Baghpat Poster War: अखिलेश यादव के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर से गरमाई सियासत
Baghpat Poster War
Baghpat Poster War: उत्तर प्रदेश के बागपत में सियासी बयानबाजी के बीच अब पोस्टर वार सामने आया है। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे के पास समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों वाले पोस्टर और बैनर लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। पोस्टर दिखाई देने के बाद स्थानीय सपा नेताओं में नाराजगी फैल गई। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान समेत पार्टी के कई नेता मौके पर पहुंचे और पोस्टर-बैनर फाड़ दिए। मामले को लेकर सपा नेताओं ने पुलिस से शिकायत कर पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने की बात कही है। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
आपत्तिजनक पोस्टर देख भड़के सपा नेता
हाईवे के पास लगे पोस्टर और बैनर में अखिलेश यादव के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। जैसे ही इसकी जानकारी सपा नेताओं को मिली, वे मौके पर पहुंच गए। सपा नेताओं ने पोस्टर-बैनर को हटाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। पूर्व जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान ने कहा कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल राजनीतिक विरोध के नाम पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सपा नेताओं के मुताबिक, मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन को शिकायत दी जाएगी।
सुबह 11 बजे एसपी से शिकायत की तैयारी
सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान ने बताया कि पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सुबह करीब 11 बजे पुलिस अधीक्षक से शिकायत की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पोस्टर कथित तौर पर रालोद समर्थकों की ओर से लगाए गए हैं। बिल्लू प्रधान ने इस विवाद को अखिलेश यादव की ओर से जयंत चौधरी को लेकर दिए गए ‘चवन्नी से रुपया’ वाले बयान से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि इसी राजनीतिक बयानबाजी के चलते पोस्टर लगाए गए। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रालोद ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, इस मामले में रालोद जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने पार्टी और उसके समर्थकों पर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जिसने भी पोस्टर और बैनर लगाए हैं, उसकी पहचान कर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। सुभाष गुर्जर ने स्पष्ट किया कि रालोद इस तरह की राजनीति में विश्वास नहीं करती और संगठन की ओर से इस प्रकार के पोस्टर-बैनर लगाने का कोई सवाल ही नहीं है। रालोद ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पोस्टर किसने लगाए थे।
चवन्नी से रुपया बयान के बाद बढ़ी सियासी तल्खी
बागपत में सामने आया यह पोस्टर विवाद ऐसे समय में हुआ है, जब अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के बीच ‘चवन्नी से रुपया’ वाली टिप्पणी को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है। इसी बीच अखिलेश यादव के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर सामने आने से राजनीतिक विवाद और बढ़ गया है। सपा ने इसके लिए रालोद समर्थकों पर आरोप लगाया है, जबकि रालोद ने आरोपों को खारिज करते हुए पोस्टर लगाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस शिकायत और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इन पोस्टर-बैनर के पीछे कौन लोग थे। Baghpat Poster War ने दोनों दलों के बीच जारी सियासी तल्खी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
