Govinda
Govinda: बॉलीवुड के ‘हीरो नंबर 1’ गोविंदा लंबे समय से बड़े पर्दे से दूर हैं, लेकिन अपनी निजी जिंदगी और बेबाक बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में दिए इंटरव्यू में उन्होंने अपनी मां निर्मला देवी के साथ रिश्ते और उनके निधन के बाद के दौर को लेकर भावुक खुलासा किया। 62 वर्षीय अभिनेता ने बताया कि वह अपनी मां के बेहद करीब थे और उन्हें अपना गुरु और भगवान मानते थे। गोविंदा के मुताबिक, उनकी मां ने शादीशुदा और बच्चे होने के बावजूद साधु जैसा जीवन जिया था। यही वजह थी कि उनके निधन का अभिनेता पर गहरा भावनात्मक असर पड़ा।
मां के निधन के बाद जिंदगी से टूट गए थे अभिनेता
इंटरव्यू के दौरान जब गोविंदा से पूछा गया कि उनकी जिंदगी में किस देवी ने उनका दिल तोड़ा, तो उन्होंने अपनी मां का जिक्र किया। अभिनेता ने बताया कि जब उनकी मां इस दुनिया से जा रही थीं, तब उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे सब कुछ खत्म हो गया हो। मां के निधन के बाद वह गहरे सदमे में चले गए थे। गोविंदा के लिए उनकी मां सिर्फ परिवार का हिस्सा नहीं थीं, बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण थीं। उनके इस खुलासे से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मां को खोने का दर्द उनके लिए कितना गहरा था।
नर्मदा नदी में उतर गए थे Govinda
गोविंदा ने इंटरव्यू में अपने जीवन के उस बेहद मुश्किल दौर का जिक्र किया, जब उन्होंने नर्मदा नदी में उतरकर अपनी जान देने की कोशिश की थी। अभिनेता ने बताया कि वह नदी के अंदर चले गए थे और उन्हें लगा कि थोड़ा आगे जाने पर उनकी मां उन्हें मिल जाएंगी। हालांकि, इसी दौरान उन्हें अपने बच्चों का ख्याल आया। उन्होंने महसूस किया कि उन्हें अपने बच्चों के लिए जीना है। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह आत्महत्या की कोशिश थी, तो गोविंदा ने जवाब दिया कि कुछ-कुछ ऐसा ही था। अभिनेता का यह खुलासा उनके जीवन के बेहद निजी और भावुक पहलू को सामने लाता है।
मुस्लिम परिवार से थीं Govinda की मां
गोविंदा की मां निर्मला देवी का जीवन भी अपने आप में काफी दिलचस्प रहा। अभिनेता के पिता अरुण कुमार आहूजा अपने दौर के जाने-माने अभिनेता थे। उन्होंने शास्त्रीय गायिका और अभिनेत्री नजमा से शादी की थी, जो मुस्लिम थीं। शादी के बाद उनका नाम निर्मला देवी हो गया। गोविंदा ने बताया कि उनकी मां ने कुल नौ फिल्मों में काम किया था। हालांकि, वह अभिनय से ज्यादा अपनी गायकी के लिए पहचानी जाती थीं। निर्मला देवी का निधन साल 1996 में हुआ था। मां के निधन के कई वर्षों बाद भी गोविंदा के मन में उनके लिए गहरी श्रद्धा और भावनाएं कायम हैं।
मां की यादों से आज भी जुड़े हैं Govinda
गोविंदा के इस इंटरव्यू ने उनके प्रशंसकों को उनके जीवन के उस पक्ष से रूबरू कराया, जिसे आमतौर पर पर्दे पर नहीं देखा जाता। फिल्मों में अपनी कॉमेडी, डांस और शानदार अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन करने वाले गोविंदा ने बताया कि निजी जिंदगी में उन्हें भी बेहद कठिन भावनात्मक दौर से गुजरना पड़ा था। मां के निधन के बाद जिस तरह उन्होंने खुद को संभाला, उसमें उनके बच्चों की भूमिका अहम रही। आज भी गोविंदा अपनी मां को अपने जीवन की सबसे महत्वपूर्ण शख्सियतों में से एक मानते हैं।