UP Flood News: मानसून की बारिश से यूपी में बाढ़ का कहर, 17 जिले प्रभावित
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UP Flood News: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के साथ कई जिलों में भारी बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। गंगा, यमुना और मंदाकिनी समेत कई नदियां उफान पर हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की बाढ़ ने परसौंजा गांव में भारी तबाही मचाई है। अब तक 100 से अधिक परिवार बाढ़ की चपेट में आए हैं, जबकि 80 से ज्यादा कच्चे मकान गिरने की जानकारी सामने आई है। घरों में रखा अनाज बर्बाद हो गया और गृहस्थी का सामान तेज बहाव में बह गया।
प्रयागराज में आबादी तक पहुंचा गंगा-यमुना का पानी
रामघाट, तरीहा, गोबारिया और मानिकपुर के कई गांवों में बिजली व्यवस्था ध्वस्त होने से जलापूर्ति भी प्रभावित हुई है। लोग मोबाइल तक चार्ज नहीं कर पा रहे हैं। वहीं प्रयागराज में गंगा और यमुना का पानी आबादी वाले इलाकों तक पहुंच गया है। लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। रायबरेली में बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि बलरामपुर के महराजगंज तराई क्षेत्र के तीन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
वाराणसी और बलिया में नदियां उफान पर, शुरू हुआ पलायन
पूर्वांचल में गंगा, गोमती और सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बलिया में गंगा और सरयू तथा वाराणसी में वरुणा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। तटवर्ती इलाकों में लोगों का पलायन शुरू हो गया है। वाराणसी में सामनेघाट, पुलकोहना और सलारपुर समेत 10 से अधिक इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। यहां 361 परिवारों के 1574 लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन किया है।
गाजीपुर में छह घंटे चला रेस्क्यू, 12 चरवाहे और 2000 भेड़ें बचाईं
गाजीपुर में गंगा के टापू पर फंसे 12 चरवाहों और 2000 से अधिक भेड़ों को पुलिस-प्रशासन ने नाइट विजन ड्रोन की मदद से करीब छह घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित निकाला। बाढ़ के कारण रेवतीपुर-मां कामाख्या धाम मार्ग पर आवागमन बंद है, जबकि गोमती में उफान से गौरी-तेतारपुर मार्ग डूब गया है। प्रयागराज में कर्णावती नदी के तेज बहाव में पांच किशोरियां फंस गईं, जिनमें से तीन को बचा लिया गया, जबकि दो का देर शाम तक पता नहीं चल सका।
17 जिले बाढ़ प्रभावित, राहत-बचाव अभियान तेज
उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार रविवार तक प्रदेश के 17 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 1.70 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं। राहत कार्यों के लिए 1,633 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, जबकि 525 नाव और मोटरबोट के जरिए प्रभावित इलाकों में सहायता पहुंचाई जा रही है। प्रशासन भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य सेवाओं और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था में जुटा है। यूपी में लगातार बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में बाढ़ का खतरा और गंभीर कर दिया है।
