January 23, 2026

जयशंकर बोले अब दुनिया की धुन भारत तय करेगा | BIST म्यूज़िक फेस्टिवल से दिया बड़ा संदेश

नई दिल्ली |भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक बार फिर देश की विदेश नीति और सांस्कृतिक पहचान को दुनिया के सामने मजबूती से रखा है। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित पहले BIST ट्रेडिशनल म्यूज़िक फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा अब दुनिया की धुन भारत तय करेगा।इस एक वाक्य में भारत की बदलती वैश्विक भूमिका, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक आत्मविश्वास को देखा जा सकता है।

BIST ट्रेडिशनल म्यूज़िक फेस्टिवल संस्कृति के जरिए कूटनीति

इस म्यूज़िक फेस्टिवल में भारत, इंडोनेशिया, सर्बिया और थाईलैंड (BIST) जैसे देशों के पारंपरिक संगीत को मंच मिला। इस मंच से जयशंकर ने स्पष्ट किया कि संगीत महज़ कला नहीं, बल्कि यह राष्ट्रों की आत्मा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतिबिंब है।उन्होंने यह भी कहा कि भारत संगीत और संस्कृति के ज़रिए एक नया वैश्विक संवाद शुरू कर रहा है । जहां शक्ति का प्रदर्शन हथियारों से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक ध्वनि और विचारों से होगा।

वैश्विक राजनीति पर भारत का साफ रुख

जयशंकर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी और रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर आरोप लगाया था कि वह रूस से सस्ता तेल खरीदकर मुनाफे में बेच रहा है और इसी को लेकर टैरिफ बढ़ाने की धमकी भी दी गई।लेकिन भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि उसकी विदेश नीति किसी दबाव में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हितों और स्वतंत्र निर्णयों पर आधारित है।

जयशंकर का संदेश हम अपनी राह खुद चुनते हैं

विदेश मंत्री ने कहा कि अब दुनिया केवल कुछ गिने-चुने देशों के इशारों पर नहीं चलेगी।इस संदेश में वह आत्मविश्वास झलकता है जो भारत ने वैश्विक मंचों पर G20, SCO और BRICS जैसे फोरम्स पर बार-बार प्रदर्शित किया है।

भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को नई दिशा

जयशंकर के मुताबिक, सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी कूटनीति का एक सशक्त माध्यम है। भारत, जो कभी सॉफ्ट पावर के तौर पर देखा जाता था, अब सांस्कृतिक महाशक्ति बनकर उभर रहा है।BIST म्यूज़िक फेस्टिवल इसका जीता-जागता उदाहरण है, जिसमें लोक संगीत, परंपरा और साझा विरासत के माध्यम से भारत ने विश्व को जोड़ने का प्रयास किया।

क्या है बड़ा संदेश?

भारत अब भू-राजनीतिक दबावों से ऊपर उठकर अपनी आवाज़ खुद तय कर रहा है अमेरिका हो या यूरोप,रूस से तेल खरीद हो या ट्रेड डील,भारत अपने फैसले स्वतंत्र रूप से और अपने हित में ले रहा है।जयशंकर का यह भाषण सिर्फ संगीत समारोह का उद्घाटन नहीं था, बल्कि यह एक साफ संदेश था दुनिया को कि भारत अब वैश्विक धारा में नेतृत्व करने को तैयार है।

भारत की धुन, भारत की दिशा

अब दुनिया की धुन भारत तय करेगा यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक सोच का प्रतिबिंब है।भारत अब न सिर्फ अपनी आर्थिक और राजनीतिक नीति में आत्मनिर्भर है, बल्कि सांस्कृतिक स्तर पर भी नेतृत्व की भूमिका में है।BIST फेस्टिवल के मंच से जयशंकर ने जो संदेश दिया है, वह आने वाले समय में भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और विदेश नीति दोनों को आकार देगा।

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