखा प्रहार, स्कूल नाम बदलने का विरोध

    सौरभ भारद्वाज का धारदार हमला

    नई दिल्ली से एक राजनीतिक भूचाल आ गया है, जहां आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम व सम्मान को ठेस पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाया है। भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि AAP सरकार ने दिल्ली के हर सरकारी दफ्तर में डॉ. अंबेडकर और शहीद भगत सिंह की तस्वीरें लगाने का फैसला लिया है, ताकि उनके आदर्शों को जीवंत रखा जाए। उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा, “बीजेपी नेताओं की तस्वीरों में अब अंबेडकर जी नजर नहीं आते, जो दलित समाज के प्रति उनकी नफरत को उजागर करता है।” यह बयान खिचड़ीपुर के एक स्कूल से जुड़े विवाद के बाद आया, जहां AAP विधायक कुलदीप कुमार ने अंबेडकर के नाम का बोर्ड दोबारा लगवाया। भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर अंबेडकर के अपमान पर केंद्र सरकार की चुप्पी का भी जिक्र किया, जो राजनीतिक बहस को और गरमा रहा है।

    स्कूल नाम परिवर्तन: शर्मनाक कदम या राजनीतिक साजिश?

    विवाद का केंद्र बिंदु दिल्ली का “डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्कूल ऑफ एक्सीलेंस” है, जिसका नाम बीजेपी सरकार ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नाम पर “सीएम श्री स्कूल” कर दिया। सौरभ भारद्वाज ने इसे “अंबेडकर जी के योगदान का अपमान” करार दिया। उन्होंने याद दिलाया कि अंबेडकर एक महान विद्वान थे, जिन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से डिग्रियां हासिल कीं तथा दो डॉक्टरेट प्राप्त किए। “अंबेडकर जी के नाम पर बने स्कूल का नाम बदलना अस्वीकार्य है। अगर नाम बदलना है तो सावरकर के नाम पर नए स्कूल बनाएं, लेकिन अंबेडकर की विरासत को न छेड़ें,” भारद्वाज ने कहा। AAP समर्थकों ने खिचड़ीपुर में प्रदर्शन किया, जहां बोर्ड हटाने का विरोध हुआ। यह घटना AAP के 2022 के फैसले को रेखांकित करती है, जब 31 स्कूलों का नाम अंबेडकर के सम्मान में रखा गया था। अब यह विवाद दलित उत्थान की राजनीति को नई ऊंचाई दे रहा है।

    बीजेपी का पलटवार: राजनीतिक अस्तित्व का सवाल

    बीजेपी ने AAP के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह सब राजनीतिक अस्तित्व बचाने की कोशिश है। दिल्ली बीजेपी प्रमुख वीरेंद्र सच्चदेवा ने प्रेस रिलीज में दावा किया, “AAP ने केवल 31 स्कूलों का नाम अंबेडकर के नाम पर रखा, लेकिन उन्हें दिल्ली बोर्ड से संबद्ध कर बेकार बना दिया।” उन्होंने AAP से पूछा कि दस साल के शासन में दलितों के लिए पांच ठोस कदम बताएं। बीजेपी ने मोदी सरकार के अंबेडकर स्मृति कार्यों का हवाला दिया, जैसे पंचतीर्थ स्थलों का विकास। साथ ही, AAP पर आरोप लगाया कि वे अंबेडकर की तस्वीरें लगाकर वोटबैंक साधते हैं, लेकिन शिक्षा में सुधार नहीं करते। सच्चदेवा ने कहा, “दलित उत्थान तस्वीरों से नहीं, कार्यों से होता है।” यह पलटवार अम्बेडकर जयंती के बाद के विवादों को जोड़ता है, जहां AAP ने बीजेपी पर SC छात्रवृत्ति योजनाओं में विफलता का आरोप लगाया था। राजनीतिक तापमान चढ़ने से दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज हो गई है।

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    अंबेडकर की विरासत: समाज सुधारक से राजनीतिक प्रतीक

    डॉ. बी.आर. अंबेडकर न केवल संविधान के शिल्पकार थे, बल्कि दलितों के अधिकारों के योद्धा। उनकी शिक्षा पर जोर ने लाखों को सशक्त बनाया। AAP का फैसला सरकारी दफ्तरों में उनकी तस्वीरें लगाने का अंबेडकर के समावेशी भारत के सपने को साकार करने की दिशा में कदम है। भारद्वाज ने कहा, “यह विरोध केवल दलित समाज का नहीं, पूरे समाज का है। सरकार को गलती सुधारनी चाहिए।” X (पूर्व ट्विटर) पर #BJPHatesAmbedkar ट्रेंड कर रहा है, जहां AAP कार्यकर्ता प्रदर्शन वीडियो शेयर कर रहे हैं। बीजेपी समर्थक इसे AAP की हताशा बता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद 2025 चुनावों में दलित वोटों को प्रभावित करेगा। अंबेडकर की विरासत आज भी प्रासंगिक है – समानता, शिक्षा और न्याय की। क्या यह बयानबाजी सुधार लाएगी या सिर्फ शोर?

    आगे की राह: संवाद या संघर्ष?

    सौरभ भारद्वाज के बयान ने दिल्ली का राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। केंद्र सरकार और बीजेपी की प्रतिक्रिया का इंतजार है, जो शायद और तीखी होगी। AAP ने सड़क प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं, जबकि बीजेपी शिक्षा सुधारों पर फोकस करने की बात कर रही है। जरूरत है संवाद की – अंबेडकर के नाम को राजनीति से ऊपर उठाकर। सरकार को स्कूल नाम बहाल करने और दलित योजनाओं पर अमल का वादा निभाना चाहिए। यह विवाद हमें याद दिलाता है कि अंबेडकर के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। पूरे देश को सोचना होगा कि क्या हम उनके सपनों को साकार कर पा रहे हैं?