Jagannath Puri: पुरीजगन्नाथमंदिरकारत्नभंडारखोलागया, 48सालबादहोगाखजानेकासचपता
पुरी: ओडिशा के पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार 48 साल बाद फिर से खोला गया है। इस ऐतिहासिक खजाने में सोने, चांदी और कीमती आभूषण शामिल हैं, जिनकी जांच और डॉक्यूमेंटेशन की जा रही है।
Jagannath Puri:12वीं सदी से जुड़ा है रत्न भंडार का इतिहास
रत्न भंडार का इतिहास 12वीं सदी से जुड़ा है और इसे राजा इंद्रद्युम्न का शाही खजाना माना जाता है। कहते हैं कि रत्न भंडार राजा इंद्रद्युम्न ने भगवान जगन्नाथ के लिए दान किया था। इस खजाने में सोने के 74 आभूषण, 140 से ज्यादा चांदी के आभूषण और कई कीमती रत्न हैं।
Jagannath Puri: क्या है रत्न भंडार में?
रत्न भंडार में भगवान जगन्नाथ और बलभद्र के सोने से बने श्रीभुजा और श्रीपयार भी हैं। इसके अलावा, सोने, हीरे, मूंगा और मोतियों से बनी प्लेटें भी हैं। इस खजाने की जांच के लिए एक टीम बनाई गई है, जो इसकी जांच और डॉक्यूमेंटेशन कर रही है। रत्न भंडार को 1905 और 1926 में भी खोला गया था। 2018 में भी इसे खोलने की कोशिश की गई थी, लेकिन चाबी खो जाने के कारण यह संभव नहीं हो सका था। अब 48 साल बाद खुल रहे इस रत्न भंडार से न सिर्फ खजाने का सच सामने आएगा, बल्कि आस्था और इतिहास के कई नए रहस्य भी उजागर हो सकते हैं।
