Donald Trump
Donald Trump : ईरान की सरकारी मीडिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जमकर मजाक उड़ाते हुए पिछले महीने तुर्किये से उनके गुप्त रूप से विमान बदलने की घटना को नया विवाद बता दिया। ईरानी टीवी ने इसे ट्रंप के लिए शर्मिंदगी और अमेरिका के डर का सबूत बताया। यह मामला अंकारा में नाटो समिट के बाद ट्रंप की वापसी से जुड़ा है, जब सुरक्षा एजेंसियों को संभावित खतरे की आशंका के बाद विशेष ऑपरेशन चलाया गया था।
ईरानी हमले की आशंका के बाद बढ़ाई गई थी सुरक्षा
रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों को आशंका थी कि ईरान से जुड़े तत्व राष्ट्रपति के विमान को कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल से निशाना बना सकते हैं। सुरक्षा इनपुट मिलने के बाद ट्रंप की यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरती गई। अमेरिकी इंटेलिजेंस को कथित तौर पर यह जानकारी भी मिली थी कि ईरानी ऑपरेटिव्स को अंकारा में ट्रंप की लोकेशन और उनके होटल में ठहरने की जगह तक की जानकारी थी।
एयर फोर्स वन से गुप्त रूप से छोटे जेट में पहुंचे ट्रंप
खतरे की आशंका के चलते ट्रंप को कथित तौर पर चुपके से राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान एयर फोर्स वन से हटाकर छोटे सरकारी जेट C-32A में ले जाया गया। दूसरी ओर, बड़ा राष्ट्रपति विमान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, स्टाफ और पत्रकारों के साथ अलग से रवाना हुआ। न्यूयॉर्क की रिपोर्ट के बाद यह घटना सुर्खियों में आई और अब ईरानी मीडिया इसे अमेरिका की सुरक्षा चिंताओं और तेहरान की सैन्य क्षमता से जोड़कर पेश कर रहा है।
ईरानी दूतावास के मीम से बढ़ा सोशल मीडिया विवाद
तेहरान ने विमान बदलने की घटना और इससे जुड़े आरोपों पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन यह मामला ईरान के प्रोपेगैंडा और सोशल मीडिया अभियान का हिस्सा जरूर बन गया। दक्षिण अफ्रीका में ईरान के दूतावास ने एक मीम पोस्ट किया, जिसमें ट्रंप को खाने से भरे कैटरिंग बॉक्स के अंदर दिखाया गया। पोस्ट के कैप्शन में व्यंग्य करते हुए कहा गया कि जल्द ही उन्हें कूड़ेदान में छिपना पड़ेगा।
कैटरिंग ट्रक में छिपाकर ले जाने के दावे पर भी तंज
एक अन्य पोस्ट में ईरानी पक्ष ने ट्रंप पर तीखा तंज कसते हुए दावा किया कि जो नेता अपने विशाल युद्धपोतों और एडवांस्ड B-2 बॉम्बर्स की ताकत का जिक्र करते थे, उन्हें आखिरकार फूड ट्रक में छिपकर निकलना पड़ा। खबरों के अनुसार, 8 जुलाई को ट्रंप और उनके कुछ सहयोगियों को एयर फोर्स वन से छोटे जेट तक पहुंचाने के दौरान कैटरिंग ट्रक का इस्तेमाल किया गया था। अब इसी घटना को लेकर ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति और वॉशिंगटन की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निशाना साध रहा है।