आईजीआईएमएस आयुष्मान योजना: 45 लाख के कथित फर्जी क्लेम के बाद अब हर शुक्रवार होगी जांच
आईजीआईएमएस आयुष्मान योजना
आईजीआईएमएस आयुष्मान योजना के तहत इलाज और क्लेम की प्रक्रिया पर अब विशेष निगरानी रखी जाएगी। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में राजस्व नुकसान को लेकर कैग की आपत्ति और करीब 45 लाख रुपये के कथित फर्जी क्लेम का मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने नई समिति गठित की है। आईजीआईएमएस आयुष्मान योजना से जुड़े रिकॉर्ड और क्लेम की नियमित समीक्षा होगी। हर शुक्रवार शाम चार बजे निदेशक की अध्यक्षता में किसी एक क्लेम और संबंधित मरीज के रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। उप निदेशक डॉ. विभूति प्रसाद सिन्हा ने इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।
13.89 करोड़ के राजस्व नुकसान पर कैग की आपत्ति
आईजीआईएमएस आयुष्मान योजना को लेकर कैग की आपत्ति भी जांच की वजहों में शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, 28 नवंबर 2025 को निदेशक को भेजे गए पत्र में 13 करोड़ 89 लाख 47 हजार 358 रुपये के राजस्व नुकसान का उल्लेख किया गया था। आरोप था कि मरीजों का इलाज किए जाने के बावजूद निर्धारित समय पर क्लेम नहीं किए गए। इसके कारण संस्थान को आर्थिक नुकसान हुआ। अब नई समिति के जरिए क्लेम प्रक्रिया और रिकॉर्ड की नियमित निगरानी की जाएगी।
आईजीआईएमएस आयुष्मान योजना में मरीज के अस्पताल आए बिना क्लेम का आरोप
करीब पांच महीने पहले आईजीआईएमएस आयुष्मान योजना में करीब 45 लाख रुपये के कथित फर्जी क्लेम का मामला सामने आया था। आरोप है कि एक मरीज के अस्पताल आए बिना ही उसके आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज के नाम पर क्लेम किया गया। शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में अस्पताल की आउटसोर्सिंग एजेंसी से जुड़े कर्मचारियों द्वारा हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम में गड़बड़ी किए जाने की बात सामने आई थी।
आईजीआईएमएस आयुष्मान योजना में छह स्तरों पर होगी निगरानी
नई व्यवस्था के तहत आईजीआईएमएस आयुष्मान योजना में छह प्रमुख स्तरों पर जांच की जाएगी। मरीज के भर्ती होने से डिस्चार्ज तक के दस्तावेजों का मिलान होगा। इलाज पूरा होने के बाद समय पर पोर्टल पर क्लेम दर्ज हुआ या नहीं, इसकी निगरानी की जाएगी। हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम और आयुष्मान पोर्टल के डेटा का मिलान होगा। क्लेम से पहले मरीज के वास्तव में भर्ती होने का सत्यापन किया जाएगा। इसके अलावा बिलिंग और कंप्यूटर ऑपरेटरों समेत आउटसोर्सिंग कर्मियों की गतिविधियों और लंबित क्लेम व सरकारी फंड का वित्तीय मिलान भी किया जाएगा।
आईजीआईएमएस आयुष्मान योजना समिति में डॉक्टरों को मिली जिम्मेदारी
आईजीआईएमएस आयुष्मान योजना की नई व्यवस्था के तहत प्रो. डॉ. संजय कुमार को मुख्य नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। सर्जरी और मेडिसिन के नोडल पदाधिकारियों के साथ डॉ. तुलिका सिंह, डॉ. अमित कुमार, डॉ. विनय कुमार पाण्डेय, सुनीता कुमारी, कौशल किशोर और सरिता राज को सहायक नोडल पदाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं मेडिसिन, शल्यक्रिया, क्षेत्रीय चक्षु संस्थान और राज्य कैंसर संस्थान के लिए क्लीनिकल समन्वय अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। समिति की बैठक हर शुक्रवार शाम चार बजे निदेशक की अध्यक्षता में होगी। इसका उद्देश्य आयुष्मान मरीजों के इलाज, समन्वय और सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
