2 अप्रैल 2025 को एक बार फिर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और अब प्रमुख चुनावी चेहरे डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पुराने अंदाज़ में दुनिया को चौंका दिया। उन्होंने भारत, इज़रायल और वियतनाम जैसे प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर नए टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की घोषणा की है, जो 9 अप्रैल से लागू होंगे।
भारत पर लगेगा 26% आयात शुल्क
इस नई टैरिफ नीति के तहत:
- भारत पर 26%
- वियतनाम पर 46%
- इज़रायल पर 17% शुल्क लगाया जाएगा।
ट्रंप ने इसे “Reciprocal Trade” का नाम दिया है – यानी जितना अमेरिका किसी देश से आयात करता है, उतना या उससे कम ही निर्यात उसे करना चाहिए।
भारत के लिए झटका
भारत के लिए यह फैसला एक बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका, भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाज़ार है।
टेक्सटाइल, आईटी, फार्मा, ऑटो पार्ट्स जैसे क्षेत्रों में इसका सीधा असर पड़ सकता है। इससे न केवल इन क्षेत्रों की रोज़गार क्षमता पर असर पड़ेगा, बल्कि भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों में भी तनाव आ सकता है।
यह भी पढ़ें: वक्फ संशोधन बिल पर संसद में बहस: रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर साधा निशाना
व्यापार वार्ताओं की रफ्तार तेज
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और इन तीनों देशों के बीच तेज़ी से व्यापार वार्ता चल रही है। ट्रंप चाहते हैं कि टैरिफ लागू होने से पहले समझौता हो जाए।
खास बात यह है कि वियतनाम के नेताओं ने लचीलापन दिखाते हुए कहा है कि अगर अमेरिका से डील होती है तो वे अपने टैरिफ को शून्य तक लाने को तैयार हैं।
इज़रायल की चिंता
इज़रायल ने भी इस नीति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे उनकी कंपनियों की प्रतिस्पर्धा क्षमता कमजोर होगी और कई कंपनियां अमेरिका में ही निर्माण (manufacturing) शुरू करने पर विचार कर सकती हैं।
ट्रंप का ‘डील मेकिंग’ अंदाज़
ट्रंप हमेशा से डील मेकर की छवि के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने मीडिया से कहा –
“हर देश हमें कॉल कर रहा है, हम ड्राइवर की सीट पर हैं।”
उनका मानना है कि टैरिफ एक हथियार है, जिससे देशों को बातचीत की टेबल पर लाया जा सकता है।
TikTok और टेक्नोलॉजी पर भी संकेत
ट्रंप ने चीन की कंपनी TikTok का उदाहरण देकर यह भी बताया कि यह नीति सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी प्रभुत्व के मुद्दों से भी जुड़ी है।
एरिक ट्रंप का बयान
डोनाल्ड ट्रंप के बेटे एरिक ट्रंप ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा –
“जो देश पहले समझौता करेगा, वो जीतेगा… जो आख़िरी में करेगा, वो हारेगा।”
इस बयान से अमेरिका का साफ संदेश है – तेज़ी से समझौता करो या आर्थिक नुकसान झेलो।
चीन और कनाडा का जवाब
जहां भारत, वियतनाम और इज़रायल बातचीत का रास्ता अपनाना चाह रहे हैं, वहीं चीन और कनाडा ने कड़ा रुख अपनाते हुए जवाबी टैरिफ की चेतावनी दी है। इससे संभावित व्यापार युद्ध की स्थिति बन सकती है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
भारत के लिए यह समय रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है। अमेरिका से व्यापारिक संबंध बचाए रखना ज़रूरी है, लेकिन अपने उद्योगों और आर्थिक हितों की रक्षा करना भी उतना ही अहम है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि भारत इस चुनौती का कूटनीतिक और व्यावसायिक जवाब कैसे देता है।

संबंधित पोस्ट
विवाह पंजीकरण को लेकर बदली सोच, UCC के बाद उत्तराखंड में 24 गुना वृद्धि
BJP: जल्द होगा बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव! Nitin Naveen राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बेहद करीब!
CBI ने की Actor Vijay से पूछताछ! यहाँ जाने पूरी खबर…