घायल तेंदुआ हमला: नेशनल हाईवे 48 पर रेस्क्यू के दौरान मचा हड़कंप
घायल तेंदुआ हमला
घायल तेंदुआ हमला: कर्नाटक के दावणगेरे जिले में एक घायल तेंदुआ हमला की घटना सामने आई, जब नेशनल हाईवे 48 के अनागोडु के पास वन विभाग की टीम घायल तेंदुए को रेस्क्यू करने पहुंची। करीब पांच साल के इस तेंदुए को हिट एंड रन की घटना में चोट लगी थी। उसकी आंख और कूल्हे पर गंभीर चोटें थीं। वन अधिकारियों ने तेंदुए को इलाज के लिए सुरक्षित करने की कोशिश शुरू की, लेकिन इसी दौरान हालात अचानक बिगड़ गए और घायल जानवर ने एक वनकर्मी पर हमला कर दिया।
घायल तेंदुआ हमला: सेडेटिव का असर होने से पहले जानवर हुआ आक्रामक
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान तेंदुए को शांत करने के लिए सेडेटिव दिया गया था, लेकिन उसका असर पूरी तरह होने से पहले ही जानवर ने हमला कर दिया। घायल तेंदुआ हमला इतना अचानक हुआ कि वनकर्मी को संभलने का मौका नहीं मिला। तेंदुए ने वनकर्मी के हाथ और पैर पर खरोंच मार दी। इस दौरान मौके पर मौजूद अन्य अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और घायल तेंदुए को काबू में रखने के लिए सावधानी बरती।
वनकर्मियों ने डंडे से तेंदुए का ध्यान भटकाया
हमले के बाद वन विभाग की टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए तेंदुए का ध्यान दूसरी ओर भटकाने की कोशिश की। सहयोगियों ने डंडे की मदद से जानवर का ध्यान अपनी तरफ किया, जिससे घायल वनकर्मी को वहां से निकलने का मौका मिल सका। घायल तेंदुआ हमला के बीच टीम ने बिना घबराए रेस्क्यू प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। इस दौरान वनकर्मियों के लिए घायल और तनावग्रस्त जंगली जानवर के व्यवहार का खतरा साफ तौर पर सामने आया।
रेस्क्यू के बाद वन्यजीव केंद्र पहुंचाया गया घायल तेंदुआ
वन विभाग की टीम ने आखिरकार तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर लिया। इसके बाद उसे इलाज के लिए एक वन्यजीव सुविधा केंद्र ले जाया गया। तेंदुआ पहले से ही हिट एंड रन में घायल था और उसकी आंख तथा कूल्हे पर चोटें थीं। घायल तेंदुआ हमला की घटना के बावजूद रेस्क्यू टीम ने ऑपरेशन पूरा किया और जानवर को उपचार के लिए सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
घायल तेंदुआ हमला बना वनकर्मियों के जोखिम का उदाहरण
हमले में घायल हुए वन अधिकारी को चिकित्सा सहायता दी गई और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है। यह घटना बताती है कि घायल वन्यजीवों के रेस्क्यू के दौरान वन विभाग के कर्मचारियों को किस तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ता है। घायल तेंदुआ हमला के दौरान वनकर्मी पर हमला उस समय हुआ, जब टीम घायल जानवर को उपचार के लिए सुरक्षित करने की कोशिश कर रही थी। घटना के बाद तेंदुए को वन्यजीव सुविधा केंद्र पहुंचाया गया, जबकि घायल अधिकारी को आवश्यक चिकित्सा देखभाल दी गई।
