मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की खबरों के बीच दुनिया भर में तेल-गैस का संकट खड़ा हो गया है. कई देश इस संकट से जूझ रहे हैं, लेकिन भारत सरकार का प्लान-बी देश को इस मुश्किल समय में राहत पहुंचा रहा है.
Bharat plan-B:भारत का आयात विविधिकरण: एक मजबूत कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में बताया कि भारत ने अपने ऊर्जा आयात में विविधिकरण किया है और तेल-गैस के लिए सिर्फ खाड़ी देशों पर निर्भर नहीं है. भारत अब 41 देशों से ऊर्जा आयात कर रहा है, जो पहले सिर्फ 27 देशों से था. इस विविधिकरण ने भारत को तेल-गैस संकट के समय में भी ऊर्जा आपूर्ति सुचारू रखने में मदद की है.
Bharat plan-B:रूस, अंगोला और अन्य देशों से तेल आयात
भारत ने हाल ही में रूस से 6 करोड़ बैरल तेल खरीदा है, जबकि अंगोला, नाइजीरिया, कांगो, गैबॉन और सूडान जैसे देशों से भी तेल आयात किया जा रहा है. इस विविधिकरण ने भारत को तेल-गैस संकट के समय में भी ऊर्जा आपूर्ति सुचारू रखने में मदद की है.
Bharat plan-B:पाकिस्तान और साउथ कोरिया में बुरा हाल
पाकिस्तान और साउथ कोरिया जैसे देशों में तेल-गैस संकट का बुरा हाल है. पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तगड़ा इजाफा हुआ है, जबकि साउथ कोरिया में नहाने-धोने पर पाबंदियां लगाई गई हैं. इसके विपरीत, भारत का प्लान-बी देश को इस मुश्किल समय में राहत पहुंचा रहा है.
भारत की तैयारी: एक सुरक्षित भविष्य
भारत के पास 53 लाख टन से ज्यादा का रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व है और वैकल्पिक ईंधन के विकल्पों की ओर कदम बढ़ाए हैं. भारत ने कच्चा तेल, LNG-LPG के आयात को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक फैलाया है, तो स्ट्रेटिजिक पेट्रोलियम रिजर्व को 53 लाख टन से बढ़ाकर 65 लाख टन तक पहुंचाने का कदम बढ़ाए हैं.
