अखिलेश यादव का राजनाथ सिंह पर तंज, ‘लखनऊ-एक्सप्रेस’ को लेकर किया इशारा
अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर तंज कसा है। अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सत्ताधारी दल की ओर से बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की जा रही है। उन्होंने ‘लखनऊ-एक्सप्रेस’ के इंजन के फेल होने का जिक्र करते हुए संकेत दिया कि दिल्ली का इंजन लखनऊ की कमान किसी और को सौंपने का अंदरूनी फैसला कर चुका है। अखिलेश ने इसे दिखावटी प्रेस कॉन्फ्रेंस बताते हुए सवाल किया कि अब लखनऊ के लोगों की रक्षा कौन करेगा?
अखिलेश यादव का राजनाथ सिंह पर तंज
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में कहा कि असली खेल लखनऊ के इंजन को खटारा साबित करके उसे स्थायी रूप से हटाने का है। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी संभावित बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की। उनके इस तंज को राजनाथ सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस और उत्तर प्रदेश की राजनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। अखिलेश के बयान ने राजनीतिक गलियारों में लखनऊ की कमान को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और सहयोगियों पर लगाया अराजकता फैलाने का आरोप
दूसरी ओर, लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजनाथ सिंह ने दिल्ली में हालिया घटनाक्रमों को लेकर कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगियों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण में लगाने के बजाय राजनीतिक टकराव और अराजकता फैलाने के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश हो रही है। रक्षा मंत्री के मुताबिक, देश के नौजवानों को अराजकता की राजनीति का मोहरा बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
एसआईआर विवाद पर राजनाथ सिंह का बयान
राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं की ओर से ‘रेजीम चेंज’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है और बांग्लादेश से प्रेरणा लेकर सरकार बदलने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा विरोध केवल चुनाव सुधार, एसआईआर या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि उनके मुताबिक इसका उद्देश्य देश में अराजकता पैदा करके सत्ता हासिल करना है। ये आरोप राजनाथ सिंह ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों और बयानों के संदर्भ में लगाए।
राहुल गांधी को राजनाथ सिंह की सलाह
रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी और उनके सहयोगियों से लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के नाम पर अराजकता फैलाना या देश की विकास यात्रा में बाधा डालना उचित नहीं है। राजनाथ सिंह ने सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी का भी उल्लेख किया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून का सम्मान करने पर जोर दिया। एक ओर राजनाथ सिंह विपक्ष पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर अखिलेश यादव उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर राजनीतिक तंज कस रहे हैं।
