Bareilly
Bareilly में रहने वाले डॉक्टर राहुल सिद्धार्थ के साथ मंगलवार को हैरान करने वाली घटना सामने आई। डॉक्टर राहुल सिद्धार्थ उसावां कस्बे की CHC में एमओआईसी यानी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के पद पर तैनात हैं। वह मई महीने से मेडिकल लीव पर चल रहे थे और मंगलवार को ही ड्यूटी पर लौटे थे। विभागीय प्रक्रिया के तहत सीएमओ के सामने उपस्थित होकर उन्होंने ज्वाइनिंग की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके बाद वह अपनी स्कॉर्पियो से फर्रुखाबाद की ओर जा रहे थे। दोपहर करीब 2 बजे म्याऊं कस्बे के पास अचानक उनकी गाड़ी के सामने एक गाय आ गई।
गाय से टक्कर के बाद मौके पर जुटी भीड़
गाय अचानक सड़क पर आ जाने के कारण डॉक्टर की स्कॉर्पियो उससे टकरा गई। हादसे में गाय को गंभीर चोट लग गई और उसके मुंह से खून निकलने लगा। गाय को दर्द से कराहते देखकर आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। देखते ही देखते भीड़ का गुस्सा बढ़ गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने डॉक्टर को उनकी गाड़ी से बाहर खींच लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। डॉक्टर ने लोगों से माफी मांगकर मामला शांत करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने उनकी बात नहीं मानी।
ईंट-डंडों से स्कॉर्पियो में तोड़फोड़
हादसे के बाद गुस्साई भीड़ ने डॉक्टर की स्कॉर्पियो में भी तोड़फोड़ की। लोगों ने ईंट और डंडों से गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। इस दौरान डॉक्टर के साथ भी मारपीट की गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, पुलिस के पहुंचने के बाद भी कुछ लोग डॉक्टर के साथ खींचतान करते रहे। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह डॉक्टर को भीड़ से बाहर निकाला और अपने साथ ले गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने क्या कहा?
अलापुर के एसएचओ माधव सिंह बिष्ट ने बताया कि अभी तक इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। पुलिस डॉक्टर से बातचीत कर रही है। वहीं सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि डॉ. राहुल सिद्धार्थ पहले एमओआईसी के पद पर तैनात थे और पिछले कुछ महीनों से मेडिकल लीव पर चल रहे थे। मंगलवार को ही उन्होंने ड्यूटी पर लौटने की प्रक्रिया शुरू की थी। पुलिस अब पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है और घटना से जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी ली जा रही है।
PMS ने घटना की निंदा की
घटना के बाद प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (PMS) ने डॉक्टर के साथ हुई मारपीट की निंदा की है। PMS के सचिव डॉ. मोहित यादव ने कहा कि सड़क पर हादसा किसी के साथ भी हो सकता है, लेकिन भीड़ का इस तरह से कानून अपने हाथ में लेना गलत है। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों से शिकायत की गई है। संघ ने मांग की है कि ऐसी घटनाओं पर कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में किसी डॉक्टर या आम नागरिक के साथ भीड़ इस तरह का व्यवहार न कर सके।