रूसी सेना में भारतीयों की भर्ती: 259 भारतीयों के शामिल होने की जानकारी, 69 अब भी सेवा में
रूसी सेना में भारतीयों की भर्ती
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी सेना में भारतीयों की भर्ती को लेकर भारत सरकार ने गंभीर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 259 भारतीय नागरिकों के रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से 69 भारतीय अभी भी रूसी सेना में सेवा दे रहे हैं। सरकार ने इन भारतीयों की जल्द रिहाई और सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए रूस के साथ बातचीत जारी रखी है।
139 भारतीयों की रिहाई
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत सरकार ने रूस के साथ लगातार बातचीत करके 139 भारतीय नागरिकों की समय से पहले रिहाई सुनिश्चित की है। हालांकि, 69 भारतीयों के अब भी रूसी सेना में होने की जानकारी चिंता बढ़ा रही है। मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती होने के किसी भी प्रस्ताव से दूर रहें। सरकार ने चेतावनी दी है कि इस तरह की भर्ती में जान का गंभीर खतरा हो सकता है।
नौकरी और मोटी सैलरी का लालच देकर रूस ले जाने का आरोप
रूसी सेना में भारतीयों की भर्ती से जुड़े मामलों में नौकरी के नाम पर युवकों को रूस ले जाने के आरोप भी सामने आए हैं। तेलंगाना के निजामाबाद निवासी कस्तूरी तिरुपति ने बताया कि वह दो अन्य लोगों के साथ 27 सितंबर को रूस गए थे। उनके मुताबिक, उन्हें करीब 2 लाख रुपये मासिक वेतन और 8 लाख रुपये के इंश्योरेंस बोनस का भरोसा दिया गया था। लेकिन रूस पहुंचने के बाद उन्हें सैन्य शिविर में ले जाया गया और सैनिकों की ड्यूटी दिए जाने की बात कही गई।
तेलंगाना के युवकों ने सांसद से मांगी मदद
तिरुपति के अनुसार, करीब 30 लोगों ने निजामाबाद के सांसद धर्मपुरी अरविंद से संपर्क कर सैन्य शिविर से निकलने और भारत लौटने में मदद मांगी। उन्होंने बताया कि 20 से ज्यादा लोग अब भी रूस में हैं, जबकि वह दो अन्य लोगों के साथ भारत लौटने में सफल रहे। इससे पहले तेलंगाना के चार अन्य परिवारों ने भी आरोप लगाया था कि उनके परिजनों को निर्माण कार्य और मजदूरी की नौकरी का भरोसा देकर रूस ले जाया गया, लेकिन बाद में उन्हें सैन्य गतिविधियों से जोड़ दिया गया।
विदेश मंत्रालय ने फिर दी चेतावनी
रूसी सेना में भारतीयों की भर्ती का मुद्दा मार्च 2024 में भी चर्चा में आया था, जब सोशल मीडिया पर रूसी सैन्य वर्दी पहने भारतीय युवकों के वीडियो सामने आए थे। कुछ युवकों ने दावा किया था कि उन्हें ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बाद रूसी सेना में शामिल कर लिया गया, जिन्हें वे समझ नहीं सके। पंजाब, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात और कश्मीर के परिवारों ने भी अपने परिजनों के रूस में फंसे होने की शिकायत की थी। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे आकर्षक नौकरी के प्रस्तावों की अच्छी तरह जांच करें और रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती होने से बचें।
