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  • उत्तर प्रदेश विधानसभा: मॉनसून सत्र में गोरखपुर विरासत गलियारा पर हंगामा

    उत्तर प्रदेश विधानसभा: मॉनसून सत्र में गोरखपुर विरासत गलियारा पर हंगामा

    मॉनसून सत्र का पहला दिन: गोरखपुर में तनाव

    उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन, 11 अगस्त 2025 को, सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने गोरखपुर में निर्माणाधीन विरासत गलियारा के मुद्दे को उठाया। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर गोरखपुर के व्यापारियों से मिलने की बात कही। पांडेय ने बताया कि व्यापारियों ने अपनी दुकानों को तोड़े जाने और मुआवजे की कमी की शिकायत की थी। हालांकि, इस दौरान उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी हुई, जिसे उन्होंने लोकतंत्र के लिए अनुचित बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की।

    पांडेय का आरोप: पुलिस और कार्यकर्ताओं की बदसलूकी

    माता प्रसाद पांडेय ने सदन में विस्तार से बताया कि गोरखपुर में उनकी गाड़ी को रोका गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस की गाड़ी खराब होने का बहाना बनाकर पीछे रह गई। पांड़े हाता पहुंचने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोका और नारेबाजी की। उनकी गाड़ी का बोनट पीटा गया और फाटक खोलकर खींचने की कोशिश की गई। पांडेय ने कहा कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और बाद में उनके समर्थकों के पहुंचने पर स्थिति को नियंत्रित किया गया। उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया और मुख्यमंत्री से इसकी जांच की मांग की।

    योगी का जवाब: सपा और लोकतंत्र दो अलग-अलग छोर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांडेय के आरोपों का जवाब देते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा और लोकतंत्र नदी के दो अलग-अलग छोर हैं। योगी ने सपा के शासनकाल में कथित अराजकता का जिक्र करते हुए कहा कि गोरखपुर में विरासत गलियारा क्षेत्र के विकास के लिए बनाया जा रहा है, लेकिन सपा इसमें बाधा डाल रही है। उन्होंने दावा किया कि गोरखपुर के व्यापारियों ने ही पांडेय का विरोध किया, क्योंकि सपा के शासन में व्यापारियों से गुंडा टैक्स वसूला जाता था। योगी ने यह भी कहा कि उन्होंने स्वयं विरासत गलियारा का दौरा किया था और व्यापारियों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया था।

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    सपा का विरोध और जांच की मांग

    योगी के जवाब से नाराज सपा सदस्यों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। माता प्रसाद पांडेय ने दोहराया कि पांड़े हाता, जटाशंकर चौराहा और घंटाघर पर हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर वे दोषी हैं तो उन पर कार्रवाई हो, अन्यथा दोषियों को सजा मिले। सपा सदस्यों ने धमकी देने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन लोकतंत्र को बचाना सबकी जिम्मेदारी है।

    विकास बनाम राजनीति

    गोरखपुर का विरासत गलियारा विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तनाव ने विधानसभा में गरमागरम बहस को जन्म दिया। यह घटना न केवल गोरखपुर के व्यापारियों की चिंताओं को उजागर करती है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में विकास और विरोध के बीच के टकराव को भी दर्शाती है।

  • राहुल गांधी के ‘सरेंडर’ बयान पर बीजेपी का तीखा हमला: ऑपरेशन सिंदूर विवाद

    राहुल गांधी के ‘सरेंडर’ बयान पर बीजेपी का तीखा हमला: ऑपरेशन सिंदूर विवाद

    कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को ‘सरेंडर’ कहने वाले बयान ने भारतीय राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। बीजेपी ने इस बयान को सेना का अपमान बताते हुए राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी की गंभीरता और परिपक्वता पर सवाल उठाए, साथ ही उनके बयान को खतरनाक मानसिकता का परिचायक बताया।

    त्रिवेदी ने कहा कि एक ओर भारत का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल, जिसमें कांग्रेस के सांसद भी शामिल हैं, वैश्विक मंचों पर भारत का पक्ष मजबूती से रख रहा है। वहीं, दूसरी ओर राहुल गांधी ‘स्तरहीन और ओछी’ टिप्पणियों के जरिए नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को ‘सरेंडर’ से जोड़कर न केवल अपनी अपरिपक्वता दिखाई, बल्कि भारतीय सेना का अपमान भी किया।” त्रिवेदी ने जोर देकर कहा कि यह बयान इतना गंभीर है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख या किसी आतंकी संगठन ने भी ऐसी बात नहीं कही।

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    बीजेपी सांसद ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या राहुल गांधी का यह बयान सेना का अपमान नहीं है? उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर की घोषणा भारतीय सेना ने की थी, न कि बीजेपी ने। त्रिवेदी ने राहुल गांधी के बयान को राष्ट्र की एकजुटता के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह बयान न केवल राजनीतिक रूप से गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी हानिकारक है।

    इस विवाद ने भारतीय राजनीति में नया तनाव पैदा कर दिया है। जहां बीजेपी ने इसे सेना और देश के सम्मान से जोड़ा, वहीं कांग्रेस के लिए यह बयान एक बड़े विवाद का कारण बन गया है। त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी को अपने शब्दों के लिए जवाब देना होगा, क्योंकि यह बयान भारत की छवि को वैश्विक स्तर पर कमजोर कर सकता है।