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  • Delhi NCR में कोहरे से परेशान हुए लोग!क कई फ्लाइट हुई कैन्सिल

    Delhi NCR में कोहरे से परेशान हुए लोग!क कई फ्लाइट हुई कैन्सिल

    Delhi NCR: इन दिनो दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण लोगो के लिए जान लेवा बन गया है। इतना ही नही। प्रदूषण की वजह से कई इलोकों में स्कूल बंद कर दिए गए है। साथ ही ऑफिस को हाईब्रीड मोड पर चलाया जा रहा है। वहीं अब बात अगर दिल्ली एनसीआर में रहने वाले लोगो की करें तो इस वक्स दिल्ली एनसीआर में रहने वालो लोगो के लिए चौतरफा आफत बन गया है। जानकारी के लिए बता दे कि दिल्ली एनसीआर में बीते 2 दिन से ठंड बढ़ गई है। जिसके कारण लोगो की परेशानियां बढ़ गई है। वहीं एनसीआर में घने कोहरे ने एक बार फिर हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार को कोहरे की वजह से कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

    Delhi NCR: दिल्ली एनसीआर में छाया रहा धूंध

    शनिवार सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर विज़िबिलिटी बेहद कम दर्ज की गई। कोहरे की मार इतनी ज़्यादा रही कि कुल 129 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इनमें 66 आने वाली फ्लाइट्स और 63 जाने वाली फ्लाइट्स शामिल हैं। एयरपोर्ट टर्मिनलों पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ देखी गई। कई यात्रियों को आख़िरी वक्त पर फ्लाइट कैंसिल होने की जानकारी मिली, तो कई लोग घंटों तक अपने विमान का इंतज़ार करते रहे। इस बीच, दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड यानी DIAL ने बयान जारी कर कहा है कि कोहरे के चलते लो विज़िबिलिटी प्रोसीजर्स लागू किए गए हैं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

    जाने क्या है पूरी खबर

    DIAL के मुताबिक, हालांकि Delhi NCR में कुछ उड़ानें रद्द हुई हैं, लेकिन एयरपोर्ट पर ऑपरेशंस सामान्य रूप से चल रहे हैं और CAT-III सिस्टम से लैस विमानों को प्राथमिकता के आधार पर उड़ान भरने की अनुमति दी जा रही है। मौसम विभाग ने भी आने वाले कुछ दिनों तक सुबह और देर रात के समय घने कोहरे की चेतावनी जारी की है, जिसका सीधा असर हवाई, रेल और सड़क यातायात पर पड़ सकता है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस ज़रूर चेक करें और एयरलाइंस की ओर से जारी एडवाइजरी पर नज़र बनाए रखें।

  • Delhi NCR: एक एक सांस हुई जहरीली! शहर में छाया प्रदूषण

    Delhi NCR: एक एक सांस हुई जहरीली! शहर में छाया प्रदूषण

    Delhi NCR: एक एक सांस हुई जहरीली! शहर में छाया प्रदूषण दिल्ली एनसीआर में हर बीतते दिन के साथ स्थिति बदतर ही होती जा रही है। शनिवार को दिल्ली और आस पास के ईलाके में एक्यूआई इंडेक्स 400 के पार चला गया है। जिसके बाद से ही शहर में ग्रैप 3 लागू कर दिया गया है। आपको बता दे कि एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में रहने वाले लोगों का फेफड़ा इस कदर खराब हो रहा है जैसे प्रतिदिन 5 सिगरेट पीने वालो का होता है। वहीं इसी सिलसिले में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने भी सरकार और विपक्ष को एक साथ मिलकर काम करने की अपील की है। वहीं बात अगर आज की करे तो, एनसीआर में ज़ीरो विजीब्लीटी के चलते लोगो की आवाजाही में भी दिक्कत आ रही है। आइए एक नज़र डालते है पूरी खबर पर। पूरी जानकारी के लिए कबर को अंत तक जरूर पढ़े।

    Delhi NCR: सरकार ने अबतक लिए ये अहम फैसले

    जानकारी के लिए बता दे कि दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण के चलते स्थिती इतनी बदतर हो गई है कि लोगो को सांस लेने की भी दिक्कत आ रही है। वही बत अगर बच्चों की करे तो, बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए बच्चों के स्कूल को भी बंद कर दिया गया है। वहीं क्लास 9वीं से 11वीं तक के बच्चो के लिए हाईब्रीड मोड में क्लास चलाई जा रही है। वहीं इसके अलावा दिल्ली एनसीआर के कई ईलाकों में बीएस 3 और बीएस 4 वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा कर्मचारीयों के लिए एक विशेष आदेश जारी किया गया है। बता दे कि दिल्ली एनसीआर में 50% कर्मचारीयों को वर्क फ्रॉम होम के आदेश दिए गए है।

    जाने क्या है प्रदूषण की मुख्य वजह

    आपको बता दे कि Delhi NCR प्रदूषण के कई कारण है। जैसे की बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही, आस पास के राज्यों में बड़ी संख्या में पराली जलना। मगर इन सब के अलावा एक प्रकृतिक कारण भी है जो दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का एक बड़ा और मुख्य कारण है। आपको बता दे कि दिल्ली इंडो गंगेटिक प्लेन्स पर बसा हुआ है। जिसका मतलब होता है एक ऐसी जगह जहाँ की भूमि समतल है। यही कारण है कि ठंड के समय में हवा की स्पीड में स्थिरता आ जाती है और पॉल्यूशन के पार्टिकल एक जगह पर ही अटके रह जाते है. जिसके कारण पॉल्यूशन बढ़ जाता है। इसके अलावा अभी भारत में बीएस 3 और बीएस 4 वाहनों की आवाजाही होती है जो बड़ी संख्या में वायू को प्रदूषित करने वाले धूएं छोड़ते है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या पैसले लेती है।

  • दिल्ली का प्रदूषण संकट: AQI 655 तक पहुंचा, थरूर का 6 साल पुराना पोस्ट फिर वायरल!

    दिल्ली का प्रदूषण संकट: AQI 655 तक पहुंचा, थरूर का 6 साल पुराना पोस्ट फिर वायरल!

    दिल्ली-एनसीआर में सांस लेना मुश्किल हो गया है, तो इस बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपना 6 साल पुराना सोशल मीडिया पोस्ट दोबारा शेयर कर विडंबना पर तंज कसा। 2019 में थरूर ने एक फोटो पोस्ट की थी, जिसमें लिखा था – “कब तक जिंदगी काटोगे सिगरेट, बीड़ी और सिगार में, कुछ दिन तो गुजारो दिल्ली-एनसीआर में।” इसे दोबारा शेयर करते हुए थरूर ने लिखा, “छह साल की उदासीनता के बाद भी, यह पोस्ट दुखद और निराशाजनक रूप से अभी भी प्रासंगिक है।” दो दिन पहले भी उन्होंने AQI 371 की तस्वीर शेयर की थी। थरूर की यह टिप्पणी सरकारी लापरवाही पर सीधी चोट है, जो प्रदूषण के मौसमी संकट को उजागर करती है। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग इसे हास्य के साथ गंभीर चेतावनी मान रहे हैं। थरूर ने पहले भी दिल्ली के वायु प्रदूषण पर राउंड टेबल आयोजित किए हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

    AQI का हाई अलर्ट: 655 तक पहुंचा, ‘हैजर्डस’ कैटेगरी में दिल्ली

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, 8 नवंबर 2025 सुबह 9 बजे दिल्ली का औसत AQI 335 था, लेकिन सुबह 7:15 बजे यह 655 तक पहुंच गया, जो ‘हैजर्डस’ श्रेणी में आता है। कुछ इलाकों में तो यह 400 के पार चला गया – बवाना में 403, आनंद विहार में 368, रोहिणी में 371, अशोक विहार में 372, ITO में 380। NCR शहरों में भी हाल बेहाल: नोएडा 289, गुरुgram 288, गाजियाबाद 296, फरीदाबाद 295। PM2.5 प्रमुख प्रदूषक बना रहा, जो फेफड़ों को सीधा नुकसान पहुंचाता है। दिवाली के बाद AQI लगातार ‘खराब’ से ‘गंभीर’ के बीच झूल रहा है। तापमान 11 डिग्री सेल्सियस पर लुढ़क गया, जो मौसमी औसत से 3 डिग्री कम है। इससे स्मॉग की परत और गाढ़ी हो गई, विजिबिलिटी घटकर 100 मीटर रह गई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा रोगी घर से बाहर न निकलें।

    सर्दियों का दंश: पराली जलाना और ठंड ने बढ़ाई मुसीबत

    नवंबर का महीना आगे बढ़ने के साथ दिल्लीवासियों के फेफड़ों पर बोझ बढ़ रहा है। पराली जलाने की घटनाएं पंजाब-हरियाणा में सैकड़ों में दर्ज हो रही हैं, जो दिल्ली के AQI में 21.5% योगदान दे रही हैं। ठंडी हवाओं ने प्रदूषकों को नीचे धकेल दिया, जिससे सतह पर स्मॉग की मोटी चादर बिछ गई। परिवहन से 15% PM2.5 आ रहा है, जबकि उद्योग और कंस्ट्रक्शन भी जिम्मेदार। पिछले 24 घंटों में AQI 175 से उछलकर 653 तक पहुंचा। 2022-2024 में 2 लाख से ज्यादा लोग प्रदूषण से अस्पताल पहुंचे। मौसम विभाग का अनुमान है कि 10-12 नवंबर तक ‘बहुत खराब’ श्रेणी बनी रहेगी। सूरज की रोशनी कम होने से विंटर पॉल्यूशन और तीव्र हो जाता है। यह चक्र हर साल दोहराया जा रहा है, लेकिन स्थायी समाधान की कमी से समस्या गंभीर बनी हुई है।

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    सरकारी कदम: ऑफिस टाइमिंग बदली, लेकिन क्या काफी?

    प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर दिल्ली सरकार ने कदम उठाए। 15 नवंबर से 15 फरवरी तक सरकारी दफ्तरों का समय 10 AM से 6:30 PM और MCD का 8:30 AM से 5 PM कर दिया गया, ताकि ट्रैफिक कम हो। GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के तहत निर्माण कार्य रुके, पुराने वाहनों पर पाबंदी लगी। लेकिन आलोचक कहते हैं कि ये अस्थायी उपाय हैं। थरूर जैसे नेता उदासीनता पर सवाल उठा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी सख्ती बरतने को कहा था। अब जरूरत है पराली जलाने पर वैकल्पिक तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा और अंतरराज्यीय समन्वय की। अस्पतालों में सांस की बीमारियों से मरीजों की संख्या बढ़ गई है। क्या इस बार सर्दी के अंत तक सुधार होगा?