अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 के हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुर्घटना में 270 से अधिक यात्रियों की मौत हो चुकी है, और यह भारत के इतिहास में सबसे भयावह एविएशन हादसों में शामिल हो गया है। इस हादसे को लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु को एक तीखा पत्र भेजा गया है, जिसने सरकार और एयर इंडिया की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पत्र में?
पत्र में पूछा गया है कि क्या एयर इंडिया की प्राइवेटाइजेशन प्रक्रिया के बाद सुरक्षा मानकों में ढील दी गई थी? साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित विमान में तकनीकी समस्याएं पहले से ज्ञात थीं, फिर भी उसे उड़ान भरने की अनुमति क्यों दी गई? यह सवाल इस दुर्घटना की पृष्ठभूमि में और भी अहम हो जाता है, जब प्रारंभिक जांच में इंजन फेल्योर और फ्लेम आउट की आशंका जताई गई है।
मंत्री की प्रतिक्रिया
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) और एयरक्रैश इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने संयुक्त रूप से तकनीकी जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि ब्लैक बॉक्स की रिकवरी हो चुकी है और उसकी डिकोडिंग के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ सकेगी। यदि मेंटनेंस या ऑपरेशन में कोई लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष हमलावर
विपक्षी पार्टियों ने इस हादसे को सरकार की लापरवाही और एयर सेफ्टी में गिरावट का नतीजा बताया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं ने संसद में इस मुद्दे को जोरशोर से उठाने की चेतावनी दी है। सोशल मीडिया पर भी इस हादसे को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। #AI171Crash और #AirIndiaAccountable जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
एयर सेफ्टी पर सवाल
इस हादसे ने भारत की एयर सेफ्टी को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। क्या एयरलाइंस मेंटेनेंस और सुरक्षा प्रक्रियाओं को गंभीरता से ले रही हैं? क्या प्राइवेट ऑपरेटर्स को पर्याप्त निगरानी और नियंत्रण में रखा जा रहा है? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में DGCA और AAIB की रिपोर्ट से मिलेंगे।
तकनीकी जांच और अगला कदम
DGCA की टेक्निकल टीम फिलहाल AI 171 के ब्लैक बॉक्स की डिकोडिंग में लगी है। यदि भारत में डेटा रिकवरी संभव नहीं होती, तो इसे अमेरिका की NTSB लैब भेजा जा सकता है। इस प्रक्रिया में करीब 3 से 4 हफ्ते लग सकते हैं। तब तक पीड़ित परिवार और पूरा देश जांच के निष्कर्षों का इंतजार कर रहा है।

संबंधित पोस्ट
Law College में फर्स्ट ईयर छात्र ने की फायरिंग! जाने पूरी खबर
India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर ओवैसी का हमला
India-US Trade Deal पर राहुल गाँधी का मोदी पर पलटवार