August 22, 2026

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नागपुर में होली से पहले दिल दहला देने वाला मामला,5 साल के बच्चे पर खौलता पानी डालने का आरोप

रंगों के उत्सव में दर्द की दास्तान, कोराडी इलाके से सामने आया दिल दहला देने वाला मामला

जहां एक ओर पूरा देश होली और धुलेंडी के रंगों में डूबा हुआ था। वहीं महाराष्ट्र के नागपुर से आई एक खबर ने हर संवेदनशील इंसान को स्तब्ध कर दिया। आरोप है कि महज चार साल के एक मासूम बच्चे ने खेलते-खेलते अपनी दादी पर पेंट की कुछ बूंदें छिड़क दीं, और गुस्से में आकर दादी ने उसके ऊपर खौलता हुआ पानी डाल दिया।

यह पूरा घटना नागपुर के कोराडी क्षेत्र के आरामशीन, वार्ड नंबर 2 की बताई जा रही है। त्योहार की खुशियों के बीच घटी इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

मासूमियत की छोटी शरारत, गुस्से का भयानक अंजाम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 3 मार्च को इलाके में होली की तैयारियां चल रही थीं। चार वर्षीय ओम हरीश वांगे घर के बाहर स्प्रे बोतल में पेंट भरकर खेल रहा था। बचपन की चंचलता में उसने पास खड़ी अपनी दादी, सिंधु ठाकरे, पर हल्का सा पेंट स्प्रे कर दिया।

बताया जा रहा है कि उस समय महिला किसी काम के लिए बाल्टी में उबलता पानी भर रही थीं। पोते की इस शरारत से नाराज होकर उन्होंने कथित तौर पर बाल्टी का खौलता पानी बच्चे पर उड़ेल दिया।

खौलते पानी के संपर्क में आते ही बच्चा दर्द से चीख उठा। आसपास के लोग और परिजन तुरंत हरकत में आए और उसे नागपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

45 प्रतिशत तक झुलसा बच्चा, हालत गंभीर

डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे के शरीर का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया है। खासकर कमर के नीचे का हिस्सा गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को नाजुक बताया है और लगातार उपचार जारी है।

इतनी कम उम्र में इस तरह की गंभीर जलन शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी गहरा असर छोड़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में लंबे समय तक चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता की आवश्यकता पड़ती है।

CCTV में कैद घटना

पुलिस के मुताबिक, यह पूरी घटना पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में कथित तौर पर साफ दिखता है कि कैसे मामूली सी बात पर महिला ने अपना आपा खो दिया।

जांच अधिकारियों ने फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और इसे मामले में अहम साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी ताकि किसी प्रकार की शंका की गुंजाइश न रहे।

पुलिस की कार्रवाई और कानूनी पहलू

कोराडी पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संबंधित धाराओं के तहत महिला के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बच्चे के साथ इस तरह की हिंसा कानूनन अपराध है और दोषी पाए जाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

भारत में बाल संरक्षण से जुड़े कानून बेहद स्पष्ट हैं—किसी भी परिस्थिति में बच्चे पर शारीरिक अत्याचार स्वीकार्य नहीं है। त्योहार, पारिवारिक तनाव या क्षणिक गुस्सा किसी भी तरह से हिंसा का औचित्य नहीं बन सकते।

त्योहार और बढ़ता तनाव: एक सामाजिक सवाल

होली खुशियों और मेलजोल का प्रतीक है। लेकिन त्योहारों के दौरान घरों में तनाव भी बढ़ सकता है—तैयारियों का दबाव, आर्थिक चिंता, काम का बोझ। ऐसे में कभी-कभी धैर्य जवाब दे जाता है।

लेकिन सवाल यह है कि क्या गुस्से में लिया गया एक फैसला किसी मासूम की जिंदगी को दांव पर लगा सकता है?

चार साल का बच्चा त्योहार को केवल खेल और रंग की तरह देखता है। उसे यह समझ नहीं होता कि उसकी शरारत किसी को नाराज कर सकती है। ऐसे में वयस्कों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे धैर्य और समझदारी से प्रतिक्रिया दें।

समाज के लिए चेतावनी

यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। घर की चारदीवारी के भीतर होने वाली हिंसा अक्सर बाहर नहीं आ पाती। लेकिन जब ऐसे मामले सामने आते हैं, तो वे हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमारी जागरूकता कितनी पर्याप्त है।

पड़ोसियों, रिश्तेदारों और समाज के अन्य लोगों की भी जिम्मेदारी बनती है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध या हिंसक स्थिति पर चुप न रहें।

प्रशासन से उम्मीद

स्थानीय प्रशासन से अपेक्षा है कि वह मामले की निष्पक्ष जांच करे और यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे। साथ ही, पीड़ित बच्चे के इलाज और पुनर्वास के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

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