Sugar Price in India: चीनी की कीमतों में उछाल के बीच मोदी सरकार ने बदले कच्ची चीनी आयात के नियम
Sugar Price in India
Sugar Price in India को लेकर आम लोगों के लिए बड़ी खबर है। देशभर में चीनी की खुदरा कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 20 जुलाई 2026 को चीनी की औसत खुदरा कीमत 48.18 रुपये प्रति किलो थी, जो 20 अगस्त 2026 तक बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। यानी एक महीने में चीनी के दाम 7.52 रुपये प्रति किलो बढ़े हैं। इस तरह Sugar Price in India में करीब 15.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने कच्ची चीनी के आयात से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया है।
Sugar Price in India: कच्ची चीनी आयात के नियम बदले
केंद्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन (MT) कच्ची चीनी के TRQ यानी टैरिफ रेट कोटा आयात से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। नए नियमों के तहत अब आयात की गई कच्ची चीनी को किसी एक तय तारीख तक घरेलू बाजार में बेचने की व्यवस्था नहीं होगी। इसके बजाय हर खेप के लिए अलग-अलग समय सीमा लागू होगी। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य आयातित कच्ची चीनी की प्रोसेसिंग और घरेलू बाजार में उसकी उपलब्धता को बेहतर बनाना है। ऐसे में Sugar Price in India पर इस फैसले के असर को लेकर भी नजर बनी हुई है।
हर खेप को दो महीने में रिफाइन करना होगा
नए सरकारी आदेश के मुताबिक, TRQ के तहत आयात की गई कच्ची चीनी को आयातक को बिल ऑफ एंट्री दाखिल करने की तारीख से दो महीने के भीतर रिफाइन करना होगा। रिफाइनिंग के बाद इसे सफेद चीनी के रूप में घरेलू बाजार में बेचना अनिवार्य होगा। इससे पहले सरकार ने आयातित कच्ची चीनी की बिक्री के लिए 31 अक्टूबर 2026 की एक तय अंतिम तारीख निर्धारित की थी। अब हर खेप की समय सीमा अलग होगी। इस बदलाव से आयातित चीनी की बाजार में समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है।
Sugar Price in India: आम लोगों की जेब पर बढ़ा दबाव
चीनी के दाम में एक महीने में 7.52 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी ने घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा दिया है। खासतौर पर रोजमर्रा की जरूरतों और मिठाई, चाय जैसे उत्पादों की लागत पर इसका असर पड़ सकता है। Sugar Price in India में आई इस तेजी के बीच सरकार का नया TRQ नियम बाजार में आपूर्ति बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, इसका सीधा असर खुदरा कीमतों पर कब दिखाई देगा, यह चीनी की उपलब्धता, मांग और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल उपभोक्ताओं को चीनी के दाम में राहत का इंतजार है।
