उत्तराखंड में भारी बारिश और बादल फटने से तबाही, यात्रियों की आवाजाही रोकी गई

उत्तराखंड में मानसून की बारिश ने कहर बरपा दिया है। गढ़वाल मंडल में लगातार हो रही मूसलधार बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खासतौर पर उत्तरकाशी जिले में हालात बेहद खराब हो गए हैं, जहां शनिवार रात सिलाई बैंड क्षेत्र में बादल फटने की घटना ने तबाही मचा दी। इस हादसे में एक निर्माणाधीन होटल में काम कर रहे 8 से 9 मजदूर लापता हो गए हैं।

बताया जा रहा है कि लापता सभी मजदूर नेपाली मूल के हैं। SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।

चारधाम यात्रा पर ब्रेक, श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकी गई

गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने जानकारी दी है कि भारी बारिश और भूस्खलन के चलते चारधाम यात्रा को रोक दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि हरिद्वार से आगे किसी भी श्रद्धालु को नहीं जाने दिया जाए। जो यात्री पहले ही ऋषिकेश पहुंच चुके हैं, उन्हें भी वहीं रोक लिया गया है।

राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश, भूस्खलन और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। मौसम विभाग ने 30 जून को 20 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है, जो स्थिति को और भी चिंताजनक बना रहा है।

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यमुनोत्री मार्ग सहित कई हाईवे बंद

उत्तरकाशी में बादल फटने से राष्ट्रीय राजमार्ग का करीब 10 मीटर हिस्सा बह गया है, जिससे यमुनोत्री मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। कई अन्य मार्गों पर भूस्खलन के कारण यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इन क्षेत्रों में फंसे यात्रियों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।

इस बीच, अलकनंदा नदी का जलस्तर भी खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुख, राहत कार्यों पर नजर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा,

“प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद पहुंचाई जाएगी और प्रशासन को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।”

उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

सावधानी ही सुरक्षा है

राज्य सरकार ने सभी यात्रियों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लें और आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। चारधाम यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है और नई तारीखें हालात सामान्य होने पर जारी की जाएंगी।

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