August 28, 2026

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अमेरिकी दबाव में बांग्लादेश की यूनुस सरकार: वॉट्सएप के जरिए निर्देश

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार, जिसका नेतृत्व मोहम्मद यूनुस कर रहे हैं, पर अमेरिकी प्रभाव के गंभीर आरोप लगे हैं। एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, ढाका में अमेरिकी दूतावास के राजनयिक यूनुस प्रशासन के प्रमुख सलाहकारों को वॉट्सएप के माध्यम से नीतिगत और प्रशासनिक निर्देश दे रहे हैं। यह खुलासा बांग्लादेश की स्वायत्तता और संप्रभुता पर सवाल उठाता है।

वॉट्सएप पर राजनयिकों के निर्देश

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी राजनयिक बांग्लादेश सरकार के सलाहकारों को सीधे संदेश भेजकर महत्वपूर्ण नीतियों को प्रभावित कर रहे हैं। एक विशेष रिपोर्ट ने पांच अलग-अलग सलाहकारों को भेजे गए संदेशों की जानकारी हासिल की है, जो संवेदनशील मंत्रालयों के प्रभारी हैं। जून 2024 में एक सलाहकार की करीबी महिला को एक अमेरिकी राजनयिक ने 298 शब्दों का एक लंबा संदेश भेजा था, जिसमें धमकी भरा लहजा था। इस संदेश में व्यापारिक नीतियों और टैरिफ ढांचे पर दबाव डाला गया था। संदेश में कहा गया कि व्हाइट हाउस रेसिप्रोकल टैरिफ ढांचे को एक प्रस्ताव के रूप में देखता है, जिसे स्वीकार न करने पर 37% टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है। सलाहकारों को इसे गंभीरता से लेने की सलाह दी गई थी।

सलाहकारों और राजनयिकों का वॉट्सएप ग्रुप

8 अगस्त 2024 को मोहम्मद यूनुस के सत्ता संभालने के बाद एक विशेष वॉट्सएप ग्रुप बनाया गया, जिसमें अधिकांश सलाहकार शामिल हैं। इस ग्रुप में अमेरिकी राजनयिकों के साथ सलाहकारों की सीधी बातचीत आम है। एक अन्य सलाहकार को हाल ही में दूतावास से निर्देश प्राप्त हुए, जबकि एक महिला सलाहकार को यूनुस प्रशासन के सत्ता में आने के तुरंत बाद से ही निर्देश मिलने शुरू हो गए थे। यह स्थिति यह दर्शाती है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के महत्वपूर्ण फैसले विदेशी प्रभाव के अधीन हो सकते हैं।

न्यायपालिका पर भी प्रभाव

अमेरिकी राजनयिकों का प्रभाव केवल प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्यायपालिका तक भी फैला हुआ है। मई 2024 के तीसरे सप्ताह में एक वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक ने ढाका में एक शीर्ष न्यायाधीश से मुलाकात की थी। इसके कुछ ही दिनों बाद, 28 मई 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने जमात-ए-इस्लामी के नेता एटीएम अजहरुल इस्लाम को रिहा कर दिया। इस फैसले का विधि सलाहकार ने स्वागत किया था। यह घटना संकेत देती है कि अमेरिकी प्रभाव बांग्लादेश की न्यायिक प्रक्रियाओं को भी प्रभावित कर सकता है।

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बांग्लादेश की संप्रभुता पर सवाल

ये खुलासे बांग्लादेश की संप्रभुता और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता पर गंभीर सवाल उठाते हैं। अंतरिम सरकार के सलाहकारों द्वारा विदेशी निर्देशों को स्वीकार करना और उन पर अमल करना देश की स्वायत्तता को कमजोर कर सकता है। यह स्थिति न केवल बांग्लादेश की आंतरिक नीतियों को प्रभावित कर रही है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भी इसके निहितार्थ हो सकते हैं।

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