बेबी पेंगोलिन रेस्क्यू: बादापई गांव के पास वन अधिकारियों ने बचाया
बेबी पेंगोलिन रेस्क्यू
बेबी पेंगोलिन रेस्क्यू का मामला सामने आया है। वन अधिकारियों ने मंगलवार तड़के बादापई गांव के पास रणकोठा बड़ापाही इलाके से पेंगोलिन के शिशुओं को रेस्क्यू किया। बचाए गए शिशुओं की उम्र करीब छह महीने से दो साल के बीच बताई गई है। रेस्क्यू किए गए चारों शिशुओं की हालत फिलहाल स्वस्थ बताई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, वे खाना खा रहे हैं और ओआरएस भी पी रहे हैं। इसके बाद सभी शिशुओं को विशेषज्ञ देखभाल के लिए भुवनेश्वर स्थित नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क भेज दिया गया।
चारों शिशुओं की हालत बताई गई स्वस्थ
बेबी पेंगोलिन रेस्क्यू के बाद अधिकारियों ने शिशुओं की सेहत पर निगरानी रखी। चारों पेंगोलिन स्वस्थ हैं और खाना-पीना कर रहे हैं। उन्हें ओआरएस भी दिया जा रहा है। बेहतर और विशेषज्ञ देखभाल के लिए सभी शिशुओं को नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क पहुंचाया गया है। यहां उन्हें आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है। इतनी कम उम्र में रेस्क्यू किए गए इन पेंगोलिन शिशुओं को उनके प्राकृतिक वातावरण से दूर पाया जाना इस पूरे मामले को गंभीर बनाता है।
बेबी पेंगोलिन रेस्क्यू के पीछे अवैध तस्करी की आशंका
वन अधिकारियों को आशंका है कि यह मामला अवैध वन्यजीव तस्करी से जुड़ा हो सकता है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि तस्करी की कोशिश किसी वजह से नाकाम हो गई और पेंगोलिन के शिशु वहां रह गए। अधिकारियों ने इस मामले की जांच के लिए वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो से जांच करने को कहा है। बेबी पेंगोलिन रेस्क्यू के बाद अब जांच एजेंसियां संभावित तस्करी मार्गों की पड़ताल कर सकती हैं।
बेबी पेंगोलिन रेस्क्यू के बाद तस्करी नेटवर्क की जांच पर जोर
अधिकारियों के मुताबिक, ये गंभीर रूप से संकटग्रस्त जानवर हैं और अवैध बाजार में इनकी ऊंची कीमत बताई जाती है। इसी वजह से पेंगोलिन की तस्करी की आशंका को गंभीरता से लिया जा रहा है। बेबी पेंगोलिन रेस्क्यू के बाद वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो से संभावित स्मगलिंग रूट की जांच करने को कहा गया है। इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि शिशुओं को कहां से लाया गया और उन्हें किस दिशा में ले जाने की कोशिश की जा रही थी।
प्राकृतिक आवास से दूर मिले शिशुओं पर पत्रकार शिव अरोड़ ने जताया दुख
इस बेबी पेंगोलिन रेस्क्यू मामले पर पत्रकार शिव अरोड़ ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इन छोटे पेंगोलिन शिशुओं को उनके प्राकृतिक आवास से इतनी दूर पाए जाने पर दुख जताया। फिलहाल सभी चार शिशुओं को नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क में विशेषज्ञ देखभाल के लिए भेजा गया है। वहीं, अधिकारियों की नजर अब संभावित अवैध तस्करी और उससे जुड़े रास्तों की जांच पर है।
