India-China Relations में नई पहल, अजीत डोभाल-वांग यी की बैठक में 8 अहम मुद्दों पर सहमति
India-China Relations
India-China Relations एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में हैं। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के प्रस्तावित भारत दौरे से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। 26 अगस्त को हुई इस अहम बैठक के बाद दोनों देशों ने संयुक्त बयान जारी कर बातचीत के प्रमुख बिंदुओं की जानकारी दी। बैठक में सीमा विवाद, वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC पर तनाव कम करने और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत बनाने पर विशेष रूप से चर्चा हुई।
8-सूत्रीय सहमति से रिश्तों को नई दिशा
India-China Relations को बेहतर बनाने के लिए दोनों पक्ष कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमत हुए। सीमा निर्धारण के लिए जल्द और ठोस नतीजे हासिल करने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही सीमा प्रबंधन को मजबूत बनाने, अधिक बैठक स्थल और हॉटलाइन स्थापित करने तथा LAC को लेकर दोनों देशों के बीच बेहतर समझ विकसित करने पर सहमति बनी। राजनयिक और सैन्य स्तर पर बातचीत के जरिए जमीनी परिस्थितियों से निपटने को भी प्राथमिकता दी गई।
LAC पर तनाव और गलतफहमी रोकने पर जोर
India-China Relations में LAC सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक रहा है। संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों देश जमीनी स्तर पर उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति का समाधान मौजूदा राजनयिक और सैन्य माध्यमों के जरिए करने पर सहमत हैं। इनमें WMCC, स्थानीय कमांडर स्तर की बैठकें और अन्य सहमत तंत्र शामिल हैं। इसका उद्देश्य लंबित मुद्दों का समाधान करना और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गलतफहमी या गलत आकलन की स्थिति से बचना है।
व्यापार, नदियों और सैन्य हॉटलाइन पर भी बनी सहमति
India-China Relations के तहत सीमा विवाद के अलावा सीमा-पार व्यापार और नदियों पर सहयोग बढ़ाने को लेकर भी बातचीत हुई। दोनों देशों ने सीमा सैन्य हॉटलाइन के दो और चैनल स्थापित करने पर सहमति जताई है। सीमा क्षेत्रों में जल्द समाधान तलाशने के लिए विशेषज्ञ स्तर पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इस बार दोनों पक्षों ने जल्द और ठोस परिणाम हासिल करने की जरूरत को प्रमुखता से उठाया, जिसे द्विपक्षीय रिश्तों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
क्या शी चिनफिंग की भारत यात्रा से सुलझेगा सीमा विवाद?
India-China Relations आने वाले समय में किस दिशा में आगे बढ़ेंगे, इस पर चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की प्रस्तावित भारत यात्रा महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। दोनों देश पिछले दौर की बातचीत के नतीजों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। संयुक्त बयान में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दिखाई गई है। भारतीय पक्ष ने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में कैलाश-मानसरोवर यात्रा के लिए भारतीय तीर्थयात्री जत्थों की संख्या बढ़ाने की दिशा में चीन के प्रयासों की सराहना भी की। अब नजर इस बात पर रहेगी कि क्या ये कूटनीतिक प्रयास सीमा विवाद के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस परिणाम ला पाते हैं।
