इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के संस्थापक और पूर्व कमिश्नर ललित मोदी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनके द्वारा दिए गए एक इंटरव्यू में किए गए चौंकाने वाले खुलासे हैं। ललित मोदी ने दावा किया है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम IPL में मैच फिक्सिंग करवाना चाहता था और जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़े। मोदी के अनुसार, उन्हें कई बार जान से मारने की धमकियां मिलीं, उन पर तीन बार जानलेवा हमले किए गए और यहां तक कि उनके बेटे का कथित तौर पर अपहरण भी करा दिया गया। ललित मोदी के इन दावों ने एक बार फिर IPL, अंडरवर्ल्ड और मैच फिक्सिंग के पुराने विवादों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। खेल जगत और राजनीतिक गलियारों में भी इन बयानों को लेकर बहस तेज हो गई है।
‘मैच फिक्सिंग के लिए दबाव बनाया गया’, ललित मोदी का दावा
ललित मोदी ने इंटरव्यू में कहा कि IPL के शुरुआती वर्षों में मैच फिक्सिंग को लेकर कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया था। उनके अनुसार, इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि उन्होंने लीग को किसी भी तरह की फिक्सिंग और अंडरवर्ल्ड के प्रभाव से दूर रखने की कोशिश की। मोदी का आरोप है कि इसी कारण अंडरवर्ल्ड उनसे नाराज हो गया था। उन्होंने दावा किया कि उन पर बार-बार दबाव बनाया गया कि IPL में कुछ लोगों को शामिल किया जाए और मैचों को प्रभावित करने की कोशिश की जाए, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया। ललित मोदी के मुताबिक, उनका यही रुख कुछ ताकतवर लोगों को पसंद नहीं आया और इसके बाद उनके खिलाफ धमकियों और हमलों का सिलसिला शुरू हो गया। हालांकि, इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
‘बेटे का अपहरण कराया गया’, लंदन की घटना का किया जिक्र
पूर्व IPL कमिश्नर ने अपने इंटरव्यू में एक और गंभीर दावा करते हुए कहा कि जब उन पर दबाव बनाने के दूसरे तरीके सफल नहीं हुए तो उनके बेटे का कथित तौर पर अपहरण करा दिया गया। ललित मोदी के अनुसार, इस घटना के दौरान उन्हें एक संदिग्ध फोन कॉल आया और उनसे तत्काल एक व्यक्ति से मिलने के लिए कहा गया, जिसे वह ‘बाबा’ के नाम से जानते थे। मोदी ने बताया कि वह उस व्यक्ति के पेंटहाउस पहुंचे, जहां उनसे IPL टीम देने की मांग की गई। उन्होंने दावा किया कि बातचीत के दौरान जब उन्होंने दाऊद इब्राहिम का नाम लिया तो सामने बैठे व्यक्ति ने सीधे फोन मिलाकर कथित तौर पर दाऊद से उनकी बात करा दी। मोदी का कहना है कि फोन पर आवाज सुनकर वह बेहद घबरा गए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह व्यक्ति दाऊद नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें फिलहाल ललित मोदी के व्यक्तिगत आरोपों के रूप में ही देखा जा रहा है।
IPL के शुरुआती दौर और विवादों के बीच ललित मोदी की भूमिका
साल 2008 में IPL की शुरुआत भारतीय क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक मानी जाती है। इस टूर्नामेंट को वैश्विक पहचान दिलाने में ललित मोदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी अगुवाई में IPL ने कुछ ही वर्षों में दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिकेट लीगों में जगह बना ली। हालांकि, सफलता के साथ विवाद भी जुड़े रहे। वर्ष 2010 में वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक विवादों के आरोपों के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने ललित मोदी के खिलाफ कार्रवाई की। बाद में उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया। ललित मोदी लगातार इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं। उनका कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए कई आरोप राजनीतिक और व्यक्तिगत कारणों से प्रेरित थे। उन्होंने कई बार सार्वजनिक रूप से दावा किया है कि उन्हें साजिश के तहत निशाना बनाया गया।
अंडरवर्ल्ड, क्रिकेट और बॉलीवुड का पुराना रिश्ता फिर चर्चा में
ललित मोदी के ताजा दावों ने एक बार फिर उस दौर की याद दिला दी है जब क्रिकेट, बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के कथित संबंधों को लेकर कई चर्चाएं होती थीं। 1990 और 2000 के दशक में मनोरंजन और खेल जगत पर अंडरवर्ल्ड के प्रभाव को लेकर कई रिपोर्टें सामने आई थीं। हालांकि समय के साथ सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र मजबूत हुआ है, लेकिन ललित मोदी के बयान ने पुराने सवालों को फिर से जीवित कर दिया है। फिलहाल उनके दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इन बयानों ने IPL के शुरुआती दौर और भारतीय क्रिकेट के इतिहास से जुड़े कई विवादित अध्यायों को फिर चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन आरोपों पर संबंधित एजेंसियां, क्रिकेट प्रशासन और अन्य पक्ष क्या प्रतिक्रिया देते हैं।