ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन: ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और पी. विजयन हिरासत में, दिल्ली से केरल तक विरोध
ज्ञानेश कुमार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। इनमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन समेत कई बड़े नेता शामिल हैं। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर किया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं।
ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल भी हिरासत में
दिल्ली के साउथ एवेन्यू में ममता बनर्जी को टीएमसी नेता डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन और पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ हिरासत में लिया गया। वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके अलावा, सीपीएम के कई नेताओं को भी प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया। विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बताया।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन पर पी. विजयन ने उठाए सवाल
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने हिरासत में लिए जाने के बाद फेसबुक पर पोस्ट साझा कर एनडीए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी को ओपन जेल में बदल दिया गया है और पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती के जरिए लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश की जा रही है। विजयन के मुताबिक, यह प्रदर्शन उन कदमों के खिलाफ था, जिनसे लोगों के मतदान के अधिकार को कमजोर किए जाने का आरोप है। उन्होंने मतदान के अधिकार को लोकतंत्र का आधार बताया।
दिल्ली से केरल तक फैला विरोध, कई जगह प्रदर्शन
दिल्ली में नेताओं की हिरासत के बाद केरल के अलग-अलग हिस्सों में भी माकपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कोझिकोड में बेपोर के विधायक पी. ए. मोहम्मद रियास के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला। कन्नूर में माकपा के जिला सचिव के. के. रागेश ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। पार्टी नेताओं ने दिल्ली में हुई कार्रवाई की आलोचना की और आंदोलन तेज करने की बात कही। वहीं, पलक्कड़ में डीवाईएफआई के प्रदर्शन के दौरान हिंसा होने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।
प्रियंका गांधी ने सरकार पर लगाए तानाशाही के आरोप
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र कमजोर हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में तानाशाही चलाई जा रही है। प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दावा किया कि 254 सांसदों के साथ मारपीट की गई और उन्हें अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में बैरिकेडिंग, जांच चौकियों और अन्य प्रतिबंधों के जरिए राजधानी की घेराबंदी की गई। इस पूरे घटनाक्रम के बीच ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन और SIR को लेकर विपक्ष का विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है।
