Mohan Bhgwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS को लेकर अक्सर यह सवाल उठता रहा है कि क्या संघ एक पैरामिलिट्री संगठन है और क्या उसका सीधा संबंध भारतीय जनता पार्टी से है। अब इन सवालों पर खुद RSS प्रमुख मोहन भागवत ने साफ़ और दो टूक जवाब दिया है। शुक्रवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए मोहन भागवत ने कहा कि RSS को सिर्फ उसकी वर्दी और शारीरिक अभ्यास देखकर पैरामिलिट्री संगठन मान लेना पूरी तरह गलत है। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि संघ कोई सैन्य या अर्धसैनिक संगठन नहीं है।
Mohan Bhgwat: जाने मोहन भागवत ने क्या कुछ कहा
मोहन भागवत ने यह भी कहा कि RSS को BJP के चश्मे से देखना एक बहुत बड़ी भूल होगी। उनके मुताबिक, संघ की सोच और कामकाज को किसी राजनीतिक पार्टी तक सीमित नहीं किया जा सकता। RSS प्रमुख ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्य उद्देश्य समाज को जोड़ना है। संघ समाज में ऐसे संस्कार, गुण और मूल्य विकसित करना चाहता है, जिससे भारत भविष्य में कभी भी किसी विदेशी ताकत के अधीन न जाए। उन्होंने कहा कि देश की एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना ही संघ का मूल काम है।
जाने क्या है बीजेपी आरएसएस का कनेक्शन
हालांकि, Mohan Bhgwat के बयान के अलावा यह भी एक सच्चाई है कि RSS को भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक जड़ माना जाता रहा है। RSS से ही पहले जनसंघ बना और बाद में उसी विचारधारा से BJP का गठन हुआ। लेकिन मोहन भागवत के बयान के बाद एक बार फिर यह साफ़ करने की कोशिश की गई है कि RSS खुद को एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन मानता है, न कि किसी राजनीतिक या सैन्य संगठन के रूप में। मोहन भागवत का यह बयान ऐसे समय आया है जब RSS और BJP के रिश्तों को लेकर राजनीतिक बहस लगातार जारी रहती है।

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