SIR Form 6 Declaration: फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र क्यों जरूरी? चुनाव आयोग ने दी सफाई
SIR Form 6 Declaration
SIR Form 6 Declaration को लेकर चल रही चर्चा के बीच चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के मुताबिक, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान नए मतदाताओं के पंजीकरण और दूसरे राज्य से स्थानांतरण के लिए Form-6 या Form-8 के साथ अतिरिक्त घोषणा पत्र जमा करने का प्रावधान है। आयोग ने कहा है कि यह व्यवस्था केवल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि SIR के तहत संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू की गई है।
SIR Form 6 Declaration की व्यवस्था पहली बार कब लागू हुई?
चुनाव आयोग के अनुसार, बिहार में 24 जून 2025 को जारी SIR आदेश में पहली बार नए मतदाता के पंजीकरण या राज्य के बाहर से स्थानांतरण के मामले में Form-6/Form-8 के साथ घोषणा पत्र का प्रावधान किया गया था। इसके बाद 27 अक्टूबर 2025 को 12 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और 14 मई 2026 को 19 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में हुए SIR में भी यही व्यवस्था लागू की गई। आयोग के मौजूदा SIR दस्तावेज में भी नए मतदाता के लिए Form 6 के साथ निर्धारित Declaration Form का उल्लेख है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी चुनाव आयोग ने दिया हवाला
SIR Form 6 Declaration को लेकर चुनाव आयोग ने ADR बनाम ECI मामले में सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के आदेश का हवाला दिया है। आयोग के मुताबिक, अदालत ने नए मतदाता द्वारा Form-6 के साथ Annexure-D में घोषणा पत्र जमा करने की व्यवस्था को बरकरार रखा। आयोग के अनुसार, इस घोषणा पत्र में आवेदक से उसकी नागरिकता और किसी अन्य विधानसभा या लोकसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम शामिल न होने से संबंधित घोषणा ली जाती है।
घोषणा पत्र देने वाले आवेदक को अलग दस्तावेज की जरूरत नहीं
चुनाव आयोग का कहना है कि SIR Form 6 Declaration की व्यवस्था मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखकर भी की गई है। आयोग के अनुसार, घोषणा पत्र देने वाले आवेदक को इसके अलावा किसी अन्य दस्तावेज को जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। आयोग ने यह भी कहा है कि SIR के तहत यह व्यवस्था सभी संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में समान रूप से लागू की गई है।
SIR की कानूनी शक्ति और नए मतदाताओं के पंजीकरण का नियम
चुनाव आयोग ने SIR की शक्ति के लिए संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21(3) का हवाला दिया है। आयोग के मुताबिक, 2021 में RP Act की धारा 14 में संशोधन के बाद 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र व्यक्ति 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई या 1 अक्टूबर को क्वालिफाइंग डेट के आधार पर मतदाता सूची में पंजीकरण करा सकते हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि Special Summary Revision यानी SSR और Special Intensive Revision यानी SIR दोनों धारा 21(3) के तहत किए जाते हैं और दोनों प्रक्रियाओं को एक साथ चलाना कानूनी रूप से जरूरी नहीं है।
