ओवैसी एलन मस्क विवाद: पीएम मोदी के समर्थन में बयान पर भाजपा की प्रतिक्रिया
ओवैसी एलन मस्क विवाद
ओवैसी एलन मस्क विवाद के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री और भाजपा नेता किरेन रिजिजू का बयान सामने आया है। रिजिजू ने एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी की तारीफ करते हुए कहा कि कभी-कभी ओवैसी भारत के राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर समझदारी की बात करते हैं। हालांकि, उन्होंने ओवैसी की मुस्लिम-केंद्रित नीतियों का विरोध भी किया। रिजिजू ने कहा कि अगर विपक्ष के कुछ नेता भाजपा की बात नहीं सुनना चाहते, तो उन्हें ओवैसी से सीखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अब स्पष्ट है कि ‘भारत-विरोधी गिरोह’ कौन हैं।
ओवैसी एलन मस्क विवाद: ओवैसी ने क्या कहा?
ओवैसी एलन मस्क विवाद तब चर्चा में आया, जब एलन मस्क की टिप्पणी पर असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी। ओवैसी ने कहा, “कोई गोरा हमें हुक्म नहीं दे सकता।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके सौ मतभेद हो सकते हैं, लेकिन वह अपने देश और संवैधानिक पद का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। ओवैसी ने भारत में सस्ते इंटरनेट डेटा का भी जिक्र किया। उनके बयान को देश के फैसलों में किसी विदेशी कारोबारी के हस्तक्षेप के विरोध के रूप में देखा जा रहा है।
स्टारलिंक को लेकर एलन मस्क ने उठाए सवाल
ओवैसी एलन मस्क विवाद की एक अहम वजह भारत में स्टारलिंक की एंट्री को लेकर मस्क की टिप्पणी है। स्पेसएक्स के मालिक और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने अपने पोस्ट में सवाल उठाया था कि स्टारलिंक को 165 से अधिक देशों में लाइसेंस मिल चुका है और कंपनी भारत में कानूनी तथा नियामकीय जरूरतें पूरी करने में पांच साल लगा चुकी है, फिर भी उसे लाइसेंस क्यों नहीं मिला। उन्होंने यह सवाल भी किया कि क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं। हालांकि, दिए गए विवरण के मुताबिक, इस टिप्पणी के साथ किसी व्यक्ति या कंपनी के खिलाफ आरोप साबित करने वाला सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया गया था।
ओवैसी और राहुल गांधी के रुख की तुलना पर सियासी बहस
ओवैसी एलन मस्क विवाद में ओवैसी के बयान की तुलना राहुल गांधी के रुख से भी की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मस्क की टिप्पणी के बाद राहुल गांधी की पोस्ट को लेकर भाजपा ने उन पर निशाना साधा। वहीं, ओवैसी ने प्रधानमंत्री मोदी से राजनीतिक मतभेद होने के बावजूद देश और संवैधानिक पद के सम्मान की बात कही। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दिया है, जिसमें राष्ट्रीय हित, विदेशी कंपनियों और भारत के नियामकीय फैसलों को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
किरेन रिजिजू के बयान से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
ओवैसी एलन मस्क विवाद के बीच किरेन रिजिजू की टिप्पणी इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि भाजपा और ओवैसी की पार्टी कई राजनीतिक मुद्दों पर एक-दूसरे की विरोधी रही हैं। रिजिजू ने ओवैसी की तारीफ करते हुए उनके विचारों और नीतियों के बीच अंतर भी स्पष्ट किया। उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर विपक्षी नेताओं को भी ओवैसी के रुख से सीखना चाहिए। फिलहाल, मस्क की स्टारलिंक संबंधी टिप्पणी, ओवैसी की प्रतिक्रिया और भाजपा के जवाब ने इस मुद्दे को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
