India-US Relation: नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar और अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के बीच प्रतिनिधि स्तर की महत्वपूर्ण वार्ता हुई। संयुक्त प्रेस वार्ता में दोनों देशों ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई। वीजा नीति, वैश्विक आव्रजन सुधार, और H-1B, F-1 तथा J-1 वीजा नियमों में बदलाव जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। अमेरिकी पक्ष ने स्पष्ट किया कि वीजा सुधार किसी एक देश, विशेषकर भारत को निशाना बनाकर नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि यह एक वैश्विक आधुनिकीकरण प्रक्रिया का हिस्सा है। साथ ही भारतीय निवेश और प्रतिभा के योगदान को अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
प्रेस वार्ता में पश्चिम एशिया संकट, ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी चर्चा हुई। रूबियो ने संकेत दिया कि क्षेत्र में कुछ सकारात्मक प्रगति हो रही है और अमेरिका का लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके खुलने की दिशा में प्रयास जारी हैं। वहीं भारत ने इस क्षेत्र में शांति, ऊर्जा सुरक्षा, सुरक्षित समुद्री व्यापार और प्रवासी भारतीयों के कल्याण को अपनी प्राथमिकता बताया। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि वैश्विक स्थिरता के लिए आपसी सहयोग और रणनीतिक समन्वय बेहद जरूरी है।
प्रेस वार्ता के दौरान अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नस्लभेदी टिप्पणियों पर पूछे गए सवाल पर रूबियो ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे व्यक्तिगत विचार करार दिया और कहा कि “दुनिया के हर देश में मूर्ख लोग होते हैं।” उन्होंने भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि अमेरिका विविधता से मजबूत हुआ है। दूसरी ओर, भारत ने अपनी विदेश नीति को संतुलित बताते हुए कहा कि वह अमेरिका, ईरान, इस्राइल और खाड़ी देशों के साथ समान रूप से मजबूत संबंध बनाए रखता है। दोनों देशों ने संकेत दिया कि भारत-अमेरिका साझेदारी केवल व्यापार या रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक रणनीतिक स्थिरता का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है।