सोना और चांदी की कीमतों में बीते सप्ताह लगातार उतार-चढ़ाव के बावजूद कुल मिलाकर तेजी देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,49,650 रुपये पर बंद हुआ, जबकि चांदी 2,32,600 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर क्लोज हुई। हालांकि यह बढ़त दर्ज होने के बावजूद दोनों कीमती धातुएं अपने ऑल टाइम हाई से अब भी काफी नीचे कारोबार कर रही हैं।
जानकारों के अनुसार, हाल ही में वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और निवेशकों की सुरक्षित निवेश (safe haven) मांग के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। लेकिन अब भी सोना और चांदी दोनों ही अपने रिकॉर्ड हाई से बड़ी गिरावट के बाद ट्रेड कर रहे हैं, जिससे उन्हें “क्रैश जोन” में माना जा रहा है।
Gold-Silver Update: रिकॉर्ड हाई से अब भी सस्ता सोना और चांदी, निवेशकों की नजरें बाजार पर टिकीं
चांदी ने इस साल जनवरी में पहली बार ऐतिहासिक स्तर छूते हुए 1 किलो के लिए 4,39,337 रुपये तक का हाई बनाया था। लेकिन मौजूदा भाव 2,32,600 रुपये के आसपास होने के चलते यह धातु अपने शिखर से 2,06,737 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है।
इसी तरह सोने ने भी जनवरी में 10 ग्राम के लिए 2,02,984 रुपये का रिकॉर्ड स्तर छुआ था, जबकि अब यह 1,49,650 रुपये पर कारोबार कर रहा है। यानी सोना अपने हाई से करीब 53,334 रुपये प्रति 10 ग्राम नीचे है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े करेक्शन के बाद भी निवेशकों के लिए सोना-चांदी लंबे समय में आकर्षक विकल्प बने हुए हैं, लेकिन अल्पकालिक अस्थिरता जारी रह सकती है।

Gold-Silver Update: साप्ताहिक आधार पर फिर भी दर्ज हुई तेजी, घरेलू बाजार में भी बढ़े रेट
बीते सप्ताह के दौरान ही कीमतों में हल्की बढ़त दर्ज की गई है। MCX पर 27 मार्च को सोना 1,47,255 रुपये से बढ़कर 2 अप्रैल को 1,49,650 रुपये पर पहुंच गया, यानी 2,395 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी दर्ज हुई।
वहीं चांदी भी इसी अवधि में 2,27,954 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2,32,600 रुपये पर पहुंच गई, यानी इसमें 4,646 रुपये की साप्ताहिक तेजी देखने को मिली।
घरेलू सर्राफा बाजार (IBJA रेट्स) में भी मजबूती रही। 24 कैरेट सोना 1,42,942 रुपये से बढ़कर 1,46,608 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि चांदी 2,21,647 रुपये से बढ़कर 2,27,813 रुपये प्रति किलो पहुंच गई।
Gold-Silver Update: टैक्स और मेकिंग चार्ज से बढ़ती है असल कीमत, निवेश से पहले जरूरी सावधानी
विशेषज्ञ बताते हैं कि IBJA द्वारा जारी किए गए रेट पूरे देश में मानक माने जाते हैं, लेकिन ज्वेलरी खरीदते समय उपभोक्ताओं को अतिरिक्त लागत चुकानी पड़ती है। इसमें 3% GST के साथ-साथ मेकिंग चार्ज भी शामिल होता है, जो शहर और डिजाइन के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।
इसी वजह से ग्राहकों को बाजार में दिखने वाली कीमत और वास्तविक खरीद कीमत में अंतर महसूस होता है। मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लें।
