Parliament Monsoon Session 2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के कथित तौर पर बीच में रोके जाने को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस को इस मामले में देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर रचना को आज 150वें वर्ष में फिर सम्मान मिल रहा है, लेकिन यह बात सोनिया गांधी को रास नहीं आ रही।
शाह बोले- देश की जनता सब देख रही है
अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी मुख्यालय में वंदे मातरम का गान चल रहा था, तभी सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष से गान रोकने को कहा। शाह ने इसे कांग्रेस की निर्लज्जता बताते हुए कहा कि करोड़ों देशवासी इस पूरे घटनाक्रम को देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के शब्दों ने स्वतंत्रता संग्राम में लाखों लोगों को प्रेरित किया और देश की आजादी के लिए बलिदान देने वालों के लिए यह गीत बेहद महत्वपूर्ण रहा है।
‘कांग्रेस ने वोट बैंक के लिए वंदे मातरम भुलाया’
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के चलते वंदे मातरम को भुलाने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से वंदे मातरम को नया आयुष्य देने का प्रयास किया है। शाह ने कहा कि कोई सोच भी नहीं सकता कि वंदे मातरम का गान अधूरा छोड़ दिया जाए। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और देश की जनता से माफी मांगने की मांग की।
कांग्रेस ने पलटवार कर उठाया RSS का मुद्दा
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने अमित शाह के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सवाल उठाने वालों का देश की आजादी में कोई योगदान नहीं था। उन्होंने RSS का जिक्र करते हुए कहा कि उसके मुख्यालय में वर्षों तक तिरंगा नहीं फहराया गया और अब वही लोग कांग्रेस से सवाल कर रहे हैं। सिंह ने यह भी कहा कि संसद के मॉनसून सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा में पूरा वंदे मातरम गाया गया था और कांग्रेस के सभी नेता इसमें शामिल हुए थे।
‘कानून का सम्मान करती है कांग्रेस’
अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि अगर देश में कोई कानून बन गया है तो कांग्रेस उसका सम्मान करती है। उनके मुताबिक, कानून बनने से पहले कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के दो अंतरे गाए जाते थे, लेकिन अब कानून बनने के बाद पार्टी उसका पालन कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संसद में पूरा वंदे मातरम गाया गया और सभी दलों ने इसमें हिस्सा लिया, तो कांग्रेस से माफी मांगने की बात क्यों की जा रही है। इस तरह वंदे मातरम विवाद पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है।