Red Fort Blast Case
Red Fort Blast Case: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC की उस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए कथित आत्मघाती धमाके को वैश्विक आतंकी संगठन अल-कायदा से जुड़े AQIS से जोड़ा गया था। कश्मीर के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस वी.के. बिरदी ने कहा कि इस संबंध में जम्मू-कश्मीर पुलिस के संज्ञान में अभी तक कोई ऐसी विशेष जानकारी नहीं आई है। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आए स्थानीय मॉड्यूल का संबंध कथित तौर पर अंसार-गज़वत-उल-हिंद को फिर से सक्रिय करने की कोशिश से जुड़ा था, लेकिन किसी अन्य आतंकी संगठन से उसके संबंध को लेकर पुलिस ने अलग से कोई पुष्टि नहीं की है।
अभी तक हमारे पास कोई जानकारी नहीं
स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए IGP वी.के. बिरदी ने कहा कि इस विषय पर फिलहाल चर्चा करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस के पास कोई ठोस जानकारी आएगी तो उसे साझा किया जाएगा। बिरदी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर पुलिस के पास अभी तक UNSC की रिपोर्ट में लाल किले धमाके को ‘अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट’ यानी AQIS से जोड़े जाने के संबंध में कोई विशेष जानकारी नहीं है। उनका यह बयान UNSC की ‘एनालिटिकल सपोर्ट एंड सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम’ की रिपोर्ट के संदर्भ में आया है।
लाल किले के पास हुए धमाके की जांच
लाल किले के पास ट्रैफिक सिग्नल पर हुए धमाके में कई लोगों की मौत हुई थी। जांच एजेंसियों ने कथित आत्मघाती हमलावर की पहचान डॉ. उमर उन नबी के रूप में की थी। वह कश्मीर का रहने वाला मेडिकल प्रोफेशनल और फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था। बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने फरीदाबाद से संचालित एक कथित पढ़े-लिखे ‘व्हाइट-कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने का दावा किया। जांच में कई डॉक्टर और मेडिकल प्रोफेशनल के शामिल होने के आरोप भी सामने आए।
UNSC रिपोर्ट में AQIS के शहरी और विकेंद्रीकृत नेटवर्क का जिक्र
UNSC की रिपोर्ट में AQIS के कामकाज को लेकर कहा गया कि संगठन बड़े लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के बजाय छोटे, विकेंद्रीकृत और शहरी क्षेत्रों में सक्रिय सेल्स के जरिए अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की रणनीति अपना रहा है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस तरह के नेटवर्क पारंपरिक सीमा सुरक्षा व्यवस्थाओं से बचने की कोशिश कर सकते हैं। जांच के दौरान कथित तौर पर विस्फोटक सामग्री बनाने से जुड़े आरोप भी सामने आए। हालांकि, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने UNSC रिपोर्ट के निष्कर्षों पर कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है और कहा है कि उसके पास फिलहाल इस संबंध में विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है।
NIA ने 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में आरोपियों को AQIS से जुड़े बताए जाने वाले संगठन अंसार-गज़वत-उल-हिंद से जोड़ने के आरोप शामिल हैं और मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है। दूसरी ओर, IGP वी.के. बिरदी ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने आई रिपोर्ट के बावजूद जम्मू-कश्मीर पुलिस को AQIS से संबंध को लेकर अभी तक कोई विशेष जानकारी नहीं मिली है। ऐसे में लाल किले धमाका मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर नजर बनी रहेगी।