Punjab Election 2027: चुनावी तैयारी में AAP, अकाली दल और BJP आगे, कांग्रेस संगठन को लेकर उलझी
Punjab Election 2027
Punjab Election 2027 को लेकर पंजाब में राजनीतिक दलों की तैयारियां जमीन पर नजर आने लगी हैं। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी, शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी ने अपने-अपने स्तर पर चुनावी अभियान शुरू कर दिया है, लेकिन मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस अभी संगठन को लेकर असमंजस में दिखाई दे रही है। अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने परगट सिंह को पंजाब की कमान सौंपी है। वहीं, पार्टी ने पंजाब के लिए सचिन पायलट को प्रभारी बनाया है।
कांग्रेस के सामने गुटबाजी बड़ी चुनौती
कांग्रेस ने संगठन में बदलाव के साथ राज्य में तेजी से काम करने और चुनावी तैयारियों पर जोर देने की अपील की है। पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य में जारी गुटबाजी और संगठनात्मक गतिरोध को खत्म करना है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 18 सीटें मिली थीं। वहीं, लोकसभा चुनाव में पार्टी ने पंजाब की 13 में से 7 सीटों पर जीत हासिल की थी। ऐसे में Punjab Election 2027 से पहले कांग्रेस के सामने अपने संगठन को मजबूत करने और इन चुनावी प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की चुनौती है।
अकाली दल ने Punjab Election 2027 के लिए शुरू किया डोर-टू-डोर अभियान
शिरोमणि अकाली दल ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज करते हुए 6 अक्टूबर से डोर-टू-डोर अभियान शुरू करने का फैसला किया है। पार्टी सभी 117 विधानसभा सीटों पर एक साथ जनसंपर्क अभियान चलाएगी। इसका मकसद सीधे लोगों तक पहुंचना और चुनावी तैयारी को जमीन पर मजबूत करना है। Punjab Election 2027 के लिए अकाली दल का यह अभियान राज्य की सियासत में उसकी सक्रियता को दिखाता है।
AAP का लोक मिलन अभियान, भगवंत मान भी मैदान में
सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी भी Punjab Election 2027 को लेकर लगातार जनसंपर्क बढ़ा रही है। पार्टी ने ‘लोक मिलन’ के जरिए लोगों से संवाद तेज किया है और मुख्यमंत्री भगवंत मान अलग-अलग जिलों में जाकर लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। पार्टी मुफ्त बिजली और विभिन्न योजनाओं के जरिए अपनी पहुंच बढ़ाने का दावा कर रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP ने 92 सीटों पर जीत हासिल की थी।
BJP ने नशामुक्ति अभियान से शुरू की चुनावी तैयारी
Punjab Election 2027 के लिए बीजेपी ने भी अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी ने राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर नशामुक्ति अभियान के जरिए लोगों से जुड़ने की मुहिम शुरू की है। बीजेपी की कोशिश पंजाब में अपने दम पर सरकार बनाने या राज्य की राजनीति में मुख्य भूमिका निभाने की है। पिछली विधानसभा में बीजेपी के पास दो सीटें थीं और लोकसभा चुनाव में पार्टी कोई सीट नहीं जीत पाई थी। ऐसे में Punjab Election 2027 बीजेपी के लिए भी अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने का बड़ा मौका होगा।
