उत्तरकाशी, उत्तराखंड: मंगलवार को उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में बादल फटने से अचानक भारी बाढ़ आ गई, जिसने ऊंचाई पर स्थित कई गांवों को बुरी तरह प्रभावित किया। इस प्राकृतिक आपदा में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए या तेज़ पानी में बह गए। प्रशासन ने अब तक चार लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय लोग 50-60 के लगभग लोगों के लापता होने की आशंका जता रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, खीर गंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में आई इस भीषण बाढ़ ने इलाके के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। धराली के निवासी राजेश पंवार ने बताया कि मलबे में 10 से 12 लोग दबे हो सकते हैं। साथ ही लगभग 20 से 25 होटल और होमस्टे भी इस बाढ़ की चपेट में आकर बह गए हैं। प्रभावित क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भाग रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, ITBP और भारतीय सेना की बचाव टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं। भारतीय सेना के अनुसार अब तक 70 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। गंगोत्री और धराली में दो अतिरिक्त बचाव दल तैनात किए गए हैं। साथ ही हर्षिल से धराली तक सड़क मार्ग खोलने के लिए भारी उपकरण लगाए गए हैं। फंसे हुए लोगों की खोज के लिए ड्रोन और बचाव कुत्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
निकाले गए लोगों को चिकित्सा सहायता और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। खोज एवं बचाव अभियान अभी भी जारी है और हर प्रभावित व्यक्ति तक राहत पहुँचाने पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। भारतीय सेना ने प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता और सहयोग देने का आश्वासन दिया है। इस आपदा की गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री धामी ने भी प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि “धराली में आई आपदा ने कई परिवारों को गहरा दुख दिया है, हमारी सरकार पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है। राहत और पुनर्प्राप्ति कार्य तेजी से जारी हैं। हमारी प्राथमिकता हर लापता व्यक्ति की तलाश और प्रभावित परिवारों की सहायता है।

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