दिल्ली में बीते कुछ समय से बिजली कटौती की समस्या को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से ही लोगों को अनियोजित और लंबे पावर कट्स का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे पर मंगलवार (1 अप्रैल) को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी समेत आप विधायकों ने चर्चा की मांग की। लेकिन स्पीकर द्वारा इजाजत न मिलने के बाद विपक्ष ने सदन में जोरदार हंगामा किया और फिर वॉकआउट कर दिया।
आप विधायकों का प्रदर्शन और बीजेपी पर निशाना
सदन से वॉकआउट करने के बाद आम आदमी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा परिसर में बीजेपी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मांग की कि दिल्ली के नागरिकों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए।
आप विधायकों का आरोप है कि अरविंद केजरीवाल सरकार के 10 साल के कार्यकाल में दिल्ली में 24 घंटे बिजली की व्यवस्था थी, लेकिन बीजेपी सरकार ने मात्र डेढ़ महीने में ही पूरी व्यवस्था को चौपट कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार ने बिना किसी पावर कट के 24 घंटे बिजली सुनिश्चित की थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
यह भी पढ़ें: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शहरी विकास विभाग के अधिकारियों संग की महत्वपूर्ण बैठक
दिल्ली में बढ़ते पावर कट्स से लोग परेशान
आतिशी ने आरोप लगाया कि मार्च महीने में ही दिल्ली के विभिन्न इलाकों में अनशेड्यूल्ड और लंबे पावर कट्स हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नरेला, बवाना, रोहिणी, नजफगढ़, करावल नगर और नई दिल्ली जैसे इलाकों में बिजली कटौती की समस्या बढ़ गई है।
सोशल मीडिया पर भी बिजली कटौती को लेकर दिल्ली के लोगों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। खासकर छतरपुर, बुराड़ी, दिल्ली यूनिवर्सिटी और अन्य क्षेत्रों में रहने वाले लोग बिजली कटौती से परेशान हैं। बीते एक महीने में सोशल मीडिया बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतों से भरा पड़ा है।
45 दिनों में बिजली व्यवस्था चरमराई
आप नेता आतिशी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राज्यसभा में पेश किए गए आंकड़ों और केंद्रीय विद्युत मंत्रालय की रिपोर्ट में यह दिखाया गया था कि दिल्ली में 24 घंटे बिजली उपलब्ध रहती है। लेकिन दिल्ली में बीजेपी सरकार बनने के मात्र 45 दिनों के भीतर ही बिजली की आपूर्ति अनियमित हो गई है।
उन्होंने कहा कि आज दिल्ली विधानसभा में बिजली कटौती के मुद्दे पर चर्चा के लिए आम आदमी पार्टी के विधायकों संजीव झा और कुलदीप कुमार ने नोटिस दिया है। उन्होंने आशा जताई कि दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा जरूर कराएंगे।
आप विधायक संजीव झा की प्रतिक्रिया
आप विधायक संजीव झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि 28 मार्च को जगतपुर गांव और बुराड़ी में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। उन्होंने कहा कि यह पावर कट क्षेत्रवासियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बना। संजीव झा ने दिल्ली सरकार और ऊर्जा मंत्री से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की, ताकि भविष्य में लोगों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी ने आम आदमी पार्टी के इन आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि आप सरकार ने दिल्ली की बिजली कंपनियों को जरूरत से ज्यादा सब्सिडी दी थी, जिससे दिल्ली की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर असर पड़ा है। उनका आरोप है कि आम आदमी पार्टी अपने 10 साल के कुप्रबंधन को छिपाने के लिए बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है।
बीजेपी नेताओं ने यह भी कहा कि दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों को समय पर भुगतान न मिलने की वजह से सप्लाई में दिक्कत आ रही है और इसकी जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी सरकार की है।
आगे की राह
दिल्ली में बिजली कटौती का यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है। आम आदमी पार्टी जहां इसे बीजेपी की नाकामी बता रही है, वहीं बीजेपी इसे आप सरकार के गलत फैसलों का नतीजा करार दे रही है। इस मामले में अगर जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला, तो दिल्ली के नागरिकों को बिजली संकट का और भी गंभीर रूप से सामना करना पड़ सकता है।
बिजली की समस्या से जूझ रही दिल्ली के नागरिकों को अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है। क्या आम आदमी पार्टी के दबाव में बीजेपी सरकार कोई ठोस कदम उठाएगी, या यह राजनीतिक विवाद ऐसे ही चलता रहेगा? यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

संबंधित पोस्ट
Gorakhpur Mahotsav 2026 में CM Yogi का बड़ा बयान!
Maharashtra BMC Election: वोटिंग से पहले जान लें ये जरूरी नियम…
Iran संग व्यापार करने पर भारत पर लगेगा 25 % अतिरिक्त Tariff?