कुणाल घोष पर हमला: कार पर अंडे और पत्थर फेंकने का आरोप, बोले- यह जंगल राज है
कुणाल घोष पर हमला
कुणाल घोष पर हमला: पश्चिम बंगाल में कुणाल घोष पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया है कि हुगली के श्रीरामपुर में ममता बनर्जी की रैली में शामिल होने जाते समय उनकी कार पर अंडे और पत्थर फेंके गए। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग कार को घेरकर अंडे फेंकते और गाड़ी के बोनट पर हाथ मारते नजर आ रहे हैं। वीडियो में लोगों के हाथों में काले झंडे भी दिखाई दे रहे हैं और वे ‘गो बैक’ के नारे लगाते सुनाई दे रहे हैं।
कार के अंदर से बनाया गया वीडियो आया सामने
कुणाल घोष पर हमला जिस वीडियो में दिखाई दे रहा है, वह कथित तौर पर कार के अंदर से बनाया गया है। वीडियो में लोगों का एक समूह गाड़ी को घेरता नजर आ रहा है। इस दौरान कार पर अंडे फेंके जाते हैं और कुछ लोग गाड़ी के बोनट को भी पीटते दिखाई देते हैं। कुणाल घोष वीडियो में अपने ड्राइवर से कुछ कहते हुए नजर आ रहे हैं। उनके मुताबिक, इस दौरान कार के शीशे भी तोड़ दिए गए। उपलब्ध रिपोर्टों में भी घोष पर अंडा फेंके जाने की घटना का उल्लेख है।
लगाए गए ‘गो बैक’ के नारे
बताया गया है कि कुणाल घोष पर हमला उत्तर पाड़ा इलाके में हुआ। पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, काले झंडे लिए लोगों के एक समूह ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और ‘गो बैक’ के नारे लगाए। आरोप है कि प्रदर्शन कर रहे लोगों ने टीएमसी नेता की कार पर अंडे और पत्थर फेंके, जिससे गाड़ी का पिछला शीशा टूट गया। इस घटना के बाद पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
कुणाल घोष ने कहा- ‘यह जंगल राज है’
घटना के बाद कुणाल घोष ने इसे ‘जंगल राज’ बताया। उनका आरोप है कि उनकी कार पर अंडे और पत्थर फेंके गए और रास्ता रोक दिया गया। घोष ने कहा कि मौके पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। उन्होंने बताया कि वह शिकायत दर्ज कराने के लिए कोलकाता लौट रहे हैं। वहीं, टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस घटना के पीछे बीजेपी की भूमिका थी। यह आरोप पार्टी की ओर से लगाया गया है।
ममता बनर्जी की रैली से पहले बढ़ा विवाद
यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब ममता बनर्जी शनिवार को हुगली के श्रीरामपुर कोर्ट ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करने वाली हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस रैली को पहले कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ा था, लेकिन कलकत्ता हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ बैठक की अनुमति दी। इन शर्तों में लोगों की संख्या और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े निर्देश शामिल थे। ऐसे में कुणाल घोष पर हमला रैली से पहले पश्चिम बंगाल के राजनीतिक माहौल में चर्चा का विषय बन गया है।
