August 29, 2026

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ट्रंप की टैरिफ नीति 2025: भारत पर सख्ती, चीन को राहत

भारत पर 50% टैरिफ, रूस के तेल पर जुर्माना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयात पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिसमें 25% रूसी तेल खरीद के लिए जुर्माना शामिल है। यह कदम 7 अगस्त 2025 से लागू होगा। ट्रंप का कहना है कि यह नीति रूस की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने और यूक्रेन युद्ध पर दबाव बनाने के लिए है। इसके अलावा, भारत के उच्च टैरिफ और BRICS में सक्रियता को भी कारण बताया गया है। इस नीति से भारत के फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, और सी-फूड जैसे निर्यात क्षेत्रों पर बुरा असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों में तनाव बढ़ा सकता है।

चीन पर नरमी: 90 दिन की राहत

ट्रंप ने चीन के खिलाफ 145% टैरिफ को तीन महीने के लिए टाल दिया है, जिससे अभी केवल 30% टैरिफ लागू रहेगा। चीन ने जवाबी 125% टैरिफ की धमकी दी थी, जिसके डर से ट्रंप ने यह कदम उठाया। विशेषज्ञों के अनुसार, चीन की दुर्लभ खनिज संपदा पर अमेरिका की निर्भरता इस नरमी का मुख्य कारण है। अप्रैल 2025 में चीन द्वारा दुर्लभ तत्वों के निर्यात पर प्रतिबंध से अमेरिकी ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में हड़कंप मच गया था। इसके बाद दोनों देशों ने जिनेवा में बातचीत कर निर्यात प्रतिबंध हटाने और आपसी व्यापार को स्थिर करने का फैसला किया।

भारत पर सख्ती क्यों?

ट्रंप प्रशासन भारत को H-1B वीजा, आउटसोर्सिंग, और रूस से तेल खरीद जैसे मुद्दों पर कम सख्त व्यापारिक भागीदार मानता है। भारत का रूस के साथ ऊर्जा और रक्षा संबंध, विशेष रूप से यूक्रेन युद्ध के दौरान, अमेरिका को खटक रहा है। ट्रंप ने इसे रूस की युद्ध मशीन को समर्थन देने वाला कदम बताया। साथ ही, भारत के उच्च टैरिफ और BRICS में सक्रियता को अमेरिकी हितों के खिलाफ माना जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप का यह कदम भारत पर दबाव बनाने और अमेरिकी नौकरियों को बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा है।

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चीन की मजबूरी और अमेरिका की निर्भरता

चीन के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा 262 अरब डॉ,लर है, जो किसी भी देश के साथ सबसे बड़ा है। दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति, जो फाइटर जेट और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जरूरी हैं, ने ट्रंप को चीन के सामने नरम रुख अपनाने पर मजबूर किया। पूर्व अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि क्लेयर रीड के अनुसार, चीन के खिलाफ सख्ती अमेरिका के लिए संभव नहीं है। इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के अली वाइन का कहना है कि चीन दुर्लभ खनिजों के निर्यात को हथियार बनाकर अमेरिका को नियंत्रित कर सकता है।

वैश्विक व्यापार पर असर

ट्रंप की टैरिफ नीति से वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल मच सकती है। भारत पर टैरिफ से निर्यात लागत बढ़ेगी, जिससे टेक्सटाइल, फार्मा, और ऑटो सेक्टर प्रभावित होंगे। वहीं, चीन को राहत से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला स्थिर रहेगी, लेकिन यह अमेरिका की संरक्षणवादी नीति पर सवाल उठाता है। भारत अब जवाबी टैरिफ या WTO में शिकायत पर विचार कर रहा है।

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