Modi Cabinet Expansion: युवा और महिला चेहरों को मिल सकती है बड़ी जगह, मंत्रिमंडल में होंगे अहम बदलाव
Modi Cabinet Expansion
Modi Cabinet Expansion को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री के पश्चिम एशिया दौरे से 2 सितंबर को लौटने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की योजना को अंतिम रूप दिया जा सकता है। संभावित विस्तार में नए सहयोगियों को प्रतिनिधित्व देने, युवा और महिला मंत्रियों की भागीदारी बढ़ाने तथा चुनावी राज्यों के राजनीतिक समीकरण साधने पर मंथन किया जा रहा है। मंत्रिमंडल में मंत्रियों की कुल संख्या बढ़ाकर 75 तक करने की योजना पर भी विचार हो सकता है।
महिला मंत्रियों की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 करने की योजना
Modi Cabinet Expansion में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिए जाने की चर्चा है। वर्तमान मंत्रिमंडल में सात महिला मंत्री हैं और उनकी संख्या बढ़ाकर कम से कम 12 करने की योजना बताई जा रही है। इसके लिए नए महिला चेहरों की तलाश और राजनीतिक समीकरणों पर विचार किया जा रहा है। महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने का कदम सरकार की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
50 साल से कम उम्र के मंत्रियों को मिल सकता है ज्यादा प्रतिनिधित्व
Modi Cabinet Expansion के जरिए मंत्रिमंडल को अधिक युवा स्वरूप देने की तैयारी है। वर्तमान में 50 साल से कम उम्र के मंत्रियों की हिस्सेदारी करीब 24 प्रतिशत बताई जा रही है, जिसे बढ़ाकर 40 प्रतिशत तक किया जा सकता है। अभी इस आयु वर्ग में 17 मंत्री हैं, जबकि 40 साल से कम उम्र के केवल दो राज्यमंत्री शामिल हैं। संभावित विस्तार में 40 वर्ष से कम उम्र के कम से कम पांच मंत्रियों को शामिल करने की चर्चा है।
70 साल से अधिक उम्र के कुछ मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी
Modi Cabinet Expansion में वरिष्ठ मंत्रियों की संख्या कम किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। मौजूदा मंत्रिमंडल में 70 साल से अधिक उम्र के करीब 12 मंत्री हैं। सूत्रों के मुताबिक, इनमें लगभग एक चौथाई मंत्रियों को मंत्रिपद से हटाया जा सकता है। फिलहाल बड़ी संख्या में मंत्री 51 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हैं। विस्तार के दौरान मंत्रिमंडल में उम्र के संतुलन को बदलने और युवाओं को अधिक जिम्मेदारी देने पर जोर रहने की संभावना है।
नए सहयोगी और चुनावी राज्यों के समीकरण भी अहम
Modi Cabinet Expansion में सिर्फ उम्र और लैंगिक प्रतिनिधित्व ही नहीं, बल्कि नए राजनीतिक सहयोगियों और आगामी चुनावी राज्यों के समीकरण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए सरकार क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की कोशिश कर सकती है। हालांकि अंतिम फैसला प्रधानमंत्री की वापसी के बाद होने वाले विचार-विमर्श पर निर्भर करेगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि संभावित विस्तार में किन नए चेहरों को मौका मिलता है और कौन से वरिष्ठ मंत्री मंत्रिमंडल से बाहर होते हैं।
