Prayagraj Rain
Prayagraj Rain: प्रयागराज में लगातार तीसरे दिन हो रही बारिश ने शहर की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए। करेली के जसीर की पुलिया के पास करीब चार फीट तक पानी भर गया, जिससे कई मकानों के ग्राउंड फ्लोर जलमग्न हो गए और कार-बाइक पानी में डूब गईं। एक मस्जिद की दीवार में भी दरारें आने की सूचना है। सूचना मिलने पर एसीपी अतरसुइया राम सिंह और NDRF की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने नाव की मदद से जलभराव में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
शहर के कई इलाकों में घरों और सड़कों पर पानी
प्रयागराज में 16 अगस्त की देर रात से शुरू हुई तेज बारिश के बाद 17 अगस्त को भी जमकर बारिश हुई और तीसरे दिन रुक-रुककर बारिश जारी रही। राजरूपपुर, हरवारा, लूकरगंज, हिम्मतगंज, बेनीगंज, रामबाग, दारागंज, सलोरी, छोटा बघाड़ा, रसूलाबाद समेत कई इलाकों में नाले और सीवर उफनने से घरों में पानी घुस गया। कई प्रमुख चौराहों और सड़कों पर भी जलभराव के कारण पैदल निकलना मुश्किल हो गया। शहर के कई सरकारी कार्यालयों और थानों में भी बारिश का पानी पहुंच गया।
CMP कॉलेज में घुसा पानी, पढ़ाई प्रभावित
मूसलाधार बारिश का असर CMP डिग्री कॉलेज पर भी पड़ा। कॉलेज परिसर के साथ प्राचार्य कार्यालय तक में पानी घुस गया। जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना पड़ा और पठन-पाठन प्रभावित हुआ। कॉलेज के पास चल रहे नाला निर्माण को जलभराव की वजह बताया जा रहा है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि नाले के निर्माण से पहले बारिश का पानी आसानी से निकल जाता था, लेकिन निर्माण कार्य के बाद जलनिकासी प्रभावित हुई है। वहीं, नाला सफाई के लिए करोड़ों रुपये के बजट के बावजूद जलभराव होने पर सवाल उठ रहे हैं।
नगर निगम में पार्षदों का प्रदर्शन, अधिकारियों पर आरोप
जलभराव को लेकर नगर निगम में भी विरोध देखने को मिला। कई पार्षदों ने अपर नगर आयुक्त के कार्यालय में धरना देकर शहर की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताई। पार्षदों ने आरोप लगाया कि नालों की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बारिश में शहर डूब गया। कई इलाकों में सड़कें टूट गईं और गड्ढे बन गए। आजाद नगर में रेलवे की करीब 10 मीटर लंबी दीवार गिरने से नाला भी चोक हो गया। इसके अलावा कई जगह पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने की घटनाएं सामने आईं।
वज्रपात से युवक की मौत, कई इलाकों में हालात गंभीर
बारिश के बीच हंडिया तहसील के खुर्रम शाहपुर गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई। आपदा विभाग की ओर से परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है। नैनी, झूंसी और फाफामऊ के कई इलाकों में भी सड़कें और गलियां पानी से लबालब रहीं। जलभराव को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन कर नगर निगम से जल्द समाधान की मांग की। लगातार बारिश के बीच शहर में राहत और जलनिकासी व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।