US-Iran Tension: ईरान-अमेरिका में फिर बढ़ा तनाव, ट्रंप का दावा- खार्ग आइलैंड को पूरी तरह तबाह किया
US-Iran Tension
US-Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका द्वारा ईरान के ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी हमलों में ईरान के खार्ग आइलैंड को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। ट्रंप के इस दावे के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
ट्रंप ने वीडियो शेयर कर किया बड़ा दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर एक वीडियो साझा करते हुए खार्ग द्वीप को लेकर बड़ा दावा किया। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा कि खार्ग द्वीप के पूरी तरह परखच्चे उड़ गए हैं। अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले का दावा किया है। हालांकि, ट्रंप के बयान और वीडियो के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
लारक द्वीप पर अमेरिकी कार्रवाई का दावा
अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के लारक द्वीप पर मौजूद दो लॉन्चरों को निशाना बनाने की जानकारी दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी के जवानों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगों के साथ रॉकेट लॉन्च करने की तैयारी करते हुए देखा गया था। अमेरिका का कहना है कि वह क्षेत्र की गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए है।
जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमले का दावा
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने भी पलटवार किया। ईरान के आईआरजीसी ने लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। वहीं जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने सोमवार को अपने हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई आठ मिसाइलों को रोक दिया। इस घटनाक्रम के बाद अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और गहराने की आशंका जताई जा रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी दुनिया की नजर
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि सेना महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर लगातार नजर बनाए हुए है और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तैयार है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है और एक दौर में संघर्ष थमने के बाद अब फिर से हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। दोनों देशों की ताजा सैन्य कार्रवाइयों ने पश्चिम एशिया में सुरक्षा और वैश्विक व्यापार को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
