Tata Sons AGM Adjourned
Tata Sons AGM Adjourned: टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी Tata Sons की एनुअल जनरल मीटिंग यानी AGM मंगलवार को कोरम पूरा नहीं होने की वजह से स्थगित कर दी गई। यह बैठक दोपहर 2:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑडियो-विजुअल माध्यम से आयोजित होनी थी। हालांकि, जरूरी संख्या में सदस्यों की मौजूदगी नहीं होने के कारण बैठक को आगे बढ़ाना पड़ा। खास बात यह है कि Tata Sons AGM का इस तरह स्थगित होना कंपनी के 100 साल से ज्यादा पुराने इतिहास में बेहद दुर्लभ माना जा रहा है।
जरूरी संख्या में सदस्य नहीं हुए मौजूद
सूत्रों के मुताबिक, टाटा संस के Articles of Association के तहत वैध कोरम के लिए कम से कम पांच सदस्यों की मौजूदगी जरूरी है। इसमें सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट की ओर से संयुक्त रूप से नामित प्रतिनिधि की मौजूदगी भी आवश्यक है। मौजूदा नियामकीय पाबंदियों के कारण SRTT फिलहाल संयुक्त प्रतिनिधि नामित करने की स्थिति में नहीं है। इसी वजह से AGM के लिए जरूरी कोरम पूरा नहीं हो सका और बैठक स्थगित करनी पड़ी।
Maharashtra Charity Commissioner के आदेश का असर
इस पूरे मामले में Maharashtra Charity Commissioner के स्तर पर जारी नियामकीय प्रतिबंध अहम माना जा रहा है। इसी प्रतिबंध के चलते सर रतन टाटा ट्रस्ट के लिए संयुक्त प्रतिनिधि की नियुक्ति में दिक्कत सामने आई है। प्रतिनिधि की अनुपस्थिति का सीधा असर AGM के कोरम पर पड़ा। ऐसे में अब कंपनी के सामने AGM की अगली तारीख और बैठक की प्रक्रिया को लेकर आगे का फैसला करने की चुनौती है। यह घटनाक्रम Tata Sons Corporate Governance को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Tata Sons के इतिहास में क्यों खास है यह घटना?
साल 1917 में स्थापित Tata Sons का कॉर्पोरेट इतिहास 100 साल से ज्यादा पुराना है। कंपनी ने अपने लंबे इतिहास में नियमित सालाना बैठकों और कॉर्पोरेट गवर्नेंस की प्रक्रिया का पालन किया है। यहां तक कि बड़े कॉर्पोरेट विवादों, जिनमें साइरस मिस्त्री से जुड़ा विवाद भी शामिल रहा, के दौरान भी AGM आयोजित होती रही। ऐसे में कोरम पूरा नहीं होने के कारण AGM का स्थगित होना कंपनी के इतिहास की एक असाधारण घटना के तौर पर देखा जा रहा है।
AGM स्थगित होने के बाद क्या होगा?
भारतीय कंपनी कानून के तहत कंपनियों के लिए हर वित्तीय वर्ष के बाद निर्धारित समयसीमा में Annual General Meeting आयोजित करना जरूरी होता है। आम तौर पर AGM को पूरी तरह रद्द करने के बजाय विशेष परिस्थितियों में स्थगित किया जा सकता है। ऐसे में Tata Sons AGM 2026 के स्थगित होने के बाद कंपनी को आगे की प्रक्रिया तय करनी होगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि अगली AGM कब आयोजित की जाती है और संयुक्त प्रतिनिधि को लेकर नियामकीय स्थिति कैसे सुलझती है।