January 23, 2026

भारत को लेकर ट्रंप का बड़ा बयान रूस से तेल खरीद पर आरोप, आयात शुल्क बढ़ाने की चेतावनी

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और 2024 के राष्ट्रपति चुनावों के प्रमुख दावेदार डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत पर तीखा हमला किया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट के ज़रिए भारत पर रूस-यूक्रेन युद्ध से फायदा उठाने का आरोप लगाया है।उन्होंने कहा कि भारत रूस से सस्ता तेल खरीदता है, और फिर उसे वैश्विक बाजार में बेचकर मुनाफा कमा रहा है, जबकि यूक्रेन में नागरिक मारे जा रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक यह एक अनैतिक और अस्वीकार्य रवैया है।

भारत पर आरोप“युद्ध से मुनाफा कमा रहा है”

ट्रंप का कहना है भारत रूस से सस्ते दाम पर तेल खरीदता है और उसे मुनाफे में फिर से बेच देता है। इस दौरान उसे कोई परवाह नहीं है कि यूक्रेन में क्या हो रहा है। यह पूरी तरह अनुचित है।यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में चुनावी माहौल गर्म है और ट्रंप अपने पुराने “अमेरिका फर्स्ट” एजेंडे को फिर से प्रमुखता से सामने रख रहे हैं।

आयात शुल्क बढ़ाने की धमकी

ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर वे 2024 में फिर से राष्ट्रपति बनते हैं, तो वे भारत से अमेरिका में आने वाले आयातों पर “काफी ज़्यादा” टैरिफ लगाने की योजना बनाएंगे।यह उनके पुराने व्यापार नीति रुख से मेल खाता है, जिसमें वे भारत, चीन और अन्य विकासशील देशों से आयात पर भारी शुल्क लगाने की बात कर चुके हैं।इससे पहले भी ट्रंप के कार्यकाल में भारत पर आयात शुल्क, H1-B वीजा नियमों और बाय ले अमेरिकन पॉलिसी को लेकर कई बार विवाद हो चुका है।

भारत की स्थिति ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हित

भारत सरकार ने पहले भी यह साफ किया है कि रूस से तेल खरीदना उसकी आर्थिक ज़रूरत है, न कि कोई राजनीतिक स्टैंड।
भारत की ओर से बार-बार कहा गया है कि हम अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति अपनाते हैं।भारत यह भी तर्क देता है कि यूरोप और अमेरिका के कुछ देश भी रूस से व्यापार कर रहे हैं, ऐसे में सिर्फ भारत को निशाना बनाना दोहरे मापदंड का प्रतीक है।

ट्रंप के बयान का क्या उद्देश्य है?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।वे अपने “अमेरिका को नुक़सान पहुंचाने वाले व्यापारिक सौदों” को दिखाकर घरेलू वोटर्स को लुभाना चाहते हैं।भारत और चीन जैसे देशों को निशाना बनाकर अमेरिकी उद्योगपतियों और मजदूर वर्ग को संदेश देना चाहते हैं कि वे उनके हितों की रक्षा करेंगे।

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर?

यदि ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बने और अपने वादे के अनुसार भारत पर भारी आयात शुल्क लगाते हैं, तो इसका असर न सिर्फ भारत की कंपनियों पर, बल्कि अमेरिका में काम कर रही भारतीय टेक और फार्मा कंपनियों पर भी पड़ेगाभारत और अमेरिका के बीच 2023 में 190 अरब डॉलर से ज्यादा का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था। यह रिश्ता दोनों देशों के लिए आर्थिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Share