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  • बिहार चुनाव 2025: NDA की प्रचंड जीत, 202 सीटें हासिल!

    बिहार चुनाव 2025: NDA की प्रचंड जीत, 202 सीटें हासिल!

    बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 243 सीटों वाली विधानसभा में NDA ने 202 सीटें जीतकर तीन-चौथाई बहुमत हासिल कर लिया। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर सभी सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘डबल इंजन सरकार’ की लोकप्रियता का प्रमाण है।

    पार्टियों का प्रदर्शन

    सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा और 89 पर विजय प्राप्त की। जनता दल (यूनाइटेड) – JDU को 85 सीटें मिलीं। विपक्षी दलों में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को मात्र 25 सीटें, लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) को 19, कांग्रेस को 6 और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को 5 सीटें प्राप्त हुईं।

    हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (HAM) ने 5, राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने 4, जबकि CPI-ML को 2 सीटें मिलीं। इंडियन इलेक्शन पार्टी (IIP), CPI(M) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) को एक-एक सीट पर सफलता मिली। वहीं, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIP) अपना खाता भी नहीं खोल सकीं।

    नेताओं की प्रतिक्रियाएं

    जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पटना स्थित आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। चिराग पासवान अपने नवनिर्वाचित विधायकों के साथ पहुंचे, जबकि JDU के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह भी वहां उपस्थित रहे।

    BJP बिहार अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “राहुल गांधी को अपनी अंतरात्मा में झांकना चाहिए।” उन्होंने हार की वजह विपक्ष की नेतृत्वहीनता बताया। पश्चिम बंगाल BJP नेता दिलीप घोष ने कहा, “बिहार के नतीजों से TMC डरी हुई है, अब बंगाल की बारी है।”

    दिल्ली में BJP मुख्यालय पर जश्न का माहौल रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, “बिहार की जनता ने भारी जीत से गर्दा उड़ा दिया है।” उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे विकास पर विश्वास की जीत बताया।

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    जीत के प्रमुख कारक

    नीतीश कुमार की लोकप्रियता ने निर्णायक भूमिका निभाई। महिलाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर मतदान किया। विशेषकर बुजुर्ग वर्ग, जिनकी पेंशन 400 से बढ़ाकर 1100 रुपये की गई, ने गांव-गांव में NDA का समर्थन किया। यह योजना मतदाताओं में चर्चा का विषय बनी और सीधे वोटों में परिवर्तित हुई।

    कुल मिलाकर, बिहार ने इतिहास रच दिया। NDA ने ‘200 पार’ का लक्ष्य हासिल कर सत्ता में मजबूत वापसी की है। यह जीत विकास, स्थिरता और मोदी-नीतीश की जोड़ी पर जनता के अटूट विश्वास को दर्शाती है।

  • पीएम मोदी की आरा रैली: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कांग्रेस-RJD सदमे में, जंगलराज लौटने नहीं देंगे!

    पीएम मोदी की आरा रैली: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कांग्रेस-RJD सदमे में, जंगलराज लौटने नहीं देंगे!

    ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गूंज: पाकिस्तान-कांग्रेस दोनों सदमे में

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के आरा में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और RJD पर करारा प्रहार किया। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता का जिक्र कर कहा:

    “पाकिस्तान में धमाके हुए, लेकिन कांग्रेस का शाही परिवार सो नहीं सका। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान और कांग्रेस के नामदार दोनों सदमे में हैं।”

    पीएम ने देश की सुरक्षा को मजबूत करने वाली एनडीए सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पूरा देश भारतीय सेना पर गर्व कर रहा है, पर विपक्ष नाखुश है।

    इंडिया गठबंधन का ‘कुर्सी ड्रामा’: बंद कमरे में कट्टा तानने जैसा!

    मोदी ने विपक्षी गठबंधन की अंदरूनी कलह को बेनकाब किया। उन्होंने खुलासा किया:

    “नॉमिनेशन वापसी की आखिरी तारीख से एक दिन पहले बंद दरवाजों में बड़ा ड्रामा हुआ। RJD मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ना नहीं चाहता था। उसने कांग्रेस पर दबाव डालकर अपने नेता को ही सीएम कैंडिडेट घोषित कर दिया — यह तो कांग्रेस पर कट्टा तानने जैसा था!”

    पीएम ने चेताया कि कांग्रेस-RJD में भरोसा खत्म हो चुका है। उनका झगड़ा हर दिन बढ़ रहा है।

    “चुनाव से पहले ही आपस में लड़ रहे हैं, तो सरकार बनने के बाद क्या होगा?”

    ‘जंगलराज’ की वापसी नहीं: नीतीश ने बिहार को अंधेरे से निकाला

    प्रधानमंत्री ने ‘जंगलराज’ का मुद्दा उठाते हुए RJD के शासनकाल को याद दिलाया। उन्होंने कहा:

    “जंगलराज ने बिहार को बंदूक, भ्रष्टाचार और डर में झोंक दिया था। लेकिन नीतीश कुमार और एनडीए ने बिहार को उस अंधकार से बाहर निकाला।”

    मोदी ने विकास, सुशासन और स्थिरता की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार अब विकसित भारत के सपने की ओर बढ़ रहा है, जबकि विपक्ष कुर्सी की लड़ाई में उलझा है।

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    बिहार की जनता का संकल्प: फिर एक बार, एनडीए सरकार!

    रैली के अंत में पीएम ने जोरदार नारा लगवाया:

    “जिन्होंने बिहार को डर और भ्रष्टाचार दिया, वे फिर सत्ता का सपना देख रहे हैं। लेकिन बिहार की जनता एकजुट है — फिर एक बार, एनडीए सरकार!”

    आरा की इस रैली ने एनडीए कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरी। बिहार चुनाव में सुरक्षा, विकास और सुशासन के मुद्दे अब हावी हो रहे हैं। जनता का संदेश साफ है — जंगलराज की वापसी नहीं, एनडीए की विजय निश्चित!

  • कश्मीर पर पीएम मोदी: 1947 में होनी चाहिए थी सख्त कार्रवाई

    कश्मीर पर पीएम मोदी: 1947 में होनी चाहिए थी सख्त कार्रवाई

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में गुजरात की एक जनसभा में कश्मीर मुद्दे को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने 1947 के घटनाक्रम की ओर इशारा करते हुए कहा कि भारत के विभाजन के समय जो निर्णय लिए गए, वे आज भी देश को प्रभावित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि उस समय आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती और देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की सलाह को माना गया होता, तो कश्मीर की स्थिति आज बिल्कुल अलग होती।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि 1947 में जब भारत आज़ाद हुआ, उसी रात कश्मीर पर पहला आतंकवादी हमला हुआ। पाकिस्तान ने ‘मुजाहिद्दीन’ के नाम पर आतंकी भेजकर कश्मीर के एक हिस्से पर कब्जा कर लिया। उन्होंने कहा कि वह हमला न केवल एक क्षेत्रीय संघर्ष था, बल्कि भारत की संप्रभुता पर सीधा हमला था। उस समय इन तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

    सरदार पटेल की चेतावनी को नज़रअंदाज़ किया गया

    पीएम मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल के दृष्टिकोण का ज़िक्र करते हुए कहा कि पटेल की स्पष्ट राय थी कि जब तक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को भारत में वापस नहीं लाया जाता, तब तक सेना को पीछे नहीं हटना चाहिए था। लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उनकी इस राय को दरकिनार कर दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि कश्मीर आज भी आतंकवाद और अलगाववाद से जूझ रहा है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ऐतिहासिक भूल केवल राजनीतिक नहीं थी, बल्कि यह सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी चूक थी, जिसने भारत को दशकों तक अस्थिरता के हवाले कर दिया। उन्होंने इस बात पर भी अफसोस जताया कि कई सरकारें इस मुद्दे पर केवल राजनीतिक फायदा उठाने में लगी रहीं और ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की गई।

    अनुच्छेद 370 हटाने का ऐतिहासिक कदम

    पीएम मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए अनुच्छेद 370 हटाने को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाला अनुच्छेद 370, वहां की अस्थिरता का एक बड़ा कारण था। इसे हटाकर केंद्र सरकार ने न केवल कश्मीर को मुख्यधारा से जोड़ा, बल्कि वहां विकास और निवेश के नए द्वार भी खोले।

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज का भारत पहले जैसा कमजोर नहीं है। भारत अब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है। चाहे ऑपरेशन बालाकोट हो या हाल के सुरक्षा बलों के जवाबी हमले, भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं और नागरिकों की रक्षा के लिए हर कदम उठाने को तैयार है।

    युवाओं को दी प्रेरणा

    पीएम मोदी ने अपने भाषण के अंत में युवाओं से सरदार पटेल जैसे महान नेताओं से प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने की जिम्मेदारी अब नई पीढ़ी के कंधों पर है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि केवल राजनीति से नहीं, बल्कि देशभक्ति और दूरदर्शिता से ही हम एक सशक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं।