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  • ट्रंप के दावों पर कांग्रेस का हमला: मोदी की चुप्पी पर सवाल

    ट्रंप के दावों पर कांग्रेस का हमला: मोदी की चुप्पी पर सवाल

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार यह दावा करने कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोका, भारतीय राजनीति में हलचल मचा दी है। इस बयान पर कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को लेकर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने बीजेपी और पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों से बीजेपी एक फिल्म बना रही थी, जिसे वे ‘मुकद्दर का सिकंदर’ बता रहे थे, लेकिन अब यह ‘नरेंदर का सरेंडर’ बनकर सामने आई है। खेड़ा ने कहा कि बहादुरी कोई इंजेक्शन से नहीं आती, यह चरित्र से प्रकट होती है, और बीजेपी-आरएसएस का इतिहास कायरता से भरा हुआ है।

    ट्रंप के दावों पर सवाल

    पवन खेड़ा ने डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने 12 बार कहा कि उनकी मध्यस्थता के कारण भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध रुका। खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा, “ट्रंप का फोन आया और नरेंद्र मोदी मिमियाते हुए सरेंडर कर गए। 22 दिनों में ट्रंप ने एक दर्जन बार दावा किया कि उन्होंने सीजफायर कराया, लेकिन पीएम मोदी एक बार भी जवाब नहीं दे सके। यह ‘नाम नरेंद्र, काम सरेंडर’ की हकीकत है।” उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं।

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    चीन के मुद्दे पर भी हमला

    कांग्रेस प्रवक्ता ने चीन के मुद्दे पर भी पीएम मोदी को घेरा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार चीन के सामने डरी हुई है। खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा, “अगर आप सचमुच बहादुर हैं, तो चीन से मुकाबले की नीति बनाइए। केवल डायलॉग देने से कुछ नहीं होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी को डायलॉग देने की ट्रेनिंग अभिनेता परेश रावल से मिली है, जिन्हें बीजेपी ने सांसद भी बनाया था। खेड़ा ने विदेश मंत्री एस जयशंकर पर भी कटाक्ष किया, उन्हें “पराजय शंकर” कहकर संबोधित किया और कहा कि वे चुप हैं क्योंकि बोलने पर ट्रोल हो जाते हैं।

    चीन के एयरबेस और सरकार की चुप्पी

    खेड़ा ने चीन द्वारा बांग्लादेश की सीमा के पास एयरबेस बनाने पर भी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां डर से प्रेरित हैं, और डर से कोई मजबूत नीति नहीं बनती। कांग्रेस प्रवक्ता ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह सवालों से डरती है और विपक्ष के सामने आने से बच रही है।

    प्रधानमंत्री सेना नहीं, जवाबदेह नेता

    बीजेपी के इस आरोप कि कांग्रेस सेना का अपमान कर रही है, खेड़ा ने जवाब दिया कि प्रधानमंत्री पर सवाल उठाना सेना पर सवाल उठाने के बराबर नहीं है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री देश के नेता हैं, सेना नहीं। उनसे सवाल पूछना हमारा अधिकार है। अगर हम अपने पीएम से सवाल नहीं पूछेंगे, तो क्या पाकिस्तान से पूछेंगे?”

    विपक्ष से डरती है सरकार

    खेड़ा ने कहा कि विपक्ष संसद के विशेष सत्र की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार डर के मारे इसे बुलाने से कतरा रही है। उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा, “वे विपक्ष से डरते हैं, प्रेस कॉन्फ्रेंस से डरते हैं, और सवालों से डरते हैं, क्योंकि उनके पास सच का सामना करने की हिम्मत नहीं है।”

  • राहुल एनजीओ के लिखे भाषण भी पढ़ते हैं”- अमित शाह का तंज

    राहुल एनजीओ के लिखे भाषण भी पढ़ते हैं”- अमित शाह का तंज

    भारतीय राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार जारी है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी अपने भाषण खुद नहीं लिखते, बल्कि एनजीओ द्वारा तैयार किए गए भाषण पढ़ते हैं।

    अमित शाह ने राहुल गांधी पर क्यों साधा निशाना?

    एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा राहुल गांधी को देश की वास्तविकता से कोई मतलब नहीं है। वह केवल कुछ एनजीओ द्वारा तैयार किए गए भाषण पढ़ते हैं और जनता को गुमराह करने का काम करते हैं।”

    गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बिना तथ्यात्मक आधार के सरकार की नीतियों की आलोचना करते हैं  लेकिन जब उनसे ठोस तर्क मांगे जाते हैं, तो उनके पास कोई जवाब नहीं होता।

    सरकार की नीतियों को लेकर राहुल गांधी की आलोचना

    राहुल गांधी अक्सर मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हैं और हाल ही में उन्होंने अर्थव्यवस्था  बेरोजगारी और लोकतंत्र की स्थिति को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला था। उनका कहना था कि “सरकार केवल उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है और आम जनता को नज़रअंदाज़ कर रही है।”

    बीजेपी का पलटवार

    राहुल गांधी के इन आरोपों का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा,

    “जो लोग खुद जमीनी सच्चाई से कटे हुए हैं, वे देश की प्रगति को नहीं देख सकते। मोदी सरकार ने देश को आर्थिक, सामाजिक और सामरिक रूप से मजबूत किया है, लेकिन कुछ लोग इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।”

    राजनीतिक तकरार जारी

    अमित शाह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में आगामी चुनावों को लेकर माहौल गर्म है। राहुल गांधी लगातार ‘भारत जोड़ो यात्रा’ और अन्य अभियानों के जरिए जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं बीजेपी उनके बयानों को गैर-जिम्मेदाराना और दिशाहीन बताने में जुटी है।

    क्या कहती है जनता?

    इस बयानबाजी के बीच जनता में भी बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोग इसे बीजेपी की राहुल गांधी को कमजोर दिखाने की रणनीति मानते हैं, तो कुछ का कहना है कि राहुल गांधी को अपने भाषणों में ठोस तथ्यों को शामिल करना चाहिए ताकि उनकी आलोचना ज्यादा प्रभावी हो सके। अब देखना होगा कि राहुल गांधी इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और यह राजनीतिक बहस किस ओर जाती है।