जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दिल दहला देने वाले आतंकी हमले के बाद अब सुरक्षा एजेंसियां उन आतंकियों की तलाश में जुट गई हैं जो इस नरसंहार में शामिल थे। इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान गई थी। अब सुरक्षा बलों ने तीन संदिग्ध आतंकियों की पहचान कर उनके पोस्टर जारी किए हैं और इन पर 20 लाख रुपये का इनाम रखा गया है। ये पोस्टर जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में लगाए गए हैं, ताकि स्थानीय लोग भी आतंकियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी में मदद कर सकें।
सुरक्षा बलों के अनुसार, ये तीनों आतंकी पाकिस्तान से भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे और स्थानीय मदद से इस हमले को अंजाम दिया गया। इनके छिपने के ठिकानों की तलाश के लिए सेना और पुलिस ने व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया है। जम्मू, अनंतनाग, शोपियां और पुलवामा जैसे संवेदनशील इलाकों में छापेमारी की जा रही है। स्थानीय नागरिकों से पूछताछ की जा रही है और खुफिया नेटवर्क को पूरी तरह सक्रिय किया गया है।
इस हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर इसका करारा जवाब दिया। इस सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित नौ बड़े आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया। भारतीय वायुसेना और सेना ने अत्याधुनिक मिसाइल और ड्रोन सिस्टम की मदद से इन अड्डों को निशाना बनाया। इस ऑपरेशन में आतंकवादियों को भारी नुकसान पहुंचा और उनके कई ट्रेनिंग सेंटर भी नेस्तनाबूद कर दिए गए।
पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर से पहले और इसके बाद भारत को कई बार परमाणु बम की धमकी दी थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब भारत इस तरह की धमकियों से डरने वाला नहीं है। उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारत की सेना, उसकी ताकत और उसका आत्मविश्वास पूरी तरह तैयार है और अगर जरूरत पड़ी तो और भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरतेगा। “हमने आतंक के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का रास्ता चुना है, और इस रास्ते पर बिना रुके, बिना झुके आगे बढ़ेंगे,” उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा।
सुरक्षा एजेंसियों ने पहलगाम हमले के आरोपियों की धरपकड़ के लिए स्थानीय समुदाय का सहयोग भी मांगा है। आम जनता से अपील की गई है कि यदि किसी को इन आतंकियों के बारे में कोई जानकारी हो, तो तुरंत नजदीकी सुरक्षा एजेंसी को सूचित करें। इससे न केवल हमले के गुनहगारों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी, बल्कि आतंक के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने की दिशा में भी अहम कदम साबित होगा।
भारत का यह रुख न केवल आतंकवादियों को सीधा संदेश है, बल्कि उनके समर्थकों और पालकों को भी चेतावनी है कि अब हर हरकत का जवाब दिया जाएगा। पहलगाम हमले में जिन मासूमों की जान गई, उनके परिवारों को न्याय दिलाना ही इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी प्रेरणा है।
“अब आतंक का अंत होगा, आतंकियों को हर हाल में सजा मिलेगी” — यह भारत का नया संकल्प है, और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ उसी की शुरुआत है।

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