August 28, 2026

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जुबीन गर्ग का निधन: असम की सांस्कृतिक धरोहर खो चुका, आज गुवाहाटी में अंतिम विदाई!

सिंगापुर में दर्दनाक हादसा: 52 वर्ष की उम्र में जुबीन गर्ग का निधन

असम और पूरे भारत के प्रिय गायक जुबीन गर्ग अब हमारे बीच नहीं रहे। 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दौरान एक दुखद हादसे में उनकी जान चली गई। 52 वर्षीय जुबीन, जिन्हें ‘जुबीन दा’ के नाम से जाना जाता था, नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में परफॉर्म करने सिंगापुर पहुंचे थे। समुद्र में तैरते समय उन्होंने लाइफ जैकेट उतार ली थी, जिसके बाद उन्हें दौरा पड़ा। लाइफगार्ड्स ने सीपीआर देकर उन्हें सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल ले जाया, लेकिन आईसीयू में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर असम से लेकर देशभर में शोक की लहर ला गई। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, “आज असम ने अपना एक चहेता बेटा खो दिया। जुबीन का क्या महत्व था, शब्दों में बयां नहीं कर सकता। उनकी आवाज लोगों को ऊर्जा देती थी, संगीत सीधे दिलों तक पहुंचता था।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी श्रद्धांजलि दी, “जुबीन गर्ग के अचानक निधन से स्तब्ध। संगीत में उनका अमूल्य योगदान याद रहेगा। उनके परिवार और प्रशंसकों को संवेदनाएं। ओम शांति।”

गुवाहाटी पहुंचा पार्थिव शरीर: पत्नी गरिमा का विह्वल दृश्य, भारी भीड़

रविवार, 21 सितंबर को जुबीन का पार्थिव शरीर दिल्ली से गुवाहाटी लाया गया। एयरपोर्ट पर हजारों प्रशंसक उमड़ पड़े। उनकी पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने ताबूत को गले लगाते ही फूट-फूटकर रो पड़ीं, जो हर देखने वाले की आंखें नम कर गया। गरिमा ने एक वीडियो संदेश में अपील की, “जुबीन घर लौट आए हैं। आपने हमेशा उन्हें प्यार दिया, अब शांतिपूर्ण विदाई दें। अफवाहें न फैलाएं। उनके मैनेजर सिद्धार्थ सरमा पर एफआईआर का विरोध कर रही हूं, वे जुबीन के भाई जैसे थे।” दिल्ली एयरपोर्ट पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और विदेश राज्य मंत्री पाबित्रा मार्गेरिटा ने श्रद्धांजलि दी। गुवाहाटी के काहिलीपारा स्थित उनके आवास पर पहुंचते ही प्रशंसक फूलमालाओं से ताबूत को नमन करने लगे। एक फैन ने रोते हुए कहा, “जुबीन सिर्फ सिंगर नहीं, हमारी भावना थे।” एक्स पर वायरल वीडियो में आईटीबीपी कांस्टेबल ने उनकी गीत गाकर श्रद्धांजलि दी, जो लाखों को भावुक कर गया।

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अंतिम दर्शन: सरुसजाई स्टेडियम में आम जनता के लिए 9 बजे से 7 बजे तक

आज सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक जुबीन का पार्थिव शरीर गुवाहाटी के सरुसजाई स्थित अर्जुन भोगेश्वर बरुआ स्टेडियम में आम लोगों के दर्शनार्थ रखा गया है। सरकार ने अपील की है कि अंतिम यात्रा शांतिपूर्ण और सम्मानजनक हो। असम सरकार ने 20 से 22 सितंबर तक तीन दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया है, जिसमें कोई आधिकारिक सांस्कृतिक या मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा। कई जगहों पर कैंडल मार्च निकाले गए। पूर्व राज्यसभा सांसद रिपुन बोरा ने कहा, “हमारे सांस्कृतिक आइकन का असामयिक निधन। उनकी आवाज पीढ़ियों को प्रेरित करती रही।” बोकोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल चीफ प्रमोद बोरो, राइजोर दल विधायक अखिल गोगोई और ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन के समुज्जल भट्टाचार्य जैसे प्रशंसकों ने शोक व्यक्त किया। एक्स पर #ZubeenGarg ट्रेंड कर रहा है, जहां लाखों पोस्ट्स में उनकी यादें साझा हो रही हैं।

जुबीन गर्ग: असम की आवाज, संगीत की अमर धरोहर

जुबीन गर्ग का जन्म 18 नवंबर 1972 को मेघालय के तुरा में हुआ था। असमिया ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखने वाले जुबीन ने अपने 30 वर्षों के करियर में 35,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए, जो असमिया, बंगाली, हिंदी समेत 40 भाषाओं में थे। बॉलीवुड में ‘या अली’ (गैंगस्टर, 2006), ‘लुट चलें’ (ये दिल्लगी, 2004) जैसे सुपरहिट गानों से वे राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हुए। असमिया सिनेमा में अभिनेता, संगीतकार और निर्देशक के रूप में भी सक्रिय रहे। 2022 में डिगबोई के नाजिराटिंग तामुली टूरिज्म फेस्टिवल में उनकी 20 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण हुआ था। उनकी बहन जॉन्की बोर्थाकुर का निधन 2002 में कार हादसे में हो चुका था। जुबीन असम की सांस्कृतिक पहचान थे – उनकी आवाज ने लोगों को जोड़ा, ऊर्जा दी। एक वायरल वीडियो में वे हादसे से ठीक पहले लाइफ जैकेट पहने मुस्कुराते दिखे।

शोक और विरासत: असम का हर कोना जुबीन को नमन

असम क्रिकेट एसोसिएशन ने आईसीसी विमेंस वर्ल्ड कप 2025 के उद्घाटन में जुबीन को श्रद्धांजलि देने का ऐलान किया है। फ्लिपकार्ट ने शोक के चलते असम में बिग बिलियन डेज सेल के ऑर्डर स्वीकार न करने का फैसला किया। जुबीन का निधन न केवल संगीत जगत, बल्कि पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक आत्मा के लिए क्षति है। उनकी मुस्कान, संगीत और जज्बा हमेशा जिंदा रहेगा। असम का हर कोना उन्हें याद कर रहा है। जुबीन गर्ग को हमारी ओर से विनम्र श्रद्धांजलि। ओम शांति। जय असम!

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